RBL Bank GST Notice: दुबई के Emirates NBD के अधिग्रहण को लेकर चर्चा में आए RBL Bank को अब ₹103 करोड़ से अधिक की जीएसटी मांग का सामना करना पड़ रहा है। बैंक को यह कारण बताओ नोटिस वित्त वर्ष 2020-21 के लिए मिला है। मामला डिजिटल बैंकिंग बिजनेस वर्टिकल से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का है। हालांकि, बैंक ने कहा है कि वह तय समयसीमा में नोटिस का जवाब देगा और उसे मामले में अनुकूल नतीजे की उम्मीद है।
HighLights
- RBL Bank को ₹103.77 करोड़ की प्रस्तावित GST मांग का नोटिस मिला है।
- मामला डिजिटल बैंकिंग वर्टिकल से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का है।
- बैंक ने कहा है कि नोटिस से उसकी वित्तीय स्थिति या कारोबार पर कोई बड़ा प्रतिकूल असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश के पुराने निजी बैंकों में शामिल RBL Bank इन दिनों एक तरफ Emirates NBD के प्रस्तावित अधिग्रहण को लेकर सुर्खियों में है, तो दूसरी तरफ उसे जीएसटी विभाग से बड़ी टैक्स मांग का सामना करना पड़ा है। बैंक को महाराष्ट्र जीएसटी विभाग की ओर से ₹103 करोड़ से अधिक की टैक्स मांग से जुड़ा कारण बताओ नोटिस मिला है।
बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि उसे यह नोटिस 27 अगस्त 2026 को मुंबई के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स की ओर से प्राप्त हुआ।
RBL Bank को कितने रुपये का GST नोटिस मिला?
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नोटिस में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कुल ₹103,76,98,197, यानी करीब ₹103.77 करोड़ की जीएसटी मांग का प्रस्ताव है।
इस रकम में सिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि संबंधित ब्याज और जुर्माना भी शामिल है। नोटिस महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत जारी किया गया है।
धारा 74 के तहत ऐसे मामलों में टैक्स अधिकारियों की ओर से टैक्स की कथित कमी या गलत तरीके से लिए गए क्रेडिट आदि को लेकर कार्रवाई की जा सकती है।
किस मामले में हुई टैक्स कार्रवाई?
RBL Bank के मुताबिक, जीएसटी विभाग का नोटिस बैंक के Digital Banking Business Vertical से संबंधित है।
बैंक ने इस वर्टिकल के लिए अलग जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिया था। इसी रजिस्ट्रेशन के तहत लिए गए Input Tax Credit (ITC) को लेकर टैक्स विभाग ने सवाल उठाए हैं।
विभाग का मत है कि इस ITC को लेने में जीएसटी नियमों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर बैंक के खिलाफ प्रस्तावित टैक्स, ब्याज और जुर्माने की मांग वाला कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कारण बताओ नोटिस अंतिम टैक्स आदेश नहीं होता। बैंक को अपना पक्ष रखने और विभाग के सामने अपना जवाब दाखिल करने का अवसर मिलता है।
RBL Bank ने क्या जवाब दिया?
बैंक ने कहा है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर इस कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल करेगा। बैंक का कहना है कि इस मामले में उसके पास अपने दावे के समर्थन में पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
RBL Bank ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान इसी तरह के मुद्दों से संबंधित मामलों में जीएसटी अधिकारियों की ओर से बैंक के पक्ष में अनुकूल आदेश आ चुके हैं।
इसी वजह से बैंक को उम्मीद है कि मौजूदा मामले में भी उसे राहत मिल सकती है।
बैंक की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा असर?
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBL Bank ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस नोटिस का उसके ऑपरेशंस या वित्तीय स्थिति पर कोई भौतिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
इसका मतलब यह है कि बैंक फिलहाल इस नोटिस को अपने कारोबार के लिए बड़ी वित्तीय चुनौती के तौर पर नहीं देख रहा है। हालांकि, अंतिम प्रभाव संबंधित टैक्स कार्यवाही के नतीजे पर निर्भर करेगा।
दुबई के Emirates NBD से जुड़ी है RBL Bank की बड़ी डील
RBL Bank हाल के दिनों में अपने प्रस्तावित अधिग्रहण को लेकर भी चर्चा में रहा है। दुबई के Emirates NBD ने RBL Bank में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए कदम बढ़ाया है।
RBL Bank की शुरुआत रत्नाकर बैंक के तौर पर हुई थी और यह देश के पुराने बैंकिंग संस्थानों में शामिल है। Emirates NBD के चेयरमैन शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम हैं।
ऐसे में एक तरफ बैंक में विदेशी बैंक की हिस्सेदारी को लेकर बड़ा बदलाव हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ ₹103 करोड़ से ज्यादा का GST नोटिस सामने आया है। हालांकि, बैंक के बयान से संकेत मिलता है कि वह इस मामले को कानूनी और टैक्स प्रक्रिया के तहत चुनौती देने की तैयारी में है।
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
RBL Bank को मिला ₹103.77 करोड़ का नोटिस फिलहाल प्रस्तावित टैक्स डिमांड है, इसे अंतिम देनदारी नहीं माना जाना चाहिए। बैंक अपना जवाब दाखिल करेगा और उसके बाद टैक्स विभाग की आगे की कार्रवाई से मामले की दिशा स्पष्ट होगी।
निवेशकों को इस मामले में बैंक के आगामी खुलासों और अंतिम टैक्स आदेश पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, केवल इस नोटिस के आधार पर बैंक के शेयर को लेकर कोई निवेश निर्णय लेना उचित नहीं होगा।
डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार और कंपनी से जुड़ी जानकारी दी गई है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा जरूरत होने पर सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह लें।


