पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत ने साफ किया है कि देश में ईंधन आपूर्ति और समुद्री संचालन पूरी तरह स्थिर हैं। सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।
इस बीच सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और करोड़ों सिलेंडर हर दिन वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही, संकट प्रभावित क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी भी तेजी से की जा रही है।
LPG सप्लाई पूरी तरह सामान्य, 51.5 लाख सिलेंडर की डिलीवरी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश में एलपीजी की सप्लाई पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ा है। मंत्रालय ने बताया कि एक ही दिन में 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं, जो सामान्य सप्लाई सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देशभर में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास गैस की कमी नहीं है और सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है।
मंत्रालय के अनुसार, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य जरूरी संस्थानों को एलपीजी और पीएनजी सप्लाई में प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर न पड़े।
“किसी भी गैस एजेंसी में ड्राई-आउट नहीं”: सरकार का दावा
सरकारी बयान में यह भी कहा गया है कि देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर “ड्राई-आउट” यानी गैस खत्म होने की स्थिति नहीं है।
यह दावा ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पश्चिम एशिया के तनाव के कारण सप्लाई चेन पर दबाव की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन भारत सरकार का कहना है कि घरेलू प्रबंधन मजबूत है और आवश्यक स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता, 98% ऑनलाइन बुकिंग
सरकार ने बताया कि एलपीजी बुकिंग में अब डिजिटल सिस्टम का बड़ा रोल हो गया है। मंत्रालय के अनुसार, देश में लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन हो रही है।
इसके अलावा, Delivery Authentication Code (DAC) आधारित डिलीवरी भी बढ़कर लगभग 93 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसका उद्देश्य गैस सिलेंडर की डिलीवरी में पारदर्शिता बढ़ाना और गलत उपयोग को रोकना है।
यह डिजिटल बदलाव सप्लाई सिस्टम को अधिक सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य बना रहा है।
वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर: PNG और इलेक्ट्रिक कुकटॉप की अपील
सरकार ने नागरिकों से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाने की भी अपील की है। मंत्रालय ने कहा है कि लोग PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस), इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्पों को अपनाएं।
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि अब तक 26,000 से अधिक PNG उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से एलपीजी कनेक्शन छोड़े हैं, जो ऊर्जा संक्रमण की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भविष्य में ऊर्जा मांग को संतुलित करने में मदद करेगा।
कमर्शियल LPG सप्लाई में भी बढ़ोतरी
औद्योगिक क्षेत्र में सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए सरकार ने कमर्शियल एलपीजी आवंटन को बढ़ाकर लगभग 70 प्रतिशत प्री-क्राइसिस स्तर तक पहुंचा दिया है।
इससे होटल, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक इकाइयों को राहत मिली है और उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सरकार का कहना है कि यह कदम सप्लाई चेन को स्थिर रखने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अवैध भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि हाल के दिनों में देशभर में 3400 से अधिक छापेमारी की गई है ताकि किसी भी तरह की गैस जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग को रोका जा सके।
इसके साथ ही दोषी पाए जाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया गया है।
सरकार का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।
समुद्री सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित: कोई घटना नहीं
शिपिंग मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत के समुद्री संचालन पर भी कोई असर नहीं पड़ा है। सभी भारतीय जहाज सुरक्षित हैं और किसी भी तरह की घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है।
एक महत्वपूर्ण अपडेट में बताया गया कि भारत का झंडा लगा LPG जहाज “Jag Vikram” स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुका है और वह मुंबई की ओर बढ़ रहा है।
इस जहाज में लगभग 20,400 मीट्रिक टन LPG लोड है, जो 15 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
8.7 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी
सरकार ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी लगातार जारी है। अब तक लगभग 8.71 लाख भारतीय नागरिक भारत लौट चुके हैं, जिनमें हाल ही में हजारों लोग शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कई देशों में हवाई मार्ग सीमित होने के बावजूद भारत ने वैकल्पिक रूट्स के जरिए नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की है।
यूएई, सऊदी अरब, ओमान और कतर से विशेष उड़ानों के जरिए लोगों को वापस लाया जा रहा है।
ईरान, इराक और अन्य देशों से निकासी अभियान
सरकार ने बताया कि ईरान से भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। वहीं इराक और इजरायल जैसे देशों से भी वैकल्पिक रूट्स के जरिए निकासी की जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सभी भारतीय दूतावास 24×7 हेल्पलाइन के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं।
सरकार की अपील: “घबराहट में खरीदारी न करें”
सरकार ने स्पष्ट रूप से जनता से अपील की है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की “पैनिक बाइंग” न करें।
मंत्रालय ने कहा कि देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर है। सभी जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होनी चाहिए।
निष्कर्ष: वैश्विक संकट के बावजूद भारत की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत ने यह साबित किया है कि उसकी ऊर्जा और सप्लाई चेन व्यवस्था मजबूत और स्थिर है।
एक तरफ जहां 51 लाख से अधिक LPG सिलेंडर की रोजाना सप्लाई हो रही है, वहीं दूसरी तरफ लाखों भारतीयों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की जा रही है।
सरकार के अनुसार, यह स्थिति भारत की मजबूत प्रबंधन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को दर्शाती है।
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