देशभर में मंगलवार 12 मई 2026 को डीजल की कीमतों में ज्यादातर शहरों में स्थिरता देखने को मिली। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आज डीजल का रेट ₹90.03 प्रति लीटर दर्ज किया गया। खास बात यह है कि मुंबई में डीजल की कीमत बीते 12 महीनों से लगभग स्थिर बनी हुई है।
भारत में 15 जून 2017 से डीजल की कीमतों में रोजाना संशोधन की व्यवस्था लागू है। इससे पहले हर 15 दिन में कीमतें बदली जाती थीं। विशेषज्ञों के मुताबिक दैनिक संशोधन से कीमतों में अचानक बड़े बदलाव का दबाव कम होता है।
देश के प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा रेट
| शहर | आज का डीजल रेट (₹/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹87.67 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | ₹92.02 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | ₹90.03 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | ₹92.39 | -₹0.01 |
| गुरुग्राम | ₹87.83 | -₹0.14 |
| नोएडा | ₹88.19 | कोई बदलाव नहीं |
| बेंगलुरु | ₹90.99 | कोई बदलाव नहीं |
| भुवनेश्वर | ₹92.69 | कोई बदलाव नहीं |
| चंडीगढ़ | ₹82.45 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | ₹95.70 | कोई बदलाव नहीं |
| जयपुर | ₹89.99 | -₹0.22 |
| लखनऊ | ₹87.76 | -₹0.10 |
| पटना | ₹91.49 | कोई बदलाव नहीं |
| तिरुवनंतपुरम | ₹96.48 | कोई बदलाव नहीं |
[source: Good Returns]
सबसे महंगा और सबसे सस्ता डीजल कहां?
आज जारी आंकड़ों के अनुसार तिरुवनंतपुरम में डीजल ₹96.48 प्रति लीटर और हैदराबाद में ₹95.70 प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो प्रमुख शहरों में सबसे ऊंचे रेट्स में शामिल हैं।
वहीं चंडीगढ़ में ₹82.45 प्रति लीटर और नई दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर के साथ डीजल अपेक्षाकृत सस्ता बना हुआ है।
कैसे तय होती हैं डीजल की कीमतें?
भारत में डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च मुख्य भूमिका निभाते हैं।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में तेल की कीमत बढ़ते ही घरेलू ईंधन बाजार पर असर दिखने लगता है।
क्या आगे बढ़ सकते हैं डीजल के दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आने वाले दिनों में डीजल के दामों पर दबाव बना सकती हैं।
अगर ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है और डॉलर मजबूत होता है तो तेल कंपनियां कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी कर सकती हैं। हालांकि फिलहाल कंपनियां कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।
आम लोगों पर क्या पड़ता है असर?
डीजल की कीमतों का असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। क्योंकि ट्रक, बसें, कृषि उपकरण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर बड़े पैमाने पर डीजल पर निर्भर हैं। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई खर्च बढ़ता है, खाद्य वस्तुएं महंगी हो सकती हैं और महंगाई पर दबाव बढ़ता है। यही वजह है कि डीजल की कीमतों को देश की आर्थिक स्थिति का अहम संकेतक माना जाता है।
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