Highlights
- मुंबई की रिचा शर्मा ने घर के बने हेल्दी लड्डुओं से खड़ा किया सफल D2C ब्रांड
- सोसाइटी के WhatsApp ग्रुप से शुरू हुआ बिजनेस अब 15 देशों तक पहुंचा
- बिना विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग के बना लाखों रुपये का ब्रांड
- सालाना 24 लाख रुपये तक पहुंचा कारोबार, 15,000 से ज्यादा ऑर्डर पूरे
नई दिल्ली। आज के दौर में जहां ज्यादातर स्टार्टअप्स भारी निवेश, सोशल मीडिया विज्ञापन और बड़ी मार्केटिंग टीमों के भरोसे आगे बढ़ते हैं, वहीं मुंबई में रहने वाली रिचा शर्मा ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। उन्होंने घर की रसोई से शुरू हुए छोटे से काम को ऐसा ब्रांड बना दिया, जिसके प्रोडक्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 15 से ज्यादा देशों तक पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इस बिजनेस की शुरुआत किसी बड़े प्लेटफॉर्म या निवेश से नहीं बल्कि एक साधारण WhatsApp ग्रुप से हुई थी।
रिचा शर्मा का ब्रांड ‘हम्बल फ्लेवर्स’ (Humble Flavours) आज हेल्दी देसी स्नैक्स और शुद्ध घी से बने पारंपरिक लड्डुओं के लिए जाना जाता है। कभी वीकेंड पर शौक के तौर पर शुरू हुआ यह काम अब हर महीने सैकड़ों ऑर्डर पूरे कर रहा है और लाखों रुपये की कमाई करा रहा है।
बरेली से मुंबई तक का सफर, फिर बदली जिंदगी की दिशा

रिचा शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली हैं। उनकी परवरिश राजस्थान में हुई। उन्होंने जयपुर से MBA की पढ़ाई की और कॉर्पोरेट सेक्टर में अपना करियर शुरू किया। साल 2008 से 2012 के बीच उन्होंने माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में काम किया, जहां वह 70 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम संभालती थीं।
इसके बाद उन्होंने वडोदरा की एक यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी काम किया। लेकिन शादी के बाद साल 2016 में वह मुंबई शिफ्ट हो गईं। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच धीरे-धीरे उनका प्रोफेशनल करियर पीछे छूटता चला गया। रिचा बताती हैं कि दूसरे बच्चे के जन्म के बाद उन्होंने खुद से सवाल पूछा कि बच्चों के बड़े हो जाने के बाद उनकी खुद की पहचान क्या होगी। यही सवाल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना।
बच्चों के लिए बनाया हेल्दी खाना, वहीं से आया बिजनेस आइडिया
रिचा अपने बच्चों को बाजार में मिलने वाले प्रिजर्वेटिव वाले स्नैक्स नहीं खिलाना चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने घर में पारंपरिक तरीके से हेल्दी लड्डू और पौष्टिक स्नैक्स बनाना शुरू किया।
उन्होंने आटे, बेसन, रागी, बाजरा और मूंग दाल जैसी चीजों से घर पर कई तरह के हेल्दी प्रोडक्ट तैयार किए। परिवार और दोस्तों ने जब इनका स्वाद चखा तो उन्हें काफी पसंद आया। धीरे-धीरे आसपास के लोगों ने भी ऑर्डर देने शुरू कर दिए। यहीं से रिचा को लगा कि पारंपरिक भारतीय स्नैक्स को आधुनिक हेल्दी फूड के रूप में पेश किया जा सकता है।
WhatsApp ग्रुप बना पहला मार्केटप्लेस

साल 2019 में रिचा ने ‘Richa’s Platter’ नाम से छोटे स्तर पर अपना काम शुरू किया। शुरुआत में उन्हें खुद भरोसा नहीं था कि लोग पारंपरिक लड्डुओं और घर के बने स्नैक्स के लिए पैसे खर्च करेंगे।
लेकिन उन्होंने अपनी सोसाइटी के WhatsApp ग्रुप में ऑर्डर लेना शुरू किया। वहां लोगों को उनके हाथ के बने आटे और बेसन के लड्डू इतने पसंद आए कि कुछ ही समय में ऑर्डर बढ़ने लगे। धीरे-धीरे यह काम सिर्फ वीकेंड हॉबी नहीं रहा बल्कि एक बिजनेस मॉडल बनता गया। खास बात यह रही कि रिचा ने शुरुआती दौर में कोई विज्ञापन नहीं किया। उनका पूरा बिजनेस ‘वर्ड ऑफ माउथ’ यानी लोगों की तारीफ और रेफरल पर चलता रहा।
कोरोना महामारी ने बदल दी बिजनेस की दिशा
साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लोगों में हेल्दी और इम्युनिटी बढ़ाने वाले फूड की मांग तेजी से बढ़ी। इसी समय रिचा ने अपने बिजनेस को नया रूप देने का फैसला किया।
उन्होंने ‘Humble Flavours’ नाम से अपना डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड लॉन्च किया। उस समय लोग घर के बने, बिना प्रिजर्वेटिव और हेल्दी फूड विकल्प तलाश रहे थे। रिचा का बिजनेस इसी जरूरत को पूरा कर रहा था। यहीं से उनके ब्रांड को तेजी से पहचान मिलनी शुरू हुई।
भारत से विदेशों तक पहुंचा स्वाद

मुंबई के बाहर भी लोगों ने रिचा के प्रोडक्ट्स के बारे में सुनना शुरू किया। पंजाब, उत्तर प्रदेश, कोयंबटूर और कई दूसरे शहरों से ऑर्डर आने लगे। इसके बाद साल 2021 में उनके पति ने ब्रांड की वेबसाइट लॉन्च की। वेबसाइट बनने के बाद विदेशों से भी ऑर्डर मिलने लगे।
आज उनके हेल्दी लड्डू और स्नैक्स अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके समेत 15 से ज्यादा देशों तक पहुंच रहे हैं।
यह एक ऐसे बिजनेस की कहानी है जिसकी शुरुआत एक छोटे WhatsApp ग्रुप से हुई थी और आज वह इंटरनेशनल ग्राहकों तक पहुंच चुका है।
सबसे बड़ी चुनौती बनी डिलीवरी
ऑनलाइन ऑर्डर बढ़ने के साथ एक नई समस्या सामने आई। दूर-दराज के इलाकों में डिलीवरी के दौरान लड्डू टूट जाते थे या उनका आकार खराब हो जाता था।
रिचा ने इस समस्या का समाधान बेहद अनोखे तरीके से निकाला। उन्होंने अंडों की ट्रे जैसी कैविटी पैकेजिंग तैयार करवाई, जिसमें हर लड्डू अलग सुरक्षित रहता था। इस इनोवेशन ने उनके प्रोडक्ट्स को लंबी दूरी तक सुरक्षित पहुंचाने में मदद की। यही छोटी-छोटी चीजें उनके बिजनेस को अलग बनाती गईं।
बिना इन्वेंट्री के चलता है बिजनेस मॉडल
आज भी रिचा बड़े स्तर पर तैयार माल स्टोर नहीं करतीं। उन्हें जितने ऑर्डर मिलते हैं, उसी हिसाब से ताजा प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। उनके सभी प्रोडक्ट बिना प्रिजर्वेटिव के होते हैं, 100% हाइजेनिक तरीके से बनाए जाते हैं, ऑर्डर मिलने पर फ्रेश तैयार किए जाते हैं. इस मॉडल से फूड क्वालिटी बनी रहती है और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होता है।
दूसरी महिलाओं को भी मिला रोजगार
रिचा का यह बिजनेस अब सिर्फ उनकी कमाई का जरिया नहीं है। उनके साथ अब चार अन्य महिलाएं भी काम कर रही हैं। इस तरह उनका छोटा घरेलू बिजनेस महिला रोजगार का माध्यम भी बन चुका है। खासकर घर से काम करने वाली महिलाओं के लिए यह मॉडल प्रेरणादायक माना जा रहा है।
कैसे होती है लाखों की कमाई?
रिचा शर्मा ने अपने बिजनेस का फाइनेंशियल मॉडल भी काफी संतुलित रखा है। उनकी कुल कमाई का लगभग 50% हिस्सा कच्चे माल पर खर्च होता है. 15-20% लेबर कॉस्ट में जाता है. करीब 10% पैकेजिंग पर खर्च होता है. इसके अलावा वह अपनी कमाई का 5% हिस्सा सामाजिक संस्था ‘गूंज’ को दान भी करती हैं। इन सभी खर्चों के बाद भी उन्हें करीब 15-20% तक का शुद्ध मुनाफा मिल जाता है।
15,000 ऑर्डर और 350 रेगुलर ग्राहक
साल 2019 से अब तक रिचा 15,000 से ज्यादा ऑर्डर पूरे कर चुकी हैं। उनके पास 350 से ज्यादा ऐसे ग्राहक हैं जो बार-बार ऑर्डर करते हैं।
शुरुआत में जहां यह बिजनेस सालाना 50 हजार से 1 लाख रुपये तक सीमित था, वहीं अब यह करीब 24 लाख रुपये सालाना का कारोबार बन चुका है। उनके मेन्यू में अब रागी लड्डू, बाजरा लड्डू, मूंग दाल स्नैक्स, वीगन प्रोडक्ट्स, नई माताओं के लिए स्पेशल लड्डू जैसे कई हेल्दी विकल्प शामिल हैं।
छोटे बिजनेस शुरू करने वालों के लिए बड़ी सीख
रिचा शर्मा की कहानी बताती है कि सफल बिजनेस शुरू करने के लिए हमेशा बड़े निवेश या भारी मार्केटिंग बजट की जरूरत नहीं होती। अगर प्रोडक्ट अच्छा हो, ग्राहकों का भरोसा मिले और लगातार क्वालिटी बनाए रखी जाए तो छोटा काम भी बड़े ब्रांड में बदल सकता है।
यह कहानी खासकर उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो घर से अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी की वजह से कदम पीछे खींच लेते हैं।
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