नई दिल्ली। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल टेक कंपनी OYO के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। OYO की मूल कंपनी प्रिज्म (Prism) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से 6,650 करोड़ रुपये के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद कंपनी सार्वजनिक सूचीबद्धता (Listing) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, कंपनी अब सार्वजनिक अद्यतन विवरण पुस्तिका मसौदा (UDRHP-1) दाखिल करने की तैयारी कर रही है। यह दस्तावेज सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए 21 दिनों तक उपलब्ध रहेगा। कंपनी की योजना जुलाई 2026 की शुरुआत तक इसे दाखिल करने की है।
OYO IPO क्यों है खास?
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में OYO सबसे चर्चित कंपनियों में से एक रही है। वर्ष 2012 में युवा उद्यमी रितेश अग्रवाल ने इसकी स्थापना की थी। शुरुआत में बजट होटल एग्रीगेशन मॉडल से कारोबार शुरू करने वाली कंपनी आज भारत, अमेरिका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में अपनी मौजूदगी रखती है।
OYO का आईपीओ इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह भारतीय स्टार्टअप सेक्टर के लिए निवेशकों का भरोसा मापने वाला एक बड़ा संकेतक बन सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कई नई टेक कंपनियों की लिस्टिंग के बाद निवेशकों का रुख मिश्रित रहा है। ऐसे में OYO का बाजार में प्रवेश काफी अहम माना जा रहा है।
पहले भी दो बार टल चुका है IPO
OYO ने पहली बार 2021 में लगभग 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे। उस समय कंपनी का लक्ष्य करीब 12 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर सूचीबद्ध होना था।
इसके बाद 2023 में कंपनी ने अद्यतन वित्तीय और परिचालन आंकड़ों के साथ दोबारा आवेदन किया। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और तकनीकी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ। इसी वजह से कंपनी ने अपनी लिस्टिंग योजना को आगे बढ़ा दिया था।
अब SEBI की मंजूरी मिलने के बाद OYO तीसरी बार सार्वजनिक बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है।
कंपनी किन क्षेत्रों में कर रही विस्तार?
पिछले कुछ वर्षों में OYO ने केवल बजट होटल व्यवसाय तक खुद को सीमित नहीं रखा है। कंपनी प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
संडे होटल्स (Sunday Hotels), पैलेट होटल्स (Palette Hotels) और सेल्फ-ऑपरेटेड होटल मॉडल पर कंपनी विशेष ध्यान दे रही है। इसके अलावा OYO ने हाल ही में यूरोप के अपने लोकप्रिय ब्रांड DanCenter के माध्यम से भारत में वैकेशन होम बिजनेस में भी प्रवेश किया है।
गोवा में किराये के लिए प्रीमियम विला लॉन्च करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे कंपनी को होटल व्यवसाय के अलावा अवकाश पर्यटन (Leisure Tourism) क्षेत्र में भी नई आय के अवसर मिल सकते हैं।
SoftBank की हिस्सेदारी पर भी रहेगी नजर
OYO के सबसे बड़े निवेशकों में जापानी निवेश दिग्गज SoftBank शामिल है। IPO के दौरान निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी में किस प्रकार का बदलाव होता है।
SoftBank ने वर्षों से OYO में बड़ा निवेश किया है और कंपनी की वृद्धि में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि IPO के दौरान संस्थागत निवेशकों की रुचि काफी हद तक कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की विकास रणनीति पर निर्भर करेगी।
बोर्ड में शामिल हुए SEBI के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी
IPO की तैयारी के बीच कंपनी ने हाल ही में SEBI के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी को स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में अपने बोर्ड में शामिल किया है।
पूंजी बाजार, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामकीय मामलों में उनके लंबे अनुभव को कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेशकों के बीच कंपनी की विश्वसनीयता और मजबूत हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह IPO?
OYO का आईपीओ भारतीय स्टार्टअप सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। यदि कंपनी सफलतापूर्वक सूचीबद्ध होती है और निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया प्राप्त करती है, तो यह अन्य तकनीकी और स्टार्टअप कंपनियों के लिए भी सकारात्मक संकेत हो सकता है।
हालांकि निवेशकों को निवेश का निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, लाभप्रदता, ऋण स्तर, राजस्व वृद्धि और जोखिम कारकों का विस्तार से अध्ययन करना चाहिए। UDRHP दाखिल होने के बाद इन सभी जानकारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
निष्कर्ष
SEBI से मंजूरी मिलने के बाद OYO की पैरेंट कंपनी Prism का 6,650 करोड़ रुपये का IPO एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पिछले दो प्रयासों के बाद कंपनी अब तीसरी बार बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। हॉस्पिटैलिटी, वैकेशन होम और प्रीमियम होटल सेगमेंट में विस्तार के साथ OYO निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। अब बाजार की नजर जुलाई में दाखिल होने वाले UDRHP और आगे की लिस्टिंग प्रक्रिया पर रहेगी।
(Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)


