Hindustan Copper Share Price: सरकारी कंपनी के शेयर में OFS के बाद दबाव देखने को मिला है। हालांकि Anand Rathi ने Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹715 का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज को कॉपर प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, मजबूत कॉपर कीमतों और बेहतर कमाई से आगे शेयर में तेजी की उम्मीद है।
सरकारी कंपनी Hindustan Copper के शेयर में मंगलवार को तेज गिरावट देखने को मिली। सरकार की हिस्सेदारी बिक्री यानी OFS (Offer for Sale) के चलते शेयर पर दबाव बना और यह 7.45% गिरकर ₹531.40 पर बंद हुआ। हालांकि, गिरावट के बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi Institutional Equities ने स्टॉक पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है।
ब्रोकरेज ने हिंदुस्तान कॉपर के लिए ₹715 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से करीब 34.65% ऊपर है। Anand Rathi का मानना है कि OFS से कंपनी के कारोबार की बुनियाद में कोई बदलाव नहीं आया है और आने वाले समय में प्रोडक्शन बढ़ने तथा कॉपर की मजबूत कीमतों से कंपनी को फायदा मिल सकता है।
OFS के बाद शेयर में दबाव अस्थायी हो सकता है
Anand Rathi के मुताबिक, OFS के बाद कुछ समय तक हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में उतार-चढ़ाव और दबाव बना रह सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज को ₹490-500 के स्तर के आसपास से रिकवरी की संभावना नजर आती है।
ब्रोकरेज के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा के अनुसार, सरकार की हिस्सेदारी बिक्री को कंपनी के ऑपरेशनल या फंडामेंटल बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। OFS मुख्य रूप से सरकार की हिस्सेदारी कम करने से जुड़ा कदम है, जबकि कंपनी का कारोबार और कमाई की क्षमता अलग-अलग कारोबारी कारकों पर निर्भर करती है।
कॉपर प्रोडक्शन और कीमतें रहेंगी सबसे अहम
आने वाले समय में हिंदुस्तान कॉपर के शेयर के लिए प्रोडक्शन वॉल्यूम सबसे बड़ा ट्रिगर हो सकता है। कंपनी की कमाई पर कॉपर की कीमतों का सीधा प्रभाव पड़ता है। अगर कॉपर की कीमतें मजबूत बनी रहती हैं और कंपनी उत्पादन बढ़ाने में सफल रहती है, तो इससे रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों को सपोर्ट मिल सकता है।
ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी कंपनी के लिए सकारात्मक कारक हो सकती है, क्योंकि कॉपर की ग्लोबल कीमतों और रुपये की चाल का कंपनी के कारोबार पर असर पड़ता है।
वैल्यूएशन महंगा, लेकिन आउटलुक मजबूत
वैल्यूएशन के लिहाज से हिंदुस्तान कॉपर का शेयर सस्ता नहीं है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी करीब 16-18 गुना फॉरवर्ड EV/EBITDA के आसपास कारोबार कर रही है।
पहली नजर में यह वैल्यूएशन ऊंचा लग सकता है। हालांकि Anand Rathi का मानना है कि दुनियाभर की कॉपर माइनिंग कंपनियां भी कॉपर के मजबूत लॉन्ग टर्म आउटलुक को देखते हुए प्रीमियम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं।
यानी अगर आने वाले वर्षों में कॉपर की मांग और कीमतें मजबूत रहती हैं तथा हिंदुस्तान कॉपर अपना उत्पादन बढ़ाने में सफल रहता है, तो मौजूदा वैल्यूएशन को बेहतर कमाई के जरिए सपोर्ट मिल सकता है।
सरकार की हिस्सेदारी से बड़ी चिंता नहीं
OFS के बाद भी सरकार के पास हिंदुस्तान कॉपर में 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रहने की उम्मीद है। Anand Rathi के मुताबिक, सरकार की बची हुई हिस्सेदारी फिलहाल कोई बड़ी चिंता नहीं है।
इसके उलट, OFS के जरिए कंपनी का पब्लिक फ्लोट बढ़ने से शेयर की लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है। ज्यादा शेयर बाजार में उपलब्ध होने से निवेशकों के लिए स्टॉक में ट्रेडिंग और निवेश करना आसान हो सकता है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
हिंदुस्तान कॉपर में आगे तेजी की संभावना मुख्य रूप से कुछ महत्वपूर्ण फैक्टर्स पर निर्भर करेगी:
- कंपनी के कॉपर प्रोडक्शन में कितनी बढ़ोतरी होती है।
- ग्लोबल कॉपर कीमतों का रुख कैसा रहता है।
- कंपनी की बिक्री और EBITDA में कितनी वृद्धि होती है।
- रुपये की चाल का कंपनी की कमाई पर क्या असर पड़ता है।
- OFS के बाद शेयर में बिकवाली का दबाव कितने समय तक रहता है।
कुल मिलाकर, OFS ने भले ही शॉर्ट टर्म में हिंदुस्तान कॉपर के शेयर पर दबाव बनाया हो, लेकिन Anand Rathi का मानना है कि कंपनी के लॉन्ग टर्म फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। ब्रोकरेज का ₹715 का टारगेट मौजूदा स्तर से अच्छी संभावित तेजी का संकेत देता है। हालांकि निवेशकों को कॉपर की कीमत, प्रोडक्शन और कंपनी के आगामी वित्तीय प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
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