GTRI ने भारत-यूरोपीय संघ FTA से पहले आयातित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच कड़ी करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में EU के कीटनाशक उपयोग और भारतीय किसानों के हितों पर बड़ा दावा किया गया है।
भारत-EU FTA से पहले GTRI की अहम सलाह
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) को लेकर एक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आया है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा है कि यदि भारत को इस समझौते का पूरा लाभ उठाना है, तो उसे आयातित खाद्य पदार्थों (Imported Food Items) की गुणवत्ता जांच के नियमों को और अधिक सख्त बनाना होगा।
GTRI का मानना है कि यूरोपीय संघ अक्सर भारतीय खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और कीटनाशकों के अवशेष (Pesticide Residues) का हवाला देकर आयात पर प्रतिबंध या अतिरिक्त शर्तें लगाता है। ऐसे में भारत को भी समान मानकों के साथ यूरोप से आने वाले खाद्य उत्पादों की वैज्ञानिक और बहु-स्तरीय जांच करनी चाहिए।
Highlights
- GTRI ने इंपोर्टेड फूड आइटम्स की गुणवत्ता जांच कड़ी करने की सलाह दी।
- रिपोर्ट में कहा गया कि EU भारतीय खाद्य उत्पादों पर अक्सर गुणवत्ता संबंधी सवाल उठाता है।
- GTRI के अनुसार EU में भारत की तुलना में कहीं अधिक कीटनाशकों का इस्तेमाल होता है।
- भारत-EU FTA के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की सिफारिश।
- अगले साल की शुरुआत तक भारत-EU FTA लागू होने की उम्मीद।
क्यों उठाया गया यह मुद्दा?
GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ समय-समय पर भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों पर कीटनाशक अवशेष, गुणवत्ता मानकों और खाद्य सुरक्षा के आधार पर सख्त कदम उठाता है। कई बार भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त परीक्षण, शिपमेंट रोकने या प्रतिबंध जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
रिपोर्ट का कहना है कि भारत में आयातित खाद्य पदार्थों की जांच प्रक्रिया अभी भी कई विकसित देशों की तुलना में कम कठोर मानी जाती है। इसलिए यदि भारत समान स्तर की जांच व्यवस्था अपनाता है, तो व्यापारिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
EU में भारत से कई गुना ज्यादा होता है कीटनाशकों का इस्तेमाल
GTRI ने अपनी रिपोर्ट में विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यूरोपीय संघ में खेती के दौरान भारत की तुलना में कहीं अधिक कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है।
| तुलना | यूरोपीय संघ (EU) | भारत |
|---|---|---|
| पंजीकृत कीटनाशकों की संख्या | 600 | 372 |
| सालाना कीटनाशकों का उपयोग | लगभग 3 लाख टन | लगभग 40 हजार टन |
| प्रति हेक्टेयर औसत उपयोग | 2.67 किलोग्राम | 0.24 किलोग्राम |
इन आंकड़ों के आधार पर GTRI का तर्क है कि यदि EU भारतीय उत्पादों पर कड़े गुणवत्ता मानक लागू करता है, तो भारत भी वैज्ञानिक आधार पर यूरोप से आने वाले खाद्य उत्पादों की समान स्तर की जांच कर सकता है।
भारतीय किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत FTA वार्ता के दौरान इस मुद्दे को मजबूती से उठाता है, तो भारतीय किसानों और खाद्य निर्यातकों को बराबरी का अवसर मिल सकता है।
इससे संभावित लाभ:
- भारतीय कृषि उत्पादों के लिए निष्पक्ष बाजार उपलब्ध होगा।
- आयातित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
- घरेलू किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
- व्यापार में समान नियम (Reciprocity) लागू करने का आधार मजबूत होगा।
भारत-EU FTA कब तक हो सकता है लागू?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही FTA वार्ताओं में हाल के महीनों में अच्छी प्रगति हुई है। दोनों पक्षों का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक समझौते पर हस्ताक्षर करना है। इसके बाद अगले वर्ष फरवरी-मार्च तक FTA लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
हाल ही में भारत ने ब्रिटेन (UK) के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते को लागू किया है। ऐसे में EU के साथ होने वाला समझौता भारत के निर्यात, निवेश और व्यापारिक संबंधों के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
FTA वार्ता में खाद्य सुरक्षा भी होगी अहम मुद्दा
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-EU FTA केवल शुल्क (Tariff) घटाने का समझौता नहीं होगा, बल्कि इसमें खाद्य सुरक्षा मानक, गुणवत्ता जांच, कृषि उत्पादों की स्वीकार्यता, तकनीकी बाधाएं और नियामकीय नियम भी अहम भूमिका निभाएंगे।
यदि भारत आयातित खाद्य पदार्थों की जांच को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत करता है, तो इससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू कृषि क्षेत्र को भी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।
निष्कर्ष
GTRI की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भारत को यूरोपीय संघ के साथ FTA पर आगे बढ़ते समय केवल बाजार पहुंच पर ही नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता जांच और समान व्यापारिक मानकों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि दोनों पक्ष पारदर्शी और समान नियमों पर सहमत होते हैं, तो यह समझौता भारतीय किसानों, खाद्य उद्योग और उपभोक्ताओं तीनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।


