Tempsens Instruments IPO: टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड के IPO को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। ₹650 करोड़ का यह IPO 20 अगस्त को खुला था और अब तक कुल 21.69 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। निवेशकों के पास इस इश्यू में पैसा लगाने का मौका 24 अगस्त तक है। इसके बाद 25 अगस्त को शेयर अलॉटमेंट फाइनल किया जा सकता है, जबकि कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 28 अगस्त को लिस्ट होने की संभावना है।
IPO की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, Tempsens Instruments IPO का GMP करीब 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। अगर ग्रे मार्केट का मौजूदा संकेत लिस्टिंग तक कायम रहता है, तो IPO निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि GMP आधिकारिक बाजार का हिस्सा नहीं है और इसका लिस्टिंग प्राइस पर कोई निश्चित असर नहीं होता।
107% GMP का क्या है मतलब?
Tempsens Instruments IPO का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया गया है। ऐसे में अगर ₹300 के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले 107% का प्रीमियम देखा जाए, तो ग्रे मार्केट में शेयर की अनुमानित कीमत काफी ऊपर पहुंचती है।
यही वजह है कि IPO की लिस्टिंग से पहले निवेशकों के बीच इसे लेकर उत्साह बढ़ गया है। हालांकि, GMP केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है और इसमें होने वाली गतिविधियां आधिकारिक स्टॉक एक्सचेंज के नियमों के तहत नहीं आतीं। इसलिए निवेशकों को केवल GMP देखकर IPO में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
Tempsens Instruments IPO की अहम तारीखें
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 20 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 24 अगस्त 2026 |
| अलॉटमेंट की संभावित तारीख | 25 अगस्त 2026 |
| NSE/BSE पर संभावित लिस्टिंग | 28 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹285-₹300 |
| लॉट साइज | 50 शेयर |
| IPO का कुल आकार | ₹650 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹95 करोड़ |
| ऑफर फॉर सेल | ₹555 करोड़ |
₹300 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹15,000 लगाने होंगे, क्योंकि एक लॉट में 50 शेयर हैं।
अब तक किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन?
Tempsens Instruments IPO को सभी प्रमुख निवेशक कैटेगरी से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। अब तक के आंकड़ों के अनुसार:
- Qualified Institutional Buyers (QIB): 3.31 गुना
- Non-Institutional Investors (NII): 52.98 गुना
- Retail Investors: 18.73 गुना
- Employees: 28.93 गुना
- कुल सब्सक्रिप्शन: 21.69 गुना
इन आंकड़ों से साफ है कि खासकर नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों की ओर से IPO में काफी दिलचस्पी दिखाई गई है।
IPO के लिए ICICI Securities और JM Financial बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि KFin Technologies इश्यू का रजिस्ट्रार है।
₹650 करोड़ के IPO में क्या है ऑफर?
Tempsens Instruments IPO का कुल आकार ₹650 करोड़ है। इसमें ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से करीब ₹555 करोड़ के शेयरों का Offer for Sale (OFS) शामिल है।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के पास जाएगी, जबकि OFS के तहत शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को रकम मिलेगी। IPO से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी ₹194.55 करोड़ जुटाए हैं।
कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए ₹1.5 करोड़ के शेयर रिजर्व किए हैं। बाकी हिस्से में से 50% QIB, 35% रिटेल और 15% NII के लिए आरक्षित है।
IPO से मिलने वाले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
Tempsens Instruments ने IPO से मिलने वाली फ्रेश इश्यू की रकम के इस्तेमाल के लिए कई उद्देश्य तय किए हैं। कंपनी इस पूंजी का उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए करेगी।
इसके अलावा कंपनी IPO से मिलने वाली राशि के एक हिस्से का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी करेगी।
कंपनी के लिए यह पूंजी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उसे अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कारोबार के विस्तार और टेक्निकल सॉल्यूशंस में निवेश करने में मदद मिल सकती है।
क्या कारोबार करती है Tempsens Instruments?
Tempsens Instruments (India) Limited एक थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस कंपनी है। कंपनी तापमान मापने और नियंत्रित करने से जुड़े कई तरह के प्रोडक्ट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है।
कंपनी के प्रमुख कारोबार में कस्टमाइज्ड टेंपरेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल्स शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट दोनों तरह के टेंपरेचर सेंसर बनाती है।
कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है और इसके प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट भी होता है। इस वजह से कंपनी का कारोबार केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है।
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी IPO में निवेशकों की दिलचस्पी की एक वजह हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में Tempsens Instruments का रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹455.86 करोड़ हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू ₹382.47 करोड़ था।
इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 14% बढ़कर ₹71 करोड़ पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह ₹62.56 करोड़ था।
यानी कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू के साथ-साथ मुनाफे में भी वृद्धि दर्ज की है। कंपनी पर वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान करीब ₹77.95 करोड़ की उधारी थी।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Tempsens Instruments IPO में मजबूत सब्सक्रिप्शन और ऊंचा GMP निश्चित तौर पर सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन निवेशकों को सिर्फ इन दो चीजों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
सबसे पहले, GMP आधिकारिक या रेगुलेटेड इंडिकेटर नहीं है। लिस्टिंग के दिन बाजार की स्थिति, कंपनी के वैल्यूएशन, निवेशकों की मांग और व्यापक शेयर बाजार के रुख के आधार पर शेयर की कीमत GMP से काफी अलग हो सकती है।
दूसरी ओर, IPO में मजबूत सब्सक्रिप्शन का मतलब यह भी नहीं है कि लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत लगातार बढ़ती ही रहेगी। लिस्टिंग के बाद कंपनी के कारोबार की ग्रोथ, मुनाफा, कर्ज, इंडस्ट्री की स्थिति और वैल्यूएशन जैसे फैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसलिए अगर कोई निवेशक Tempsens Instruments IPO में आवेदन करने की योजना बना रहा है, तो उसे कंपनी के फाइनेंशियल प्रदर्शन, वैल्यूएशन, IPO के उद्देश्य और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।
28 अगस्त को हो सकती है शेयर की लिस्टिंग
Tempsens Instruments IPO के लिए 24 अगस्त आवेदन की आखिरी तारीख है। इसके बाद 25 अगस्त को शेयर अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं कंपनी के शेयर 28 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।
फिलहाल ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम की खबर ने IPO को लेकर निवेशकों की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। लेकिन वास्तविक लिस्टिंग प्राइस का पता एक्सचेंज पर ट्रेडिंग शुरू होने के बाद ही चलेगा। इसलिए निवेशकों के लिए GMP को केवल एक संकेत मानना और निवेश का अंतिम फैसला कंपनी के फंडामेंटल्स और अपने जोखिम के आधार पर करना बेहतर रहेगा।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक संकेतक नहीं है और इसमें बदलाव हो सकता है। निवेश करने से पहले कंपनी के IPO दस्तावेजों और वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी व्यक्ति को किसी शेयर या IPO में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


