Cricket World Cup 2027 Format: वनडे वर्ल्ड कप 2027 के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में किए गए बदलाव को लेकर क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड का कहना है कि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है और ऐसे समय में फॉर्मेट बदलने का फैसला एसोसिएट देशों के लिए बड़ा झटका है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन और टूर्नामेंट फॉर्मेट में बदलाव किया है। नए सिस्टम के तहत वर्ल्ड कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 12 टीमों की जगह सीधे मुख्य टूर्नामेंट में तय होगी, जबकि 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली टीमों को पहले एक अतिरिक्त क्वालिफाइंग मुकाबला खेलना होगा।
इन तीन टीमों में से केवल एक टीम ही मुख्य टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर पाएगी। इसके बाद वर्ल्ड कप में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा और प्रत्येक ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी।
2027 में तीन देशों में होगा वनडे वर्ल्ड कप
वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में किया जाना है। टूर्नामेंट में 14 टीमों के शामिल होने की योजना है, लेकिन नए क्वालिफिकेशन सिस्टम ने एसोसिएट देशों की चिंता बढ़ा दी है।
क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर ICC के फैसले पर आपत्ति जताई। दोनों बोर्ड का कहना है कि इतने बड़े बदलाव टूर्नामेंट से ठीक पहले करने के बजाय सदस्य देशों को पहले से पर्याप्त जानकारी और तैयारी का समय दिया जाना चाहिए था।
फॉर्मेट में बदलाव से नाराज हैं दोनों बोर्ड
क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB ने संयुक्त बयान में कहा कि वे ICC के हालिया फैसले से बेहद निराश हैं। उनके मुताबिक 50 ओवर के वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।
दोनों बोर्ड ने कहा कि ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं। उनका मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्रिकेट को विकसित करने और नए देशों तक पहुंचाने के लिए जो प्रगति हुई है, ऐसे फैसले उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बोर्डों का कहना है कि एसोसिएट देशों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ रही है। ऐसे में वर्ल्ड कप में पहुंचने के अवसर सीमित करना क्रिकेट के वैश्विक विस्तार के उद्देश्य के अनुरूप नहीं है।
‘उभरती टीमों के मौके कम करना सही संदेश नहीं’
क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB ने कहा कि जब क्रिकेट की कोशिश दुनिया के नए हिस्सों तक पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी स्थिति मजबूत करने की है, तब उभरती हुई टीमों के अवसर कम करना सही संदेश नहीं देता।
दोनों बोर्ड ने फॉर्मेट में बदलाव से ज्यादा इस बात पर भी सवाल उठाया कि यह फैसला किस प्रक्रिया के तहत लिया गया। उनका कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण बदलावों से पहले एसोसिएट सदस्यों के साथ पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बदलावों के प्रभाव और उन्हें लागू करने के तरीके को लेकर उनकी गंभीर चिंताएं हैं।
एसोसिएट देशों को मिलना चाहिए था पर्याप्त समय
दोनों बोर्डों ने कहा कि एसोसिएट सदस्यों को नए नियमों को समझने, उनके प्रभाव का आकलन करने और अपनी टीमों की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था।
बयान के मुताबिक, क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और अन्य एसोसिएट सदस्यों ने ICC के साथ दो बार बैठक की। इन बैठकों में बोर्डों ने नए बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी।
दोनों देशों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण बदलावों को लागू करने से पहले सदस्य देशों को यह समझना जरूरी है कि नई व्यवस्था उनके लिए किस तरह काम करेगी और वर्ल्ड कप तक पहुंचने की उनकी संभावनाओं पर इसका क्या असर पड़ेगा।
ICC के जवाब का इंतजार
क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB ने यह भी दावा किया कि दूसरी बैठक को दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है।
दोनों बोर्ड ने कहा कि उन्होंने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग आयोजित करने का अनुरोध भी किया था। उनका कहना है कि उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए अब तक जवाब नहीं मिलना निराशाजनक है।
ICC से दोबारा बातचीत की अपील
क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB ने ICC से अपील की है कि वह एसोसिएट सदस्यों के साथ दोबारा बातचीत करे और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुने।
दोनों बोर्ड चाहते हैं कि ICC सभी सदस्य देशों के साथ खुली और स्पष्ट चर्चा करे, ताकि भविष्य में ऐसे फैसले लेते समय एसोसिएट देशों के हितों को भी उचित महत्व मिले।
उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लंबे समय तक मजबूत बनाने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है जिसमें मौजूदा बड़ी क्रिकेट टीमों के साथ-साथ उभरते देशों को भी बड़े टूर्नामेंट में अपनी पहचान बनाने के पर्याप्त अवसर मिलें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
वर्ल्ड कप क्रिकेट का सबसे बड़ा वनडे टूर्नामेंट है और एसोसिएट देशों के लिए इसमें जगह बनाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के विकास का अहम हिस्सा माना जाता है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड जैसे देशों ने पिछले वर्षों में कई मौकों पर मजबूत प्रदर्शन किया है।
ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर दोनों बोर्ड की नाराजगी सिर्फ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। यह विवाद इस बड़े सवाल से भी जुड़ा है कि ICC भविष्य में एसोसिएट देशों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर तक पहुंचने के कितने अवसर देता है।
अब देखना होगा कि ICC इन दोनों बोर्ड की आपत्तियों पर क्या जवाब देता है और क्या 2027 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट को लेकर आगे कोई बदलाव या अतिरिक्त स्पष्टता दी जाती है।


