Heavy Rain Alert: देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। 11 अगस्त 2026 को जारी साप्ताहिक मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और अन्य मौसमी प्रणालियों के असर से देश के 17 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 11 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 12 अगस्त को भी यहां बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तट तक कई क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में मानसूनी सिस्टम का जबरदस्त असर देखने को मिला। पूर्वी राजस्थान में असाधारण रूप से भारी बारिश दर्ज की गई, जहां कुछ स्थानों पर 30 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 21 सेंटीमीटर से ज्यादा अत्यंत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मेघालय में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड हुई।
इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून का प्रभाव फिलहाल देश के कई हिस्सों में काफी मजबूत है और आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां कम होने के बजाय कई क्षेत्रों में और बढ़ सकती हैं।
दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। दिल्ली-NCR और हरियाणा में 11 और 12 अगस्त के साथ-साथ 14 और 15 अगस्त को भी व्यापक बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक 14 से 17 अगस्त के बीच इन क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। ऐसे में दिल्ली-NCR में जलभराव, ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होने और निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका बनी रहेगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अगस्त को आकाशीय बिजली और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं 14 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 17 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 14 से 17 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
राजस्थान के लिए इस सप्ताह मौसम विभाग ने खास चेतावनी जारी की है। पूर्वी राजस्थान में 11 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 12 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। 13 और 14 अगस्त को भी यहां भारी बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 12 अगस्त को कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। जिन क्षेत्रों में पहले से मिट्टी में नमी अधिक है, वहां स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भी आफत जारी
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में अगले सात दिनों तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं का जोखिम भी बढ़ जाता है।
हिमाचल प्रदेश में 11 और 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा 12, 13 और 15 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 11 से 13 अगस्त और फिर 15 से 17 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 12 से 17 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश का दौर बना रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का प्रभाव मध्य भारत के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 11 से 13 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 11 से 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
विदर्भ में 12 और 13 अगस्त के अलावा 17 अगस्त को भी व्यापक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण मध्य भारत के कई जिलों में निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।
बिहार और ओडिशा में भी बढ़ेगी बारिश
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ओडिशा में 11 से 13 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
बिहार में 11 से 13 अगस्त के दौरान छिटपुट बारिश के बाद 14 से 17 अगस्त के बीच बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 11 और 12 अगस्त को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। समुद्री गतिविधियों के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले सात दिनों के दौरान मानसून काफी सक्रिय रहने वाला है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 12 से 17 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना है। इनमें 15 से 17 अगस्त के बीच अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अगस्त तक लगातार भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी और नदी घाटी वाले इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी बारिश का दौर
पश्चिमी भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कोंकण और गोवा में 11 से 15 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।
मध्य महाराष्ट्र में 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
दक्षिण भारत में भी जारी रहेगा मानसून का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम है। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 11 से 17 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु में 11 से 13 अगस्त के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान को देखते हुए खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को आंधी-तूफान के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
अगले 7 दिनों में किन राज्यों पर ज्यादा असर?
IMD के साप्ताहिक पूर्वानुमान के मुताबिक राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और कई अन्य क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि हर राज्य में बारिश की तीव्रता और समय अलग-अलग रहेगा। कुछ इलाकों में भारी बारिश कुछ दिनों तक सीमित रह सकती है, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में लंबे समय तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
बारिश के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना बेहतर रहेगा।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति कम रखने और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर अगले सात दिन देश के कई हिस्सों के लिए बारिश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में राजस्थान, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है।
11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में शिफ्ट होगा। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए और भारी बारिश या आकाशीय बिजली के दौरान जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।


