Tehri Garhwal (Uttarakhand), 23 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। चंबा ब्लॉक के नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर एक वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई में गिर गया, जिसमें 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा ऐसे समय पर हुआ जब पहाड़ी इलाकों में यात्रा पहले से ही चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, खासकर संकरी और घुमावदार सड़कों के कारण।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन चंबा-कोटी रोड पर नैल इलाके के पास जा रहा था। अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन सीधे गहरी खाई में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक:
- सड़क बेहद संकरी और ढलान वाली थी
- वाहन तेज मोड़ पर संतुलन खो बैठा
- गाड़ी लगभग 300 मीटर नीचे खाई में गिरी
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मौके पर मची अफरा-तफरी
जैसे ही हादसे की सूचना स्थानीय लोगों को मिली, इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया।
कुछ ही देर में:
- SDRF (State Disaster Response Force) की टीम मौके पर पहुंची
- पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी राहत कार्य में जुटीं
- स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू में मदद की
खाई की गहराई अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में बचे 2 घायलों को तुरंत जिला अस्पताल बौराड़ी (Tehri District Hospital) में भर्ती कराया गया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अमित राय के अनुसार:
- दोनों घायल मरीजों की हालत स्थिर है
- उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है
- गंभीर चोटें नहीं बताई गई हैं
डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती इलाज के बाद स्थिति नियंत्रण में है।
प्रशासनिक जानकारी: कुल 11 लोग थे वाहन में
उप-जिलाधिकारी (SDM) घनसाली अलकेश नौटियाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:
- वाहन में कुल 11 लोग सवार थे
- 8 लोगों की मौत हो चुकी है
- 2 लोग घायल हैं
- 1 व्यक्ति की स्थिति को लेकर जांच जारी है
उन्होंने यह भी बताया कि सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे चला?
SDRF और पुलिस ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य चुनौतियाँ थीं:
- खाई की अत्यधिक गहराई (लगभग 300 मीटर)
- खराब सड़क संपर्क
- मौसम और इलाके की कठिन भौगोलिक स्थिति
इसके बावजूद टीमों ने कई घंटों की मेहनत के बाद सभी लोगों को बाहर निकाला।
मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए:
- घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए
- सभी आवश्यक सहायता तुरंत दी जाए
- प्रशासन राहत कार्य में तेजी लाए
उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की।
पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसे क्यों बढ़ते हैं?
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। इसके पीछे कई कारण हैं:
1. संकरी और खतरनाक सड़कें
अधिकतर पहाड़ी सड़कें बहुत संकरी होती हैं।
2. तीखे मोड़ और ढलान
ड्राइविंग के दौरान संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है।
3. ड्राइवर की थकान या गलती
लंबी दूरी और कठिन रास्तों के कारण दुर्घटना की संभावना बढ़ती है।
4. सुरक्षा बैरियर की कमी
कई जगहों पर खाई किनारे मजबूत रेलिंग नहीं होती।
स्थानीय लोगों की चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा सुधार की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- कई जगह सड़कें जर्जर हैं
- सुरक्षा दीवारें कमजोर हैं
- रात में दृश्यता बेहद कम हो जाती है
आगे क्या?
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि:
- वाहन में तकनीकी खराबी थी या नहीं
- चालक की गलती थी या सड़क की स्थिति जिम्मेदार है
- क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था
निष्कर्ष
टिहरी गढ़वाल हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौती को सामने लाता है। 8 लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
सरकार और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


