NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    china-floating-solar-panels-harsh-goenka-reacts-china-renewable-energy-project
    China Solar Panels: चीन आखिर ऐसा क्या कर रहा है कि हर्ष गोयनका रह गए हैरान, भारत के लिए बड़ा है सबक
    4 जून 2026
    8th-pay-commission-18000-basic-salary-94000-calculation-explained
    8th Pay Commission: ₹18,000 बेसिक वालों की सैलरी ₹94,000 होगी? जानिए कितना संभव है यह गणित और क्या कहते हैं एम राघवैया
    4 जून 2026
    india-5000-ethanol-fuel-stations-plan-crude-oil-import-reduction
    विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की बड़ी तैयारी! 2027 तक बनेंगे 5,000 एथनॉल फ्यूल स्टेशन, किसानों को होगा हजारों करोड़ का फायदा
    4 जून 2026
    retirement-planning-medical-expenses-retirement-fund-guide
    Retirement Planning: बढ़ते मेडिकल खर्चों के दौर में कितना रिटायरमेंट फंड चाहिए? जानिए एक्सपर्ट्स की पूरी रणनीति
    4 जून 2026
    jk-bank-wins-gold-finacle-innovation-awards-2026-ai-analytics-platform
    फिनाकल इनोवेशन अवार्ड्स 2026 में J&K बैंक का जलवा, AI-संचालित एनालिटिक्स के लिए जीता ‘गोल्ड’
    4 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-today-gold-rises-silver-falls-market-trend-analysis
    Gold Silver Price: सोना उछला, पर चांदी हुई धड़ाम! ₹3800 तक टूटे दाम; क्या अब बदलने वाला है गोल्ड-सिल्वर का ट्रेंड?
    4 जून 2026
    rbi-gold-reserve-fact-check-india-gold-holdings-880-tonnes
    ‘सोना बेचने की खबरें पूरी तरह गलत’, RBI ने दी सफाई; जानिए भारत के पास कितना गोल्ड रिजर्व है
    3 जून 2026
    gold-silver-price-today-buy-or-wait-gold-crosses-1-56-lakh-silver-2-65-lakh
    Gold Silver Price: सोना-चांदी फिर चमके, गोल्ड ₹1.56 लाख और सिल्वर ₹2.65 लाख के पार; खरीदें या अभी करें इंतजार?
    2 जून 2026
    petrol-diesel-price-hike-crisil-warning-inflation-impact-india
    Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल 10 रुपये तक हो सकता है महंगा! CRISIL की चेतावनी, दूध से लेकर कपड़े तक बढ़ सकती हैं कीमतें
    2 जून 2026
    petrol-diesel-atf-export-duty-cut-from-1-june-will-fuel-price-decrease
    Petrol Diesel Export Duty Cut: पेट्रोल, डीजल और ATF पर घटा निर्यात शुल्क, 1 जून से लागू होंगी नई दरें; क्या आम लोगों को मिलेगा सस्ता ईंधन?
    31 मई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    rajesh-exports-revenue-gap-sebi-action-explained
    Explained: 15.15 लाख करोड़ का Revenue Gap! कैसे SEBI की जांच में फंसी Rajesh Exports? जानिए पूरा मामला
    4 जून 2026
    share-market-closed-sensex-nifty-flat-before-rbi-repo-rate-decision
    Share Market Closed: निचले स्तरों से संभला बाजार, RBI के रेपो रेट फैसले से पहले सेंसेक्स-निफ्टी सपाट बंद; निवेशकों की नजर कल पर
    4 जून 2026
    flipkart-food-delivery-movie-ticket-booking-business-zomato-swiggy-ipo-plan
    IPO से पहले Zomato वाले दीपिंदर गोयल को टक्कर देने की तैयारी में Flipkart, फूड डिलीवरी और मूवी टिकटिंग बिजनेस में एंट्री का प्लान
    3 जून 2026
    ltcg-tax-cut-government-may-reduce-long-term-capital-gains-tax-for-foreign-investors
    LTCG टैक्स में राहत की तैयारी? विदेशी निवेशकों को बड़ी सौगात देने पर विचार, शेयर बाजार को मिल सकता है सहारा
    3 जून 2026
    share-market-closed-sensex-falls-303-points-nifty-closes-at-23405-rupee-gold-price-today
    Share Market Closed: 900 अंकों की शानदार रिकवरी के बाद भी सेंसेक्स 303 अंक टूटा, निफ्टी 23,405 पर बंद; रुपये और सोने में भी कमजोरी
    3 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: अनिल अग्रवाल की वेदांता का बड़ा कारनामा! 5 साल में 25 लाख टन घटाया कार्बन उत्सर्जन, जानिए कैसे बदली पर्यावरण संरक्षण की तस्वीर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

अनिल अग्रवाल की वेदांता का बड़ा कारनामा! 5 साल में 25 लाख टन घटाया कार्बन उत्सर्जन, जानिए कैसे बदली पर्यावरण संरक्षण की तस्वीर

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/04 at 7:03 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
anil-agarwal-vedanta-reduced-25-lakh-ton-carbon-emissions-in-5-years
SHARE

नई दिल्ली। जब भी भारी उद्योगों और खनन कंपनियों की बात होती है, तब अक्सर पर्यावरण पर उनके प्रभाव को लेकर सवाल उठते हैं। लेकिन भारत के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल वेदांता ग्रुप ने इस धारणा को बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के लौह अयस्क खनन और इस्पात कारोबार ने पिछले पांच वर्षों में विभिन्न स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण पहलों के जरिए लगभग 25 लाख टन कार्बन उत्सर्जन को कम या अवशोषित करने का दावा किया है।

Contents
Highlightsआखिर 25 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करना कितना बड़ा आंकड़ा है?जलमार्ग परिवहन से हुई बड़ी बचतइलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोगअपशिष्ट ऊष्मा से बिजली उत्पादनलाखों पेड़ बन रहे कार्बन सिंकएलपीजी से प्राकृतिक गैस की ओर बढ़ रही कंपनीभारत के जलवायु लक्ष्यों में कैसे मदद मिलेगी?क्या कहा कंपनी के सीईओ ने?निष्कर्षLive Rates Today

Highlights

  • वेदांता ग्रुप ने 5 वर्षों में करीब 25 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम या अवशोषित किया।
  • जलमार्ग परिवहन से 2.1 लाख ट्रक यात्राओं के बराबर डीजल की बचत हुई।
  • गोवा और झारखंड में लाखों पेड़ लगाकर बड़े स्तर पर कार्बन अवशोषण किया गया।
  • अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति परियोजनाओं से 100 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित हुई।
  • स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक अपनाकर कंपनी ने डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी बयान में कंपनी ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ औद्योगिक प्रक्रियाओं, जलमार्ग आधारित परिवहन और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण जैसी पहलों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पहल भारत के नेट-जीरो और जलवायु परिवर्तन संबंधी लक्ष्यों के अनुरूप भी मानी जा रही है।

आखिर 25 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करना कितना बड़ा आंकड़ा है?

कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करना आज दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार लाखों टन कार्बन उत्सर्जन में कमी का अर्थ है कि वातावरण में जाने वाली ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा कम हुई, जिससे ग्लोबल वार्मिंग की रफ्तार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

वेदांता के अनुसार यह उपलब्धि किसी एक परियोजना से नहीं बल्कि कई वर्षों से चल रही विभिन्न पर्यावरणीय पहलों का संयुक्त परिणाम है। कंपनी ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, स्वच्छ ईंधन अपनाने और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन कार्यक्रमों के जरिए यह लक्ष्य हासिल किया है।

जलमार्ग परिवहन से हुई बड़ी बचत

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जलमार्ग आधारित परिवहन प्रणाली अपनाने से लगभग 2.1 लाख ट्रक यात्राओं के बराबर सड़क परिवहन कम हुआ।

इस कदम से:

  • लगभग 1.08 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई।
  • करीब 28,900 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हुआ।
  • सड़क परिवहन से होने वाले प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव में भी कमी आई।

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत जैसे बड़े देश में जलमार्ग परिवहन को बढ़ावा देना लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग

वेदांता ने अपने संचालन में इलेक्ट्रिक यात्री वाहन, इलेक्ट्रिक व्हील लोडर और फोर्कलिफ्ट जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया है।

कंपनी के अनुसार इससे हर साल लगभग 800 किलोलीटर डीजल की बचत हो रही है। डीजल खपत में कमी का सीधा असर कार्बन उत्सर्जन पर पड़ता है और यही कारण है कि इलेक्ट्रिफिकेशन को डीकार्बोनाइजेशन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

अपशिष्ट ऊष्मा से बिजली उत्पादन

वेदांता की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति (Waste Heat Recovery) परियोजना रही है।

गोवा के अमोना स्थित पिग आयरन प्लांट और झारखंड के बोकारो इस्पात संयंत्र में कंपनी ने कुल 100 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित की है।

इस पहल के कारण:

  • अतिरिक्त ईंधन की आवश्यकता कम हुई।
  • ऊर्जा दक्षता बढ़ी।
  • लगभग 2.4 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचाव हुआ।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारी उद्योगों में वेस्ट हीट रिकवरी तकनीक को कार्बन उत्सर्जन घटाने का प्रभावी उपाय माना जाता है।

लाखों पेड़ बन रहे कार्बन सिंक

कार्बन उत्सर्जन कम करने के साथ-साथ वेदांता ने कार्बन अवशोषण पर भी बड़ा ध्यान दिया है।

गोवा की संक्वेलिम पुनर्वास खदान में 100 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगभग 7.5 लाख पेड़ लगाए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह क्षेत्र हर साल लगभग 16,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है।

पिछले तीन दशकों में यह क्षेत्र करीब 4.8 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर चुका है।

इसके अलावा:

  • गोवा और बोकारो में मियावाकी पद्धति से घने वन विकसित किए गए।
  • 75,000 से अधिक पेड़ लगाए गए।
  • नियमित वृक्षारोपण अभियानों के तहत 3 लाख अतिरिक्त पौधे लगाए गए।

एलपीजी से प्राकृतिक गैस की ओर बढ़ रही कंपनी

बोकारो स्थित 15 लाख टन क्षमता वाले एकीकृत इस्पात संयंत्र में कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ मिलकर एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने की दिशा में काम कर रही है।

कंपनी के अनुसार इस बदलाव से हर साल लगभग 1,500 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने की संभावना है।

प्राकृतिक गैस को पारंपरिक ईंधनों की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है और कई उद्योग अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

भारत के जलवायु लक्ष्यों में कैसे मदद मिलेगी?

भारत ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए उद्योगों, ऊर्जा कंपनियों और खनन क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

वेदांता जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही हरित तकनीकें और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम भारत के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य औद्योगिक समूह भी इसी प्रकार की पहल करते हैं तो देश के कुल औद्योगिक कार्बन फुटप्रिंट में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

क्या कहा कंपनी के सीईओ ने?

वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) पंकज कुमार शर्मा ने कहा कि टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए उद्योगों को ऊर्जा उपयोग, परिवहन व्यवस्था और पर्यावरण के साथ अपने संबंधों पर नए सिरे से विचार करना होगा।

उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का पालन करते हुए दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना भी है।

निष्कर्ष

वेदांता का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 25 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम या अवशोषित किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग, जलमार्ग परिवहन, वेस्ट हीट रिकवरी, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ते कदम इस उपलब्धि के प्रमुख आधार रहे हैं। ऐसे समय में जब दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रही है, उद्योग जगत की इस तरह की पहलें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मानी जा सकती हैं।

Live Rates Today

  • Petrol Diesel Price Today
  • Gold Price Today
  • Silver Price Today
  • LPG Price Today
  • CNG Price Today
  • PNG Price Today

You Might Also Like

China Solar Panels: चीन आखिर ऐसा क्या कर रहा है कि हर्ष गोयनका रह गए हैरान, भारत के लिए बड़ा है सबक

8th Pay Commission: ₹18,000 बेसिक वालों की सैलरी ₹94,000 होगी? जानिए कितना संभव है यह गणित और क्या कहते हैं एम राघवैया

विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की बड़ी तैयारी! 2027 तक बनेंगे 5,000 एथनॉल फ्यूल स्टेशन, किसानों को होगा हजारों करोड़ का फायदा

Retirement Planning: बढ़ते मेडिकल खर्चों के दौर में कितना रिटायरमेंट फंड चाहिए? जानिए एक्सपर्ट्स की पूरी रणनीति

फिनाकल इनोवेशन अवार्ड्स 2026 में J&K बैंक का जलवा, AI-संचालित एनालिटिक्स के लिए जीता ‘गोल्ड’

TAGGED: Anil Agarwal, Carbon Emission, Carbon Footprint, Climate Change, Environment Day, ESG, Green Energy, Mining Industry, Net Zero, RENEWABLE ENERGY, Steel Industry, Sustainability, Tree Plantation, Vedanta
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article rajesh-exports-revenue-gap-sebi-action-explained Explained: 15.15 लाख करोड़ का Revenue Gap! कैसे SEBI की जांच में फंसी Rajesh Exports? जानिए पूरा मामला
Next Article jamsetji-tata-taj-hotel-ratan-tata-jaguar-land-rover-story अपमान का जवाब सफलता से: जब जमशेदजी टाटा ने बनाया ताज होटल और रतन टाटा ने खरीद ली फोर्ड की जगुआर-लैंड रोवर

Recent Posts

  • China Solar Panels: चीन आखिर ऐसा क्या कर रहा है कि हर्ष गोयनका रह गए हैरान, भारत के लिए बड़ा है सबक
  • Gold Silver Price: सोना उछला, पर चांदी हुई धड़ाम! ₹3800 तक टूटे दाम; क्या अब बदलने वाला है गोल्ड-सिल्वर का ट्रेंड?
  • 8th Pay Commission: ₹18,000 बेसिक वालों की सैलरी ₹94,000 होगी? जानिए कितना संभव है यह गणित और क्या कहते हैं एम राघवैया
  • विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की बड़ी तैयारी! 2027 तक बनेंगे 5,000 एथनॉल फ्यूल स्टेशन, किसानों को होगा हजारों करोड़ का फायदा
  • Retirement Planning: बढ़ते मेडिकल खर्चों के दौर में कितना रिटायरमेंट फंड चाहिए? जानिए एक्सपर्ट्स की पूरी रणनीति

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

china-floating-solar-panels-harsh-goenka-reacts-china-renewable-energy-project
China Solar Panels: चीन आखिर ऐसा क्या कर रहा है कि हर्ष गोयनका रह गए हैरान, भारत के लिए बड़ा है सबक
बिजनेस न्यूज़ 4 जून 2026
gold-silver-price-today-gold-rises-silver-falls-market-trend-analysis
Gold Silver Price: सोना उछला, पर चांदी हुई धड़ाम! ₹3800 तक टूटे दाम; क्या अब बदलने वाला है गोल्ड-सिल्वर का ट्रेंड?
कमोडिटी 4 जून 2026
8th-pay-commission-18000-basic-salary-94000-calculation-explained
8th Pay Commission: ₹18,000 बेसिक वालों की सैलरी ₹94,000 होगी? जानिए कितना संभव है यह गणित और क्या कहते हैं एम राघवैया
बिजनेस न्यूज़ 4 जून 2026
india-5000-ethanol-fuel-stations-plan-crude-oil-import-reduction
विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की बड़ी तैयारी! 2027 तक बनेंगे 5,000 एथनॉल फ्यूल स्टेशन, किसानों को होगा हजारों करोड़ का फायदा
बिजनेस न्यूज़ 4 जून 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?