भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से ठीक पहले केंद्र सरकार ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने आगरा में “Agra: World Capital of Footwear” ब्रांड कैंपेन लॉन्च किया है। यह सिर्फ एक प्रमोशनल पहल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक मंच पर ले जाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत और New Zealand के बीच लंबे समय से लंबित FTA पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, जिसे दोनों देश आर्थिक संबंधों के नए युग की शुरुआत मान रहे हैं।
क्यों अहम है “World Capital of Footwear” कैंपेन?
आगरा पहले से ही भारत के सबसे बड़े फुटवियर क्लस्टर्स में शामिल है। यहां हजारों छोटे और मध्यम उद्योग (MSMEs) जूते-चप्पल और लेदर उत्पादों का निर्माण करते हैं। इस नए ब्रांड कैंपेन का मकसद आगरा को एक ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करना है।
सरकार का मानना है कि यह अभियान न सिर्फ निर्यात को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को भी मजबूती देगा—खासकर महिलाओं और कारीगरों के लिए।
FTA से क्या बदलेगा?
भारत-न्यूजीलैंड FTA को लेकर सरकार काफी आशावादी है। मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते के तहत करीब 70% भारतीय उत्पाद न्यूजीलैंड में बिना शुल्क (duty-free) प्रवेश कर सकेंगे।
इसका सीधा फायदा इन सेक्टर्स को मिलेगा:
- लेदर और फुटवियर
- हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट
- स्पोर्ट्स गुड्स
- फार्मा और मेडिकल डिवाइस
- लाइट इंजीनियरिंग
इससे खासकर MSME सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा, जो भारत की निर्यात अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
कारीगरों और छोटे उद्योगों के लिए बड़ा मौका
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि यह समझौता केवल बड़े उद्योगों के लिए नहीं है, बल्कि छोटे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि:
- “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP) योजना को वैश्विक बाजार मिलेगा
- हाथ से काम करने वाले कारीगरों, बढ़ई और शिल्पकारों को नए ऑर्डर मिलेंगे
- महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी
यह बदलाव खासकर आगरा जैसे शहरों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जहां बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक उद्योगों से जुड़े हैं।
भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों में नया अध्याय
इस मौके पर न्यूजीलैंड के ट्रेड और इन्वेस्टमेंट मंत्री Todd McClay भी मौजूद रहे। उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को अब तक का सबसे मजबूत बताया और कहा कि उनकी सरकार भारत को एक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखती है।
उन्होंने बिजनेस कम्युनिटी से भारत में निवेश और जॉइंट वेंचर के अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू होने की संभावना भी जताई, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
“पीपल-सेंट्रिक पार्टनरशिप” की दिशा में कदम
पीयूष गोयल ने इस FTA को प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुरूप “पीपल-सेंट्रिक पार्टनरशिप” की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनका कहना है कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के बीच रिश्तों को भी मजबूत करेगा।
आगरा की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
आगरा का फुटवियर उद्योग पहले से ही लाखों लोगों को रोजगार देता है। यदि यह ब्रांडिंग और FTA दोनों सफल होते हैं, तो:
- निर्यात में तेज़ी आएगी
- नए निवेश आकर्षित होंगे
- स्थानीय रोजगार बढ़ेगा
- शहर की वैश्विक पहचान मजबूत होगी
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सरकार सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर भी समान ध्यान देती है, तो आगरा वास्तव में “World Capital of Footwear” बन सकता है।
निष्कर्ष
“Agra: World Capital of Footwear” कैंपेन और भारत-न्यूजीलैंड FTA, दोनों मिलकर भारत के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं। यह पहल केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी संकेत है—जहां छोटे कारीगर, महिलाएं और MSMEs वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकते हैं।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह रणनीति जमीन पर कितनी तेजी से असर दिखाती है और क्या आगरा सच में दुनिया की फुटवियर राजधानी बन पाता है।
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