Tempsens Instruments IPO: टेम्पसैंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयर ने शेयर बाजार में शानदार एंट्री की। ₹300 के इश्यू प्राइस वाला शेयर बीएसई पर ₹631.20 और एनएसई पर करीब ₹633 के आसपास लिस्ट हुआ। यानी IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर ही 110 फीसदी से ज्यादा का शानदार रिटर्न मिला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली हावी हो गई और शेयर में करीब 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
नई दिल्ली: टेम्पसैंस इंस्ट्रूमेंट्स आईपीओ की शेयर बाजार में लिस्टिंग ने निवेशकों को चौंका दिया। थर्मल इंजीनियरिंग और इंस्ट्रूमेंटेशन क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार को शानदार प्रीमियम के साथ बाजार में कदम रखा। IPO में जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए थे, उनके लिए लिस्टिंग गेन काफी मजबूत रहा।
कंपनी ने IPO के लिए ₹300 प्रति शेयर का इश्यू प्राइस तय किया था। इसके मुकाबले बीएसई पर शेयर ₹631.20 पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को करीब 110 फीसदी का लिस्टिंग प्रीमियम मिला। एनएसई पर भी शेयर करीब 111 फीसदी प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुआ।
इस तरह IPO में ₹15,000 लगाने वाले निवेशक की हिस्सेदारी लिस्टिंग के समय करीब ₹31,500 की हो गई थी। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी ज्यादा देर कायम नहीं रही और ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
लिस्टिंग के बाद चढ़ा शेयर, फिर मुनाफावसूली ने दबाया
शानदार लिस्टिंग के बाद Tempsens Instruments के शेयर में शुरुआती कारोबार में तेजी जारी रही। बीएसई पर शेयर ₹631.20 के आसपास लिस्ट होने के बाद इसी क्षेत्र में अपने दिन का ऊपरी स्तर बनाया।
लेकिन ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली बढ़ने के साथ शेयर पर दबाव आने लगा। कारोबार के दौरान एक समय शेयर करीब ₹551.20 तक फिसल गया। बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और बीएसई पर शेयर ₹586.80 के करीब बंद हुआ।
इस भाव पर शेयर पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 7.03 फीसदी नीचे रहा। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि गिरावट के बावजूद शेयर अभी भी अपने ₹300 के IPO इश्यू प्राइस से करीब 96 फीसदी ऊपर है।
यानी लिस्टिंग के बाद आई गिरावट ने IPO निवेशकों के शानदार मुनाफे को पूरी तरह खत्म नहीं किया है।
650 करोड़ रुपये का था IPO
Tempsens Instruments का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय रहा था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए करीब ₹650 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी।
IPO में:
- ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल था।
- करीब ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) था।
- तीन दिनों की बोली के दौरान इश्यू को लगभग 184 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- मजबूत सब्सक्रिप्शन ने लिस्टिंग से पहले ही निवेशकों के बीच इस IPO को लेकर काफी उत्साह पैदा कर दिया था।
इतने ज्यादा सब्सक्रिप्शन के बाद बाजार को मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद थी, लेकिन 110 फीसदी से ज्यादा का प्रीमियम निवेशकों के लिए उम्मीद से भी बेहतर साबित हुआ।
क्या काम करती है Tempsens Instruments?
Tempsens Instruments थर्मल इंजीनियरिंग और इंस्ट्रूमेंटेशन क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। इसका कारोबार तापमान मापने और औद्योगिक इस्तेमाल से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
कंपनी कई तरह के उत्पाद बनाती है, जिनमें तापमान सेंसर, नॉन-कॉन्टैक्ट तापमान सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल्स शामिल हैं।
इन उत्पादों का इस्तेमाल विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तापमान की निगरानी, माप और नियंत्रण जैसी जरूरतों के लिए किया जाता है।
IPO अलॉटमेंट वाले निवेशकों को क्या करना चाहिए?
शानदार लिस्टिंग के बाद शेयर में आई गिरावट ने अब निवेशकों के सामने अगला सवाल खड़ा कर दिया है कि शेयर को होल्ड करें या मुनाफा बुक कर लें?
ब्रोकरेज फर्म SBI Securities के अनुसार, IPO में शेयर पाने वाले निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि के लिए शेयर होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं।
वहीं, जिन निवेशकों का मुख्य उद्देश्य केवल लिस्टिंग गेन हासिल करना था, उनके लिए मौजूदा तेजी में कुछ मुनाफा बुक करना एक विकल्प हो सकता है।
नए निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो?
नए निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल शानदार लिस्टिंग देखकर शेयर को ऊंचे स्तर पर खरीदने की जल्दबाजी न करें।
IPO की लिस्टिंग के बाद अक्सर शुरुआती कारोबार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में ऊंचे भाव पर खरीदारी करने के बजाय ‘Buy on Dips’ यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि, किसी भी गिरावट को खरीदारी का मौका मानने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाओं और बाजार की स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
Tempsens Instruments ने IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 110 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में मुनाफावसूली यह भी दिखाती है कि इतनी तेज शुरुआत के बाद उतार-चढ़ाव का जोखिम बना हुआ है।
इसलिए नए निवेशकों को सिर्फ लिस्टिंग गेन देखकर शेयर खरीदने के बजाय कंपनी के कारोबार और वैल्यूएशन को समझकर फैसला लेना चाहिए। शेयर बाजार में पिछले प्रदर्शन या IPO की शानदार लिस्टिंग से भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए निवेश संबंधी विचार ब्रोकरेज/विश्लेषकों की राय पर आधारित हैं। ये NewsJagran की निवेश सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।


