Market Technicals: निफ्टी में हालिया तेजी के बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने अहम मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है। जब तक निफ्टी 24,350–24,400 के 200-डे EMA वाले अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक बाजार में कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी में 57,900–58,000 का जोन अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है।
निफ्टी में तेजी के बावजूद कमजोर मोमेंटम
28 अगस्त को निफ्टी में करीब 0.4 फीसदी की तेजी देखने को मिली और इंडेक्स में रिकवरी के संकेत दिखाई दिए। हालांकि, लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे रहा। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में अभी मजबूत तेजी का मोमेंटम नहीं बना है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।
निफ्टी 23,606 से 24,774 तक की पिछली रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे बना हुआ है। इसके अलावा मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में भी मजबूत तेजी के संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला कारोबार देखने को मिल सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब तक निफ्टी 24,350–24,400 के आसपास मौजूद 200-डे EMA के अहम रेजिस्टेंस जोन के नीचे रहता है, तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है।
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर फिसल सकता है। दूसरी तरफ, 24,350–24,400 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिकने पर निफ्टी में 24,800 की ओर तेजी का रास्ता खुल सकता है।
पूरे सप्ताह दायरे में रहा निफ्टी
निफ्टी शुक्रवार को बढ़त के साथ खुला। दिनभर करीब 100 अंकों के दायरे में कारोबार करने के बाद यह 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की तेजी के साथ 24,176 के स्तर पर बंद हुआ।
पूरे सप्ताह इंडेक्स ज्यादातर पिछले सप्ताह की रेंज में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट एवं मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में करीब 0.31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की ट्रेडिंग रेंज के अंदर एक बुलिश कैंडल बनाई। इस कैंडल में नीचे की तरफ छोटी विक दिखाई दी। वहीं, वीकली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले सप्ताह की रेंज के अंदर रेड कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो नजर आईं। तकनीकी तौर पर यह पैटर्न बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत देता है।
RSI और ADX से क्या संकेत मिल रहे हैं?
डेली RSI न्यूट्रल जोन के आसपास बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल किसी एक दिशा में मजबूत मोमेंटम नहीं है।
दूसरी तरफ, निचले स्तरों से ADX में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि, अभी तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार की संभावना बनी हुई है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, गुरुवार को 24,150 के स्तर पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के अहम सपोर्ट से नीचे आने के बाद शुक्रवार को निफ्टी में ज्यादा कमजोरी नहीं आई। उनके मुताबिक यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि नीचे की तरफ फाल्स ब्रेकआउट के बाद कई बार इंडेक्स में तेजी से ऊपर की ओर मूव देखने को मिलता है।
नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी का मुख्य ट्रेंड फिलहाल 24,000–24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निफ्टी निचली रेंज के आसपास से मजबूत उछाल दर्ज करता है तो आने वाले समय में 24,300–24,400 के स्तर तक अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
उनके अनुसार, ट्रेंड में बदलाव के लिहाज से 24,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
ऑप्शन डेटा में 24,000–24,100 मजबूत सपोर्ट
वीकली ऑप्शन डेटा के मुताबिक, 24,300 और 24,500 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट मौजूद है। ऐसे में ये स्तर शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकते हैं।
वहीं, 24,000 और 24,100 स्ट्राइक पर पुट ओपन इंटरेस्ट अधिक है। इसलिए इन स्तरों को निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
इस तरह ऑप्शन डेटा भी फिलहाल निफ्टी के 24,000–24,500 के व्यापक दायरे में रहने के संकेत दे रहा है।
India VIX में गिरावट, बाजार की घबराहट कम
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX शुक्रवार को करीब 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे बना रहा।
VIX में गिरावट आम तौर पर बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट कम होने का संकेत देती है। हालांकि, कम VIX का मतलब यह नहीं है कि बाजार में एकतरफा तेजी निश्चित है। फिलहाल अन्य तकनीकी संकेतकों के साथ इसे देखें तो बाजार में सीमित दायरे में कारोबार की संभावना ज्यादा दिखाई देती है।
Bank Nifty: 58,000 के ऊपर टिकने पर मिलेगी तेजी की ताकत
बैंक निफ्टी की शुरुआत शुक्रवार को कमजोरी के साथ हुई, लेकिन इंडेक्स ने बाद में रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि, यह बढ़त टिक नहीं सकी और ज्यादातर कारोबारी सत्र में बैंकिंग इंडेक्स दबाव में रहा।
शुक्रवार को बैंक निफ्टी 14 अंक की मामूली गिरावट के साथ 57,496 पर बंद हुआ। इंडेक्स 20-डे और 50-डे EMA के दायरे में बना रहा। पूरे सप्ताह बैंक निफ्टी में करीब 0.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई, जिसके दोनों तरफ विक्स दिखाई दीं। यह बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता और मजबूत दिशा की कमी को दर्शाता है।
वीकली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो वाली रेड कैंडल बनाई। यह उतार-चढ़ाव के बीच बिकवाली के दबाव का संकेत है।
हालांकि, एक सकारात्मक बात यह है कि बैंक निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है और ये मूविंग एवरेज ऊपर की दिशा में बढ़ रहे हैं। इससे इंडेक्स का ओवरऑल स्ट्रक्चर फिलहाल मजबूत नजर आता है।
बैंक निफ्टी में 57,000–56,900 अहम सपोर्ट
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। यह शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन की ओर संकेत करता है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में है, जिससे मजबूत मोमेंटम की कमी साफ दिखाई देती है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार, 57,000–56,900 का जोन बैंक निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट कायम रहता है तो इंडेक्स में मौजूदा कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।
ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट देता है तो कंसोलिडेशन खत्म होकर तेजी की एक बड़ी चाल शुरू हो सकती है।
इसके उलट, अगर इंडेक्स 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है तो कमजोरी बढ़ सकती है और मौजूदा रेंज से नीचे एक नई ट्रेंडिंग चाल देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल दोनों प्रमुख इंडेक्स में स्पष्ट ब्रेकआउट का इंतजार करना बेहतर नजर आता है। निफ्टी में 24,000 सपोर्ट और 24,350–24,400 रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण स्तर हैं। जब तक रेजिस्टेंस के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की संभावना बनी रहेगी।
वहीं बैंक निफ्टी में 57,000–56,900 सपोर्ट और 57,900–58,000 रेजिस्टेंस पर नजर रखनी होगी। 58,000 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट बैंकिंग इंडेक्स में तेजी का संकेत दे सकता है, जबकि 57,000 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है।
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