नई दिल्ली: ग्लोबल आईटी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) ने अपने कर्मचारियों के लिए सैलरी बढ़ोतरी (Salary Hike) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और लागत प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 50:50 सैलरी हाइक मॉडल लागू किया है। इस नए सिस्टम के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि का आधा हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी आधी राशि एकमुश्त (Lump Sum) भुगतान के रूप में दी जाएगी।
कंपनी का मानना है कि इस बदलाव से अधिक कर्मचारियों तक वेतन वृद्धि का लाभ पहुंचाया जा सकेगा, साथ ही कर्मचारियों को तत्काल नकद राशि का फायदा भी मिलेगा।
क्या है एक्सेंचर का नया 50:50 सैलरी हाइक फॉर्मूला?
कंपनी के इंटरनल डॉक्यूमेंट के मुताबिक, जून 2026 के वेतन संशोधन (Salary Revision) से यह नया नियम लागू कर दिया गया है।
नए फॉर्मूले के अनुसार यदि किसी कर्मचारी की सैलरी में कुल 3% की बढ़ोतरी तय होती है, तो:
- 1.5% बढ़ोतरी बेसिक सैलरी में जोड़ी जाएगी।
- बाकी 1.5% एकमुश्त भुगतान (Lump Sum Payment) के रूप में कर्मचारी को मिलेगा।
यानी कर्मचारी को तुरंत अतिरिक्त नकद राशि भी मिलेगी, जबकि कंपनी की लंबी अवधि की वेतन लागत पर भी नियंत्रण रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
आईटी सेक्टर पिछले कुछ समय से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, क्लाइंट खर्च में कमी और लागत नियंत्रण जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में एक्सेंचर ने यह मॉडल अपनाकर दो उद्देश्यों को साधने की कोशिश की है।
- ज्यादा कर्मचारियों को सैलरी बढ़ोतरी का लाभ देना।
- कर्मचारियों को तत्काल कैश बेनिफिट उपलब्ध कराना।
- कंपनी की भविष्य की वेतन लागत को संतुलित रखना।
कंपनी का कहना है कि इससे कर्मचारियों और संगठन दोनों को संतुलित फायदा मिलेगा।
प्रमोशन पाने वालों पर लागू नहीं होगा नियम
एक्सेंचर ने स्पष्ट किया है कि 50:50 फॉर्मूला प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
यदि किसी कर्मचारी को प्रमोशन मिलता है, तो उसकी पूरी वेतन वृद्धि पहले की तरह 100% बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी। यानी प्रमोशन के मामलों में पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
दिसंबर बोनस पर नहीं पड़ेगा असर
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल हो सकता है कि क्या जून में मिलने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर के वार्षिक बोनस की जगह लेगा?
कंपनी ने साफ किया है कि ऐसा नहीं है।
- जून का Lump Sum Payment अलग होगा।
- दिसंबर में मिलने वाला नियमित बोनस पहले की तरह जारी रहेगा।
- दोनों का एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं होगा।
बोनस की गणना कैसे होगी?
कंपनी के अनुसार:
- बेसिक सैलरी में जोड़ी गई बढ़ोतरी।
- जून में दिया गया एकमुश्त भुगतान।
दोनों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी की पात्र आय (Eligible Earnings) का हिस्सा माना जाएगा। इसी आधार पर वार्षिक बोनस की गणना की जाएगी।
VEIP और ESPP कर्मचारियों के लिए क्या होगा?
जो कर्मचारी कंपनी के Voluntary Equity Investment Program (VEIP) या Employee Stock Purchase Plan (ESPP) में शामिल हैं, उनके एकमुश्त भुगतान पर भी सामान्य कटौतियां (Standard Deductions) लागू होंगी। यानी इस राशि पर भी संबंधित नियमों के अनुसार कटौती की जाएगी।
कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस नए मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का एक हिस्सा तुरंत नकद के रूप में मिल जाएगा। हालांकि, चूंकि बेसिक सैलरी में केवल आधी बढ़ोतरी जुड़ेगी, इसलिए भविष्य में पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य बेसिक पे आधारित लाभों पर इसका कुछ प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों के लिए पहले जैसी व्यवस्था जारी रहेगी।
निष्कर्ष
एक्सेंचर का नया 50:50 सैलरी हाइक मॉडल आईटी उद्योग में बदलते आर्थिक माहौल के अनुरूप उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कंपनी अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ देने के साथ अपनी लागत को भी नियंत्रित रखना चाहती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य बड़ी आईटी कंपनियां भी इसी तरह का मॉडल अपनाती हैं।


