भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन बाजार की अस्थिरता का असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर साफ दिखाई दिया।
पिछले सप्ताह देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 4 कंपनियों के मार्केट कैप में कुल ₹1.09 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ।
हालांकि दूसरी तरफ 6 कंपनियों ने मिलकर बाजार मूल्यांकन में ₹46,685 करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की। विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा हुआ है।
बाजार में उतार-चढ़ाव क्यों बढ़ा?
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता की वजह से निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।
हालांकि बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों साप्ताहिक आधार पर बढ़त में रहे, लेकिन कई बड़े शेयरों में profit booking और sector-specific दबाव देखने को मिला। इस दौरान बैंकिंग, आईटी और टेलीकॉम शेयरों में profit booking देखने को मिली, जबकि कुछ FMCG और वित्तीय शेयरों में खरीदारी बनी रही।
सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 414.69 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 178.6 अंक मजबूत हुआ।
SBI को सबसे बड़ा नुकसान
पिछले सप्ताह SBI के मार्केट कैप में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार बैंक का बाजार पूंजीकरण ₹44,722 करोड़ घटकर ₹9.41 लाख करोड़ रह गया।
विशेषज्ञों के अनुसार बैंकिंग शेयरों में profit booking और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
भारती एयरटेल को भी बड़ा झटका
टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharti Airtel के मार्केट कैप में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली।
कंपनी का बाजार मूल्यांकन ₹31,167 करोड़ घटकर ₹11.18 लाख करोड़ रह गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
TCS और L&T भी दबाव में
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS के मार्केट कैप में ₹28,456 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद कंपनी का मूल्यांकन ₹8.66 लाख करोड़ पर आ गया।
वहीं Larsen & Toubro (L&T) के मार्केट कैप में ₹5,371 करोड़ की कमी आई।
किन कंपनियों को हुआ फायदा?
जहां कुछ कंपनियों को नुकसान हुआ, वहीं कई बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में तेजी भी देखने को मिली।
HDFC Bank
देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank का मार्केट कैप ₹15,425 करोड़ बढ़कर ₹12.02 लाख करोड़ हो गया।
Bajaj Finance
Bajaj Finance के बाजार मूल्यांकन में ₹11,486 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।
Hindustan Unilever (HUL)
FMCG दिग्गज Hindustan Unilever (HUL) का मार्केट कैप ₹8,763 करोड़ बढ़ा।
Reliance Industries
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries का बाजार पूंजीकरण ₹6,563 करोड़ बढ़कर ₹19.42 लाख करोड़ हो गया।
LIC और ICICI Bank
इसके अलावा LIC और ICICI Bank के मार्केट कैप में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियां कौन सी रहीं?
सप्ताह के अंत में भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में Reliance Industries पहले स्थान पर रही। इसके बाद HDFC Bank, Bharti Airtel, SBI, ICICI Bank और TCS जैसी कंपनियां शामिल रहीं।
मार्केट कैप क्या होता है?
मार्केट कैप यानी Market Capitalization किसी कंपनी के कुल बाजार मूल्य को दर्शाता है।
इसे निकालने के लिए कंपनी के कुल शेयरों की संख्या को शेयर की मौजूदा कीमत से गुणा किया जाता है।
अगर किसी कंपनी के शेयर की कीमत गिरती है, तो उसका मार्केट कैप भी कम हो जाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में इस तरह की volatility यह दिखाती है कि वैश्विक घटनाओं का असर भारतीय बाजार पर भी तेजी से पड़ता है।
पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों जैसे फैक्टर्स निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत fundamentals वाली बड़ी कंपनियां लंबी अवधि में निवेशकों के लिए अहम बनी रह सकती हैं।
आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और ब्याज दरों के संकेतों पर निर्भर करेगी।
अगर वैश्विक माहौल स्थिर रहता है, तो भारतीय बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतें भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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