प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, बढ़ती ईंधन लागत और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की चुनौती के बीच सरकार ने करीब 39,000 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न प्रावधानों और योजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। इन फैसलों का असर एविएशन सेक्टर, परिवहन व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास पर पड़ने वाला है।
सबसे ज्यादा चर्चा एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) को लेकर लिए गए फैसले की हो रही है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका सीधा असर विमानन कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है। ऐसे समय में सरकार ने एयरलाइंस को राहत देने के लिए विशेष कदम उठाया है।
ATF कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकार की बड़ी पहल
कैबिनेट ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को एकमुश्त बजटीय सहायता देने को मंजूरी दी है। इस सहायता की सीमा 10,000 करोड़ रुपये तक रखी गई है। इसका उद्देश्य भारतीय एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों को स्थिर बनाए रखना है ताकि ईंधन लागत में अचानक वृद्धि का असर हवाई सेवाओं और यात्रियों पर कम पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग की कुल परिचालन लागत में ईंधन का हिस्सा 35 से 45 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ATF की कीमतों में उतार-चढ़ाव एयरलाइंस के मुनाफे और टिकट दरों दोनों को प्रभावित करता है। सरकार का यह कदम घरेलू एविएशन सेक्टर को स्थिरता प्रदान कर सकता है।
पश्चिम एशिया संकट से भारत को क्यों है चिंता?
पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों को तेजी से प्रभावित करती है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने पर इसका असर पेट्रोल, डीजल, ATF और परिवहन लागत पर दिखाई देता है। सरकार द्वारा ATF सहायता पैकेज को इसी व्यापक आर्थिक चुनौती के संदर्भ में देखा जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए 9,585 करोड़ रुपये की योजना
कैबिनेट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दो वर्षीय विशेष योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल 9,585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसमें केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि भागीदार राज्य सरकारें कर छूट और अन्य प्रोत्साहनों के माध्यम से सहयोग करेंगी। योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाना है।
बीएस-IV वाहनों को बदलने पर मिलेगा लाभ
सरकार उन ट्रक और बस मालिकों को प्रोत्साहन देगी जिनके वाहन बीएस-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के हैं। ऐसे वाहन मालिक यदि अपने पुराने वाहनों को बीएस-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलते हैं तो उन्हें विभिन्न लाभ दिए जाएंगे।
योजना के तहत पांच वर्षों तक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा वाहन श्रेणी के अनुसार मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, माल परिवहन को तेज करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। नई परियोजनाओं से उद्योग, व्यापार और रोजगार सृजन को भी गति मिलने की संभावना है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इन फैसलों का असर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि ATF कीमतें स्थिर रहती हैं तो एयरलाइंस पर लागत का दबाव कम होगा और हवाई किरायों में अचानक वृद्धि की संभावना घट सकती है।
वहीं दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों को बदलने की योजना से वायु गुणवत्ता में सुधार, ईंधन दक्षता में वृद्धि और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने से देश के हरित परिवहन मिशन को भी मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसले सरकार की उस रणनीति को दर्शाते हैं जिसमें आर्थिक स्थिरता, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पश्चिम एशिया संकट के बीच एविएशन सेक्टर को राहत देने से लेकर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण तक, ये फैसले आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।
(स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो – PIB)


