ESDS Software IPO: महाराष्ट्र की क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ESDS Software Solution अपना ₹720 करोड़ का आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी का आईपीओ 28 अगस्त 2026 को खुलेगा और 1 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹408 से ₹429 तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹5,028.3 करोड़ बैठता है।
ESDS Software IPO की पूरी डिटेल
ESDS Software Solution का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। यानी इश्यू से जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के पास जाएगी। एंकर निवेशकों के लिए बोली 27 अगस्त को खुलेगी।
आईपीओ का अलॉटमेंट 2 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि कंपनी के शेयर 4 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। खास बात यह है कि कंपनी ने पहले ₹600 करोड़ का आईपीओ लाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इश्यू का आकार बढ़ाकर ₹720 करोड़ कर दिया।
रिटेल निवेशकों के लिए कितना निवेश जरूरी?
IPO में निवेश करने के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 34 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 34 शेयर के मल्टीपल में ही आवेदन किया जा सकेगा।
अपर प्राइस बैंड ₹429 के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,586 होगा। वहीं रिटेल कैटेगरी में अधिकतम निवेश करीब ₹1,89,618 तक हो सकता है।
GMP 58% के पार, लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे का संकेत
ESDS Software IPO को ग्रे मार्केट में फिलहाल मजबूत रिस्पॉन्स मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसका GMP ₹250 है।
अगर अपर प्राइस बैंड ₹429 और GMP ₹250 को जोड़ें, तो संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹679 बनती है। इस हिसाब से IPO निवेशकों को करीब 58.28% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, GMP अनऑफिशियल और बाजार आधारित संकेतक है। इसमें लिस्टिंग तक बदलाव हो सकता है। इसलिए केवल GMP के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
ESDS Software Solution आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में खर्च करेगी।
कंपनी करीब ₹576 करोड़ का इस्तेमाल क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद तथा इंस्टॉलेशन के लिए करेगी। यह खर्च FY27 और FY28 के दौरान किया जाना है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
क्या काम करती है ESDS Software Solution?
ESDS Software Solution क्लाउड कंप्यूटिंग और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी GPU-as-a-Service (GPUaaS), क्लाउड सर्विसेज, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।
कंपनी के डेटा सेंटर बेंगलुरु, नोएडा, नासिक और मोहाली जैसे शहरों में हैं। इसके अलावा कोलकाता और साहिबाबाद में नए डेटा सेंटर विकसित करने की योजना है।
कंपनी का फोकस खास तौर पर AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती जरूरत को पूरा करने पर है। यही वजह है कि IPO से जुटाई जा रही रकम का बड़ा हिस्सा क्लाउड और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में लगाया जाएगा।
ऑस्ट्रेलियाई AI कंपनी के साथ बड़ा समझौता
मार्च 2026 में ESDS Software ने ऑस्ट्रेलिया की एक neocloud AI compute कंपनी के साथ रणनीतिक समझौता किया था। शुरुआती तौर पर यह कॉन्ट्रैक्ट 5 साल का है और इसमें 2 साल के विस्तार का विकल्प भी मौजूद है।
पूरे संभावित 7 साल की अवधि को शामिल करने पर इस समझौते की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू करीब 1.25 अरब डॉलर बताई गई है। कंपनी को उम्मीद है कि इस समझौते से FY27 की तीसरी तिमाही से रेवेन्यू आना शुरू हो सकता है।
AI और GPU कंप्यूटिंग की मांग में बढ़ोतरी कंपनी के लिए भविष्य में ग्रोथ का एक अहम आधार बन सकती है।
आशीष कचोलिया समेत ये निवेशक कंपनी में हिस्सेदार
ESDS Software Solution के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में कई चर्चित निवेशकों की मौजूदगी भी देखने को मिलती है। प्रमोटर्स के पास करीब 46.06% हिस्सेदारी है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी करीब 52.65% है।
पब्लिक शेयरहोल्डर्स में प्रमुख नामों में मुकुल महावीर अग्रवाल की 6.99%, आशीष कचोलिया की 2.39% और Anchorage Capital Fund की 1.32% हिस्सेदारी शामिल है।
आशीष कचोलिया की हिस्सेदारी की वजह से भी इस IPO पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी मजबूत सुधार देखने को मिला है। FY26 में ESDS Software Solution का मुनाफा बढ़कर ₹120.8 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹55.6 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में एक साल में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।
इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 30.7% बढ़कर ₹472.2 करोड़ हो गया। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹361.3 करोड़ था।
इस तरह कंपनी की बढ़ती आय, मुनाफे में सुधार और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता फोकस IPO के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। हालांकि, निवेशकों को वैल्यूएशन, कारोबार से जुड़े जोखिम और भविष्य की ग्रोथ को भी ध्यान में रखना चाहिए।
ESDS Software IPO: एक नजर में
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| IPO साइज | ₹720 करोड़ |
| IPO का प्रकार | फ्रेश इश्यू |
| प्राइस बैंड | ₹408-₹429 प्रति शेयर |
| IPO खुलने की तारीख | 28 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 1 सितंबर 2026 |
| एंकर बोली | 27 अगस्त 2026 |
| अलॉटमेंट | 2 सितंबर 2026 तक संभावित |
| लिस्टिंग | 4 सितंबर 2026 संभावित |
| लॉट साइज | 34 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹14,586 |
| GMP | ₹250 |
| संभावित GMP गेन | करीब 58.28% |
| IPO लीड मैनेजर | DAM Capital Advisors और Systematix Corporate Services |
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
ESDS Software IPO में मजबूत GMP, AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कारोबार, बढ़ता रेवेन्यू और मुनाफे में तेज ग्रोथ सकारात्मक पहलू हैं। वहीं दूसरी तरफ IPO का वैल्यूएशन, डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पूंजीगत खर्च तथा इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।


