नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में जुलाई 2026 निवेशकों के लिए बेहद व्यस्त रहने वाला है। पिछले कुछ महीनों की सुस्ती के बाद अब IPO मार्केट एक बार फिर रफ्तार पकड़ने को तैयार है। अगले महीने 12 से ज्यादा कंपनियां अपना Initial Public Offering (IPO) लॉन्च करने की तैयारी में हैं और इनके जरिए करीब ₹45,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी, घरेलू निवेशकों का बढ़ता भरोसा और शेयर बाजार की मजबूती कंपनियों को IPO लॉन्च करने के लिए अनुकूल माहौल दे रही है।
जुलाई में कौन-कौन से बड़े IPO आ सकते हैं?
जुलाई की IPO पाइपलाइन में कई बड़ी और चर्चित कंपनियां शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ा IPO SBI फंड्स मैनेजमेंट का माना जा रहा है, जिसके जरिए लगभग ₹12,000 से ₹13,000 करोड़ जुटाए जा सकते हैं।
इसके अलावा मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज करीब ₹11,000 करोड़ और क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto लगभग ₹8,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। केवल इन तीन कंपनियों के IPO से ही करीब ₹32,000 करोड़ बाजार से जुटाए जाने की संभावना है।
इसके अलावा गजा कैपिटल, नैक पैकेजिंग, इनोवेटिव व्यू सहित कई अन्य कंपनियां भी जुलाई में IPO लॉन्च कर सकती हैं।
संभावित बड़े IPO की सूची
| कंपनी | अनुमानित IPO आकार |
|---|---|
| SBI फंड्स मैनेजमेंट | ₹12,000–13,000 करोड़ |
| मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज | ₹11,000 करोड़ |
| Zepto | ₹8,000 करोड़ |
| गजा कैपिटल | लॉन्च की तैयारी |
| नैक पैकेजिंग | लॉन्च की तैयारी |
| इनोवेटिव व्यू | लॉन्च की तैयारी |
निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ रहा है?
JM Financial की एमडी एवं CEO (Investment Banking) सोनिया दासगुप्ता के अनुसार आने वाले महीनों में IPO गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता धीरे-धीरे कम हो रही है और भारतीय इक्विटी बाजार में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि मजबूत फंडामेंटल, बेहतर बिजनेस मॉडल और लंबी अवधि की ग्रोथ क्षमता वाली कंपनियों को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
इस साल IPO बाजार क्यों रहा धीमा?
साल 2026 की शुरुआत IPO बाजार के लिए अपेक्षाकृत धीमी रही। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की कमजोर भागीदारी और बाजार में उतार-चढ़ाव रही।
अप्रैल तक करीब 18 IPO लॉन्च हुए, लेकिन मई में एक भी नई कंपनी बाजार में नहीं आई। हालांकि जून के अंत तक बाजार में सुधार के संकेत मिलने लगे और अब जुलाई में IPO की बड़ी लहर देखने को मिल सकती है।
निवेशकों को किन कंपनियों पर है भरोसा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब निवेशक केवल ब्रांड नेम नहीं बल्कि कंपनी की कमाई, बिजनेस मॉडल, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ क्षमता को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
यही कारण है कि हेल्थकेयर, फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियों को बेहतर रिस्पॉन्स मिलने की संभावना जताई जा रही है।
SEBI के पास लंबी IPO पाइपलाइन
19 जून तक 173 कंपनियों को SEBI से IPO लाने की मंजूरी मिल चुकी थी। इन कंपनियों का कुल फंड जुटाने का लक्ष्य लगभग ₹2.7 लाख करोड़ है।
इसके अलावा 64 और कंपनियां अभी SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इनमें NSE का लगभग ₹30,000 करोड़ का IPO और Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO भी शामिल है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
जुलाई में IPO की संख्या काफी अधिक रहने वाली है। ऐसे में केवल GMP या शुरुआती चर्चा के आधार पर निवेश करने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, बिजनेस मॉडल, जोखिम और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का विश्लेषण करना जरूरी होगा। मजबूत कंपनियों के IPO लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं, जबकि कमजोर फंडामेंटल वाली कंपनियों से सावधानी बरतना बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार और IPO में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।


