शेयर बाजार में कई बार ऐसे स्टॉक्स देखने को मिलते हैं जिनकी कीमत बेहद कम होती है, लेकिन उनका मार्केट कैप हजारों करोड़ रुपये में होता है। कम कीमत होने की वजह से रिटेल निवेशक अक्सर ऐसे शेयरों को “सस्ता” समझ लेते हैं, जबकि हकीकत केवल शेयर प्राइस से तय नहीं होती।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी कंपनी की असली ताकत उसके बिजनेस मॉडल, मुनाफे, कर्ज, कैश फ्लो और ग्रोथ क्षमता से तय होती है, न कि सिर्फ शेयर की कीमत से।
फिलहाल बाजार में यस बैंक और वोडाफोन आइडिया ऐसे दो चर्चित शेयर हैं जिनकी कीमत 25 रुपये से कम है, लेकिन मार्केट कैप हजारों करोड़ रुपये में पहुंच चुका है।
क्यों कम कीमत वाले शेयरों की तरफ भागते हैं निवेशक?
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे निवेशकों को अक्सर लगता है कि कम कीमत वाले शेयरों में तेजी से पैसा बन सकता है।
उदाहरण के तौर पर अगर 20 रुपये का शेयर 40 रुपये हो जाए तो पैसा दोगुना हो जाता है। वहीं 2000 रुपये का शेयर 4000 रुपये पहुंचे तो भी निवेशक को उतना ही प्रतिशत रिटर्न मिलता है।
इसी मनोविज्ञान की वजह से कम कीमत वाले शेयरों में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कम कीमत का मतलब हमेशा “सस्ता शेयर” नहीं होता।
1. यस बैंक: क्या लौट सकती है पुरानी चमक?
इस लिस्ट में पहला नाम Yes Bank का है। यस बैंक देश के बड़े निजी बैंकों में शामिल है और रिटेल बैंकिंग, MSME बैंकिंग तथा कॉरपोरेट बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में काम करता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार बैंक की मौजूदगी 300 से ज्यादा जिलों, 1300 से अधिक शाखाओं और 1350 ATM तक फैली हुई है।
शेयर की कीमत और मार्केट कैप
NSE के हालिया आंकड़ों के मुताबिक यस बैंक के शेयर की कीमत करीब 22.5 रुपये है, जबकि इसका मार्केट कैप लगभग 72 हजार करोड़ रुपये है। कम कीमत होने की वजह से छोटे निवेशक अक्सर ऐसे शेयरों में ज्यादा मात्रा में निवेश कर देते हैं, लेकिन केवल शेयर प्राइस देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं माना जाता।
निवेशकों को क्यों पसंद आ रहा शेयर?
पिछले कुछ समय में बैंक के वित्तीय नतीजों में सुधार देखने को मिला है। मार्च 2026 तिमाही में बैंक की Net Interest Income (NII) बढ़कर 2632.6 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि Net Profit बढ़कर 1082.3 करोड़ रुपये हो गया।
इसके अलावा बैंक का CASA Deposit 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार CASA बढ़ने से बैंक की फंडिंग लागत कम होती है और मुनाफे में सुधार की संभावना बढ़ती है।
क्या आगे और तेजी आ सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बैंक लगातार NPA नियंत्रण, लोन ग्रोथ और मुनाफे में सुधार बनाए रखता है, तो आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पुराने संकट की छवि अब भी बैंक के लिए चुनौती बनी हुई है।
2. वोडाफोन आइडिया: संकट से वापसी की कोशिश?
दूसरा चर्चित शेयर Vodafone Idea (Vi) का है। कंपनी देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है और उसके पास 20 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों का बड़ा आधार मौजूद है।
कितना है मार्केट कैप?
हालिया आंकड़ों के अनुसार कंपनी के शेयर की कीमत 25 रुपये से कम है, जबकि इसका मार्केट कैप 1.20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है।
शेयर में तेजी क्यों आई?
पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली है। इसकी एक बड़ी वजह AGR राहत को माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी के Adjusted Gross Revenue (AGR) बकाया में बड़ी राहत दी, जिसके बाद कंपनी पर दबाव कुछ कम हुआ।
कंपनी का AGR बकाया 87,695 करोड़ रुपये से घटकर 64,046 करोड़ रुपये रह गया है।
फिर भी खतरे खत्म नहीं हुए
विशेषज्ञों के अनुसार वोडाफोन आइडिया अब भी भारी कर्ज, कमजोर कैश फ्लो, प्रतिस्पर्धा और ग्राहक नुकसान जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।
कंपनी का भविष्य काफी हद तक 4G विस्तार, 5G नेटवर्क, नए निवेश और ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
कम कीमत वाले शेयर खरीदने से पहले क्या देखें?
विशेषज्ञों के अनुसार केवल शेयर का भाव देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि कंपनी पर कितना कर्ज है, उसका मुनाफा बढ़ रहा है या घट रहा है, बिजनेस मॉडल कितना मजबूत है और भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं कैसी हैं।
मार्केट कैप बड़ा होने का क्या मतलब?
कई निवेशक मानते हैं कि कम कीमत वाला शेयर छोटी कंपनी का होता है, जबकि ऐसा जरूरी नहीं है।
अगर किसी कंपनी के बाजार में शेयरों की संख्या बहुत ज्यादा होती है, तो कम शेयर प्राइस के बावजूद उसका Market Capitalization काफी बड़ा हो सकता है। इसी वजह से कुछ low-priced stocks भी हजारों करोड़ रुपये के valuation तक पहुंच जाते हैं।
क्या निवेशकों को मौका दिख रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार रिटेल निवेशक अक्सर turnaround stories की तरफ आकर्षित होते हैं। अगर कोई कंपनी संकट से बाहर निकलती है, मुनाफा बढ़ाती है और बिजनेस मजबूत करती है, तो ऐसे शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि जोखिम भी उतना ही बड़ा रहता है। इसलिए केवल कम कीमत देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं मानी जाती।
निवेश से पहले सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में high-return की संभावना के साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। ऐसे में किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले पूरी रिसर्च और वित्तीय सलाह लेना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि turnaround stories में बड़ा रिटर्न मिलने की संभावना जरूर होती है, लेकिन इनके साथ जोखिम भी उतना ही बड़ा जुड़ा रहता है।
डिस्क्लेमर: विशेषज्ञों के अनुसार कम कीमत वाले शेयरों में उतार-चढ़ाव और जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए निवेश से पहले पूरी रिसर्च जरूरी है।, यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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