नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी नरमी देखने को मिली है। अमेरिका द्वारा ईरानी कच्चे तेल की खरीद पर दो महीने की छूट देने की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार में राहत का माहौल बना है। इसका असर मंगलवार सुबह ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर भी दिखाई दिया और यह 3 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने 23 जून 2026 के लिए भी ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा है। देश में 25 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल के रेट में कोई संशोधन नहीं हुआ है।
अमेरिका के फैसले से नरम पड़ा कच्चा तेल
स्विटजरलैंड के बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता के बीच अमेरिकी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ईरानी कच्चे तेल की खरीद पर दो महीने की अस्थायी छूट दी जा रही है।
इस घोषणा के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
मंगलवार सुबह करीब 6 बजे:
- ब्रेंट क्रूड 3.31% टूटकर 77.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.46% बढ़कर 74.28 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल में यह गिरावट कुछ दिनों तक बनी रहती है तो भारत में भी ईंधन कीमतों पर इसका असर दिखाई दे सकता है।
मई में चार बार बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद मई महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ाए गए थे।
सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में चार बार कीमतों में बढ़ोतरी की थी।
| तारीख | पेट्रोल बढ़ोतरी | डीजल बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| 15 मई | ₹3.00 | ₹3.29 |
| 19 मई | ₹0.87 | ₹0.91 |
| 23 मई | ₹0.87 | ₹0.91 |
| 25 मई | ₹2.61 | ₹2.71 |
इसके बाद से कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
चार महानगरों में पेट्रोल के ताजा रेट
देश के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 102.12 |
| कोलकाता | 113.51 |
| मुंबई | 111.21 |
| चेन्नई | 107.77 |
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बना हुआ है। उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एविएशन फ्यूल पर कंपनियों को प्रतिदिन सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
डीजल के आज के रेट
डीजल की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
| शहर | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 95.20 |
| कोलकाता | 99.82 |
| मुंबई | 97.83 |
| चेन्नई | 99.55 |
पेट्रोल-डीजल के आज के भाव
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
क्या जल्द सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में संकेत दिए थे कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे रहती हैं तो इसका फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है।
उन्होंने कहा था कि फिलहाल भारतीय रिफाइनरियां पहले खरीदे गए महंगे कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं। जब कम कीमत पर खरीदा गया नया स्टॉक रिफाइनरियों तक पहुंचेगा, तब तेल कंपनियां खुदरा कीमतों में कटौती पर विचार कर सकती हैं।
यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का असर भारतीय बाजार तक पहुंचने में कुछ सप्ताह का समय लग सकता है।
अभी भी नुकसान में हैं सरकारी तेल कंपनियां
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर अभी भी भारी दबाव बना हुआ है।
15 जून 2026 को मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया था कि:
- पेट्रोल पर लगभग ₹30 प्रति लीटर का नुकसान।
- डीजल पर लगभग ₹27 प्रति लीटर का नुकसान।
- रोजाना कुल घाटा करीब ₹600 करोड़।
हालांकि यह नुकसान मई महीने की तुलना में कम हुआ है। 18 मई के दौरान कंपनियों का दैनिक नुकसान लगभग ₹750 करोड़ बताया गया था।
इसी वजह से तेल कंपनियां कीमतों में कटौती करने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार के ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।
ईरान संकट और तेल बाजार पर असर
विश्लेषकों के मुताबिक मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम तेल बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक रहती है और वैश्विक सप्लाई बाधित नहीं होती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है।
इसके विपरीत यदि भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ता है तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।
इसलिए आने वाले कुछ सप्ताह पेट्रोल-डीजल की कीमतों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
SMS से ऐसे जानें अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट
तेल कंपनियां रोज सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। ग्राहक SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा रेट जान सकते हैं।
- इंडियन ऑयल ग्राहक: RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें।
- BPCL ग्राहक: RSP <शहर कोड> लिखकर 9223112222 पर भेजें।
- HPCL ग्राहक: HPPRICE <शहर कोड> लिखकर 9222201122 पर भेजें।
निष्कर्ष
अमेरिका द्वारा ईरानी कच्चे तेल पर अस्थायी राहत दिए जाने से वैश्विक तेल बाजार में दबाव कम हुआ है और ब्रेंट क्रूड 3% से ज्यादा गिर गया है। हालांकि भारतीय उपभोक्ताओं को अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा तेल मौजूदा स्तर पर बना रहता है और रिफाइनरियों तक सस्ता स्टॉक पहुंचता है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की संभावना बन सकती है।


