नई दिल्ली। भारत में ऐसे कई उद्यमियों की कहानियां हैं जिन्होंने बेहद साधारण परिस्थितियों से शुरुआत कर बड़ी सफलता हासिल की। रांची के रहने वाले शशि भूषण की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक समय ऐसा था जब उनके पास एक कप चाय खरीदने के लिए भी पैसे नहीं होते थे और हर खर्च करने से पहले कई बार सोचना पड़ता था। लेकिन आज वही शशि भूषण करोड़ों रुपये के कारोबार वाली एक्सपोर्ट कंपनी चला रहे हैं और उनके उत्पाद दुनिया के कई देशों में पहुंच रहे हैं।
उनकी कंपनी YELON Export Pvt Ltd. मसालों, हाइड्रेटेड सब्जियों और अन्य फूड प्रोडक्ट्स के निर्यात के क्षेत्र में काम करती है। यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, बाजार की समझ और एक छोटे से आइडिया को बड़े कारोबार में बदलने की क्षमता शामिल है।
विदेश यात्रा के दौरान मिला बड़ा बिजनेस आइडिया
शशि भूषण ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान उन्हें थाईलैंड जाने का अवसर मिला। यह यात्रा उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में उन्होंने देखा कि वहां मसालों और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स की भारी मांग है।
उन्होंने यह भी महसूस किया कि जिन मसालों और खाद्य उत्पादों को भारत में सामान्य माना जाता है, विदेशों में वही उत्पाद कई गुना अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। इस दौरान उन्हें समझ आया कि भारतीय कृषि उत्पादों को बेहतर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के साथ वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
यहीं से उनके दिमाग में एक्सपोर्ट बिजनेस शुरू करने का विचार आया।
बाजार की समस्या को पहचाना और अवसर में बदल दिया
कई लोग अवसरों को देखते हैं लेकिन बहुत कम लोग उन पर काम करते हैं। शशि भूषण ने बाजार में मौजूद एक महत्वपूर्ण कमी को पहचाना। उन्होंने देखा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मसालों और तैयार खाद्य सामग्री की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन सप्लाई चेन उतनी व्यवस्थित नहीं है।
उन्होंने जरूरी लाइसेंस प्राप्त किए और निर्यात कारोबार की शुरुआत कर दी। शुरुआती दिनों में चुनौतियां बहुत थीं। सीमित संसाधन, कम पूंजी और विदेशी खरीदारों का भरोसा जीतना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
धीरे-धीरे उन्होंने गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के दम पर अपनी पहचान बनानी शुरू की।
हाइड्रेटेड सब्जियों का बिजनेस बना सफलता की बड़ी वजह
YELON Export Pvt Ltd. की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हाइड्रेटेड सब्जियां हैं। आज कंपनी 25 से 30 प्रकार की हाइड्रेटेड सब्जियां तैयार करती है।
हाइड्रेटेड सब्जियां ऐसी सब्जियां होती हैं जिनसे नमी निकाल दी जाती है ताकि उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। जरूरत पड़ने पर इनमें पानी मिलाकर फिर से उपयोग किया जा सकता है।
विदेशों में तेज रफ्तार जीवनशैली के कारण ऐसे उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोगों के पास अक्सर सब्जियां खरीदने, धोने, काटने और तैयार करने का समय नहीं होता। ऐसे में हाइड्रेटेड सब्जियां उनके लिए सुविधाजनक विकल्प बन जाती हैं।
यही जरूरत शशि भूषण ने सबसे पहले पहचानी और इसे अपने बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनाया।
पांच मिनट में खाना तैयार करने वाले उत्पादों की बढ़ती मांग
कंपनी केवल हाइड्रेटेड सब्जियों तक सीमित नहीं है। इसके उत्पाद पोर्टफोलियो में अदरक पाउडर, लहसुन पाउडर, सूखे टमाटर, पत्तागोभी, गाजर, चुकंदर और विभिन्न प्रकार की चटनियां तथा मसाले भी शामिल हैं।
आज दुनिया भर में रेडी-टू-कुक और इंस्टेंट फूड उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे उत्पाद समय बचाते हैं और लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। यही कारण है कि शशि भूषण के उत्पादों की मांग अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया के कई देशों में बढ़ रही है।
स्थानीय किसानों को भी मिल रहा फायदा
शशि भूषण का कारोबार केवल उनके लिए ही नहीं बल्कि स्थानीय किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हुआ है।
कंपनी बड़ी मात्रा में कच्चा माल स्थानीय किसानों से खरीदती है। इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए स्थायी बाजार मिलता है। साथ ही उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त करने में भी मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ऐसी सप्लाई चेन मॉडल बेहद महत्वपूर्ण हैं, जो किसानों और वैश्विक बाजार के बीच सीधा संबंध स्थापित करते हैं।
संघर्ष के दिन आज भी याद हैं
सफलता मिलने के बाद भी शशि भूषण अपने संघर्षों को नहीं भूले हैं। उन्होंने कई बार बताया है कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि एक कप चाय खरीदने से पहले भी उन्हें सोचना पड़ता था।
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और खुद पर भरोसा बनाए रखा। यही आत्मविश्वास आगे चलकर उनके व्यवसाय की सबसे बड़ी ताकत बना।
उनकी कहानी यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति सही अवसर को पहचान ले और लगातार मेहनत करता रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है।
आज करोड़ों का कारोबार और दर्जनों लोगों को रोजगार
आज रांची के कोकर स्थित कार्यालय से शशि भूषण अपनी कंपनी का संचालन करते हैं। उनकी कंपनी में 15 से 20 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कई कर्मचारी वर्षों से उनके साथ जुड़े हुए हैं।
कंपनी का वार्षिक कारोबार करोड़ों रुपये में पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए कंपनी अपने उत्पादों और निर्यात बाजार का विस्तार भी कर रही है।
युवाओं के लिए क्या है सीख?
शशि भूषण की सफलता की कहानी केवल एक कारोबारी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए प्रेरणा भी है। उन्होंने दिखाया कि बड़ा बिजनेस शुरू करने के लिए हमेशा बड़ी पूंजी की जरूरत नहीं होती। सही आइडिया, बाजार की समझ और लगातार मेहनत कई बार पूंजी की कमी को भी पीछे छोड़ देती है।
आज भारत सरकार भी कृषि निर्यात, फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन सेक्टर को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में नए उद्यमियों के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष
रांची के शशि भूषण की कहानी संघर्ष से सफलता तक के सफर की मिसाल है। एक समय चाय खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन आज वह करोड़ों रुपये की एक्सपोर्ट कंपनी के मालिक हैं। उन्होंने एक छोटे से आइडिया को पहचाना, उस पर भरोसा किया और उसे सफल व्यवसाय में बदल दिया। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि सही सोच, मेहनत और धैर्य के साथ किसी भी साधारण शुरुआत को असाधारण सफलता में बदला जा सकता है।


