भारत में पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार 25 मई 2026 को देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम 2.5 से 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹111.18 प्रति लीटर पहुंच गई है, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹2.73 ज्यादा है। वहीं दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी पेट्रोल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और टैक्स स्ट्रक्चर की वजह से भारत में पेट्रोल की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल की कीमतें ₹106.68 से बढ़कर ₹111.18 प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं। इससे आम लोगों के घरेलू बजट पर असर बढ़ने की आशंका भी गहरा गई है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल के दाम?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने का सीधा असर भारत की ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सप्लाई चिंताओं और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को ऊपर धकेला है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दर के आधार पर रोजाना रेट अपडेट करती हैं।
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल की ताजा कीमतें
नीचे देश के प्रमुख शहरों और राज्य की राजधानियों में पेट्रोल की ताजा कीमतें दी गई हैं:
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | +₹2.61 |
| मुंबई | ₹111.18 | +₹2.73 |
| कोलकाता | ₹113.47 | +₹2.86 |
| चेन्नई | ₹107.77 | +₹2.46 |
| बेंगलुरु | ₹110.93 | +₹2.84 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | +₹2.84 |
| जयपुर | ₹112.66 | +₹2.82 |
| पटना | ₹113.35 | +₹2.88 |
| लखनऊ | ₹102.05 | +₹2.77 |
| चंडीगढ़ | ₹101.51 | +₹2.56 |
| भुवनेश्वर | ₹109.22 | +₹2.95 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | +₹2.85 |
इन आंकड़ों से साफ है कि दक्षिण और पूर्वी भारत के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें दिल्ली और उत्तर भारत की तुलना में ज्यादा हैं। इसकी एक बड़ी वजह अलग-अलग राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स है।
भारत में पेट्रोल इतना महंगा क्यों है?
भारत में पेट्रोल की कीमत का बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में जाता है। पेट्रोल पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें वैट वसूलती हैं। कई राज्यों में टैक्स दरें अधिक होने की वजह से पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं।
एक लीटर पेट्रोल की कीमत में शामिल प्रमुख हिस्से कच्चे तेल की लागत, रिफाइनिंग खर्च, डीलर कमीशन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकार का वैट. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स में राहत दें तो पेट्रोल की कीमतों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि सरकारों के लिए पेट्रोल-डीजल टैक्स बड़ा राजस्व स्रोत भी है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव पूरे बाजार पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से फल-सब्जियां, दूध, किराना, ऑनलाइन डिलीवरी और रोजमर्रा की दूसरी चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के लिए खर्च बढ़ना बड़ी चुनौती बन सकता है।
पिछले 10 दिनों में कैसा रहा ट्रेंड?
पिछले 10 दिनों के दौरान भारत में पेट्रोल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। मुंबई में कीमतें ₹106.68 से बढ़कर ₹111.18 प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता अभी खत्म नहीं हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 105-110 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बना रहता है तो भारतीय बाजार में ईंधन कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
क्या आगे और महंगा होगा पेट्रोल?
तेल बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में कीमतों में और बदलाव संभव है। इसकी सबसे बड़ी वजहें हैं पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की सीमित सप्लाई, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, वैश्विक शिपिंग लागत में बढ़ोतरी अगर सरकार टैक्स में राहत नहीं देती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
भारत में पेट्रोल की कीमतें फिर से तेजी पकड़ती दिख रही हैं। मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 प्रति लीटर पहुंच चुका है, जबकि कई शहरों में कीमतें ₹115 प्रति लीटर के करीब हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, टैक्स और रुपये की कमजोरी फिलहाल ईंधन बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियां तय करेंगी कि पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर होंगे या आम लोगों पर महंगाई का बोझ और बढ़ेगा।
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