8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आयोग की अहम बैठक राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने जा रही है। 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को होने वाली इन बैठकों में वेतन, भत्ते, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर से जुड़े मुद्दों पर हितधारकों के सुझाव लिए जाएंगे। लाखों केंद्रीय कर्मचारी इस बैठक से जुड़ी चर्चाओं और आयोग की आगे की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
Highlights
- 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को जयपुर में 8वें वेतन आयोग की बैठक।
- वेतन, भत्ते, पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा।
- केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.5 गुना या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग।
- अंतिम सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार लेगी वेतन और पेंशन पर फैसला।
जयपुर में होगी 8वें वेतन आयोग की अहम बैठक
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को जयपुर में आयोजित की जाएगी। आयोग ने इस बैठक की जानकारी 3 अगस्त को जारी प्रेस रिलीज के जरिए दी थी। आयोग इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें कर चुका है, जहां केंद्रीय कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों ने अपनी मांगें और सुझाव रखे हैं।
जयपुर में होने वाली बैठक भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें शामिल होने वाले संगठनों और हितधारकों को वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। बैठक में भाग लेने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 रखी गई थी।
फिटमेंट फैक्टर से लेकर पेंशन तक पर चर्चा
पिंक सिटी जयपुर में होने वाली बैठक में फिटमेंट फैक्टर एक अहम मुद्दा हो सकता है। इसके अलावा पेंशन व्यवस्था, फैमिली पेंशन, रिटायरमेंट से जुड़े प्रावधान और वेतन संशोधन जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
कर्मचारी संगठन लंबे समय से वेतन में पर्याप्त बढ़ोतरी और महंगाई के अनुरूप नई वेतन संरचना की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आयोग के सामने आने वाले ज्ञापन और सुझाव अंतिम सिफारिशों को तैयार करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि बैठक में किसी फिटमेंट फैक्टर को अंतिम रूप दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसी आधार पर तुरंत सैलरी बढ़ जाएगी। आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को देगा और इसके बाद सरकार उन पर विचार करके अंतिम फैसला करेगी।
कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?
8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस बात पर है कि आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को कब सौंपता है।
आयोग की बैठकों में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर वेतन, भत्ते और पेंशन से संबंधित प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इसके बाद केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशों पर अपना निर्णय लेगी।
इसलिए फिलहाल कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिटमेंट फैक्टर और नई सैलरी को लेकर अभी कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं हुआ है।
3.5 फिटमेंट फैक्टर की मांग क्यों महत्वपूर्ण है?
फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल मौजूदा बेसिक पे को संशोधित करके नई बेसिक पे निर्धारित करने के लिए किया जाता है। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इससे पहले छठे वेतन आयोग में 1.86 का फिटमेंट फैक्टर रहा था।
अब 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों की ओर से इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी जा रही है। NC(JCM) और BPMS समेत कुछ संगठनों की ओर से 3.5 गुना या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है।
हालांकि, 3.5 का आंकड़ा फिलहाल कर्मचारियों और संगठनों की मांग को दर्शाता है। इसे 8वें वेतन आयोग या केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर नहीं माना जाना चाहिए।
3.5 फिटमेंट फैक्टर से कितनी हो सकती है बेसिक सैलरी?
अगर केवल उदाहरण के तौर पर मौजूदा बेसिक पे को 3.5 से गुणा किया जाए, तो अलग-अलग पे लेवल पर बेसिक पे इस तरह हो सकती है। यह अनुमानित गणना है, अंतिम वेतन नहीं।
| लेवल | वर्तमान बेसिक पे (₹) | 3.5 फिटमेंट पर बेसिक पे (₹) | अंतर (₹) |
|---|---|---|---|
| लेवल 1 | 18,000 | 63,000 | 45,000 |
| लेवल 2 | 19,900 | 69,650 | 49,750 |
| लेवल 3 | 21,700 | 75,950 | 54,250 |
| लेवल 4 | 25,500 | 89,250 | 63,750 |
| लेवल 5 | 29,200 | 1,02,200 | 73,000 |
| लेवल 6 | 35,400 | 1,23,900 | 88,500 |
| लेवल 7 | 44,900 | 1,57,150 | 1,12,250 |
| लेवल 8 | 47,600 | 1,66,600 | 1,19,000 |
| लेवल 9 | 53,100 | 1,85,850 | 1,32,750 |
| लेवल 10 | 56,100 | 1,96,350 | 1,40,250 |
| लेवल 11 | 67,700 | 2,36,950 | 1,69,250 |
| लेवल 12 | 78,800 | 2,75,800 | 1,97,000 |
| लेवल 13 | 1,18,500 | 4,14,750 | 2,96,250 |
| लेवल 13 | 1,31,100 | 4,58,850 | 3,27,750 |
| लेवल 14 | 1,44,200 | 5,04,700 | 3,60,500 |
| लेवल 15 | 1,82,200 | 6,37,700 | 4,55,500 |
| लेवल 16 | 2,05,400 | 7,18,900 | 5,13,500 |
| लेवल 17 | 2,25,000 | 7,87,500 | 5,62,500 |
| लेवल 18 | 2,50,000 | 8,75,000 | 6,25,000 |
सिर्फ बेसिक पे बढ़ने से इतनी नहीं बढ़ेगी इन-हैंड सैलरी
यह समझना भी जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा बेसिक पे से गुणा करने पर जो रकम आती है, वह सीधे कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी नहीं होती।
कर्मचारी की वास्तविक सैलरी में महंगाई भत्ता (DA), HRA, TA और अन्य भत्ते शामिल होते हैं। नई वेतन संरचना लागू होने पर इन घटकों के नियम और गणना का तरीका भी महत्वपूर्ण होगा। इसलिए 3.5 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ऊपर दिखाई गई रकम को नई बेसिक पे का एक उदाहरण माना जाना चाहिए, न कि अंतिम मासिक वेतन।
पेंशनर्स के लिए भी अहम है 8वां वेतन आयोग
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया सिर्फ मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। पेंशन और संबंधित लाभ भी इस पूरी कवायद का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यही वजह है कि पेंशनर्स संगठन भी आयोग के सामने अपनी मांगें और सुझाव रख रहे हैं।
पेंशन में संशोधन किस फॉर्मूले से होगा, न्यूनतम पेंशन में कितना बदलाव होगा और फैमिली पेंशन से जुड़े नियमों पर क्या असर पड़ेगा—इन मुद्दों पर आयोग की सिफारिशें महत्वपूर्ण रहेंगी।
अभी कर्मचारियों को किस बात का इंतजार?
जयपुर की बैठक के बाद भी 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया जारी रहेगी। अलग-अलग हितधारकों से सुझाव लेने के बाद आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देगा। इसके बाद केंद्र सरकार इन सिफारिशों की समीक्षा करके वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव पर अंतिम निर्णय करेगी।
इसलिए फिलहाल 3.5 फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। जयपुर की बैठक से यह जरूर स्पष्ट होगा कि कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को किस तरह आयोग के सामने रखते हैं और आयोग उन सुझावों को अपनी आगे की प्रक्रिया में किस तरह शामिल करता है।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशें सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक रहेंगी।


