Varanium Cloud SEBI Action: SME कंपनी Varanium Cloud पर SEBI ने बड़ा एक्शन लिया है। रेगुलेटर ने कंपनी, उसके प्रमोटर हर्षवर्धन हनमंत साबले और सात अन्य लोगों पर कुल ₹33.08 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही Varanium Cloud और साबले को 7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया गया है। SEBI की जांच में कंपनी के वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने और IPO व राइट्स इश्यू से जुटाई गई रकम के डायवर्जन से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
SEBI ने Varanium Cloud को ₹62.51 करोड़ की डायवर्ट की गई रकम वापस लाने का आदेश दिया है। इस रकम पर संबंधित तारीखों से 12% सालाना ब्याज भी देना होगा। वहीं, प्रमोटर हर्षवर्धन साबले को करीब ₹128.77 करोड़ के अवैध लाभ को 12% सालाना ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया गया है।
7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से बैन
SEBI के आदेश के मुताबिक Varanium Cloud और हर्षवर्धन हनमंत साबले को 7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से बाहर कर दिया गया है। इस अवधि में साबले को किसी लिस्टेड कंपनी या SEBI-रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी में डायरेक्टर के रूप में जुड़े रहने से भी रोक दिया गया है।
रेगुलेटर ने मामले में कंपनी और संबंधित व्यक्तियों पर कुल ₹33.08 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। SEBI की कार्रवाई कंपनी के पब्लिक इश्यू से जुड़े फंड के इस्तेमाल और निवेशकों के सामने पेश की गई जानकारी में कथित गड़बड़ियों के आधार पर हुई है।
₹62.51 करोड़ के फंड डायवर्जन का मामला
SEBI के 155 पेज के आदेश में फंड के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर बातें सामने आई हैं। रेगुलेटर के अनुसार, Varanium Cloud के पब्लिक इश्यू से जुटाई गई रकम में से ₹18.98 करोड़ और राइट्स इश्यू से जुटाई गई ₹43.53 करोड़ की रकम को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया।
इस तरह दोनों इश्यू से जुटाई गई कुल ₹62.51 करोड़ की रकम के डायवर्जन का मामला सामने आया। SEBI ने कंपनी को यह पूरी रकम 12% सालाना ब्याज के साथ वापस लाने का निर्देश दिया है।
प्रॉस्पेक्टस में गलत जानकारी देने का आरोप
SEBI ने अपनी जांच में पाया कि Varanium Cloud, साबले, विनायक वसंत जाधव, मुकुंदन राघवन और फहीम शेख ने कंपनी के प्रॉस्पेक्टस में गलत या भ्रामक जानकारी देने में भूमिका निभाई।
रेगुलेटर के अनुसार, कंपनी ने अपने लेटर ऑफ ऑफर में चल रहे कुछ मुकदमों की जानकारी भी नहीं दी थी। SEBI ने माना कि निवेशकों के सामने कंपनी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पूरी तरह से पेश नहीं की गई।
साबले को ₹128.77 करोड़ का अवैध लाभ
SEBI के मुताबिक हर्षवर्धन साबले का Varanium Cloud के IPO और राइट्स इश्यू से जुटाई गई रकम की आवाजाही पर महत्वपूर्ण नियंत्रण था। रेगुलेटर ने कहा कि उन्होंने फंड ट्रांसफर को मंजूरी दी थी।
जांच में यह भी पाया गया कि डायवर्ट की गई ₹62.51 करोड़ की रकम में से करीब ₹32.73 करोड़ साबले से जुड़े ट्रांसफर में गए थे।
इसके अलावा SEBI के अनुसार साबले ने Varanium Cloud के शेयरों में ट्रेडिंग से करीब ₹128.77 करोड़ का अवैध लाभ कमाया। इसी रकम को वापस करने का आदेश भी दिया गया है। इस पर शेयरों की बिक्री की तारीख से रकम जमा होने तक 12% सालाना ब्याज देना होगा।
दो अन्य लोगों पर भी SEBI की कार्रवाई
SEBI की कार्रवाई में Athos Capital Advisors और BM Traders के प्रोपराइटर राज जगतानी का नाम भी सामने आया है। रेगुलेटर के मुताबिक इन दोनों को Varanium Cloud और साबले से रकम मिली थी और उन्होंने इस मामले में महत्वपूर्ण लाभ हासिल किया।
SEBI के होलटाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने आदेश में कहा कि साबले ने IPO और राइट्स इश्यू से प्राप्त पैसों की आवाजाही पर नियंत्रण रखा और फंड ट्रांसफर को मंजूरी दी।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
SEBI की यह कार्रवाई निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर SME कंपनियों के शेयरों में निवेश करने वालों के लिए। SME शेयरों में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, प्रमोटर होल्डिंग, फंड के इस्तेमाल, कॉरपोरेट घोषणाओं और रेगुलेटरी डिस्क्लोजर की जांच करना जरूरी है।
Varanium Cloud मामले में SEBI ने फंड के डायवर्जन और निवेशकों के सामने महत्वपूर्ण जानकारी पेश किए जाने से जुड़े गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे मामलों से यह भी स्पष्ट होता है कि केवल शेयर की कीमत या तेजी देखकर निवेश करने के बजाय कंपनी के कारोबार और रेगुलेटरी रिकॉर्ड को समझना जरूरी है।
पीटीआई से इनपुट के साथ।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


