दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल Oracle एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गई है। कंपनी द्वारा वैश्विक स्तर पर करीब 20,000 कर्मचारियों की छंटनी किए जाने के बाद अब कर्मचारियों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है।
निकाले गए कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने बिना पर्याप्त नोटिस दिए नौकरी खत्म की, बेहद कमजोर severance package दिया और कर्मचारियों के कानूनी अधिकार सीमित करने की कोशिश की। कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने अमेरिकी श्रम कानूनों की भावना के खिलाफ काम किया। विशेषज्ञों के अनुसार AI और automation पर बढ़ते खर्च की वजह से दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां workforce restructuring कर रही हैं।
कर्मचारियों को कैसे मिली छंटनी की खबर?
रिपोर्ट्स के अनुसार 31 मार्च 2026 को अमेरिका, भारत और अन्य देशों में Oracle कर्मचारियों को सुबह-सुबह एक ईमेल मिला। ईमेल में बताया गया कि “संगठनात्मक बदलावों” के तहत उनकी भूमिका समाप्त कर दी गई है और वही उनका आखिरी कार्य दिवस होगा। कई कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्हें छंटनी की कोई पहले से जानकारी नहीं थी।
एक पूर्व कर्मचारी के अनुसार जब उसने कंपनी VPN लॉगिन करने की कोशिश की, तो स्क्रीन पर संदेश आया, “This user no longer exists.” यानी कर्मचारी का अकाउंट पहले ही बंद किया जा चुका था। विश्लेषकों का मानना है कि Oracle फिलहाल AI infrastructure business में aggressive expansion strategy पर काम कर रही है।
Oracle के पैकेज पर क्यों भड़के कर्मचारी?
छंटनी के बाद सबसे ज्यादा विवाद Severance Package को लेकर शुरू हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि Oracle का पैकेज Meta, Microsoft और अन्य बड़ी टेक कंपनियों के मुकाबले बेहद कमजोर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले साल की नौकरी के लिए 4 सप्ताह की सैलरी और उसके बाद हर अतिरिक्त वर्ष पर केवल 1 सप्ताह की सैलरी दी गई। इसकी अधिकतम सीमा 26 सप्ताह रखी गई।
इसके अलावा केवल 1 महीने का COBRA Health Coverage दिया गया।
कर्मचारियों ने क्या बड़ा आरोप लगाया?
कई कर्मचारियों का आरोप है कि पैकेज लेने के लिए उन्हें ऐसे agreement पर साइन करने के लिए कहा गया, जिसमें वे कंपनी पर मुकदमा करने का अधिकार खो देते।
सबसे बड़ा विवाद Restricted Stock Units (RSUs) को लेकर हुआ।
कुछ कर्मचारियों का दावा है कि उनके करोड़ों रुपये के stock benefits कुछ महीनों बाद vest होने वाले थे, लेकिन छंटनी के कारण वे उससे वंचित हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार एक कर्मचारी को लगभग $1 Million मूल्य के stocks का नुकसान हुआ।
WARN Act को लेकर क्या विवाद है?
अमेरिका में WARN Act के तहत कंपनियों को बड़े स्तर पर छंटनी से 60 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होता है।
लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि Oracle ने कई लोगों को “Remote Worker” श्रेणी में डाल दिया ताकि वे इस सुरक्षा के दायरे से बाहर हो जाएं।
रिपोर्ट्स के अनुसार कई कर्मचारी hybrid मॉडल में काम कर रहे थे और उन्हें यह तक पता नहीं था कि कंपनी उन्हें remote category में दिखा रही है।
Notice Pay को लेकर भी विवाद
कर्मचारियों का आरोप है कि जिन लोगों पर WARN Act लागू होता था, उनके Notice Pay को भी severance package में ही जोड़ दिया गया।
यानी कंपनी ने अलग से अतिरिक्त भुगतान नहीं किया।
दूसरी टेक कंपनियों से तुलना क्यों हो रही?
Oracle कर्मचारियों का कहना है कि Meta, Microsoft और Cloudflare जैसी कंपनियों ने छंटनी के दौरान कहीं बेहतर पैकेज दिए थे।
इन कंपनियों ने accelerated stock vesting, लंबा healthcare coverage और बेहतर compensation जैसी सुविधाएं दी थीं। इसी मुद्दे को लेकर कम से कम 90 कर्मचारियों ने एक petition पर हस्ताक्षर किए हैं। उनकी मांग है कि Oracle भी industry-standard package दे।
Oracle ने क्या जवाब दिया?
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने कर्मचारियों से बातचीत करने से इनकार कर दिया और “Take it or leave it” जैसा रुख अपनाया। यानी कर्मचारियों के पास पैकेज स्वीकार करने या बिना किसी लाभ के आगे बढ़ने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं छोड़ा गया।
OpenAI डील क्यों बन रही चर्चा का कारण?
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Oracle की वित्तीय सख्ती के पीछे बड़ा कारण OpenAI के साथ विशाल डेटा सेंटर डील हो सकती है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार Oracle ने $300 Billion तक के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की योजना बनाई है। यह प्रोजेक्ट Texas और Wisconsin में बड़े AI data centers बनाने से जुड़ा बताया जा रहा है।
बैंकों पर क्यों बढ़ा दबाव?
रिपोर्ट्स के अनुसार इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए भारी फंडिंग की जरूरत है। लेकिन JPMorgan Chase और अन्य अमेरिकी बैंक इतने बड़े exposure को लेकर सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बैंकों की exposure limit होती है, यानी वे किसी एक कंपनी को सीमित स्तर तक ही कर्ज देना पसंद करते हैं। Oracle की विशाल फंडिंग जरूरत ने इस सीमा पर दबाव बढ़ा दिया है।
क्या लागत कम करने के लिए हो रही छंटनी?
विशेषज्ञों का मानना है कि AI infrastructure और data center expansion में बढ़ते खर्च की वजह से बड़ी टेक कंपनियां लागत घटाने, workforce optimize करने और margins बचाने की कोशिश कर रही हैं।
Oracle की छंटनी को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
कर्मचारियों के लिए क्या संकेत?
यह मामला दिखाता है कि AI boom के दौर में भी टेक सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार कंपनियां अब high-cost teams, overlapping roles और non-core operations पर तेजी से कटौती कर रही हैं।
आगे क्या हो सकता है?
अगर कर्मचारियों का विरोध बढ़ता है, तो Oracle पर legal pressure, labor scrutiny और reputational damage का दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि फिलहाल कंपनी अपनी restructuring strategy पर पीछे हटती नहीं दिख रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI investment race और cost-cutting के बीच संतुलन बनाना बड़ी टेक कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। टेक सेक्टर में बढ़ती छंटनी यह संकेत दे रही है कि आने वाले वर्षों में कंपनियां profitability और AI investment के बीच संतुलन बनाने के लिए और आक्रामक फैसले ले सकती हैं।
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