Skyways Air Services IPO: लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग सेक्टर की कंपनी स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का ₹582.80 करोड़ का मेनबोर्ड IPO 24 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर निवेशकों से ₹174.54 करोड़ जुटाए हैं। IPO में निवेशक 27 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 1 सितंबर को लिस्ट होने की संभावना है।
Skyways Air Services IPO की प्रमुख बातें
स्काईवेज एयर सर्विसेज IPO का प्राइस बैंड ₹131 से ₹138 प्रति शेयर तय किया गया है। IPO में एक लॉट में 100 शेयर होंगे। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट की न्यूनतम निवेश राशि ₹13,800 होगी।
कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹582.80 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें ₹398.80 करोड़ के 2.89 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹184 करोड़ के 1.33 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) होगी।
OFS के तहत प्रमोटर यशपाल शर्मा और तरुण शर्मा के अलावा निवेशक हिमांशु छाबड़ा और रोहित सहगल अपने शेयर बेचेंगे।
IPO का सब्सक्रिप्शन 24 अगस्त से शुरू होकर 27 अगस्त 2026 को बंद होगा। शेयर अलॉटमेंट 28 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 1 सितंबर को NSE और BSE पर हो सकती है।
क्या करती है Skyways Air Services?
स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कारोबार में सक्रिय कंपनी है। फ्रेट फॉरवर्डर को आसान भाषा में लॉजिस्टिक्स मैनेजर कहा जा सकता है। यह कंपनियां ग्राहकों के माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को मैनेज करती हैं।
इसके तहत शिपमेंट के लिए जगह बुक करना, कस्टम्स से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करना और एयर, समुद्री, सड़क या रेल परिवहन के जरिए माल पहुंचाने की व्यवस्था शामिल होती है।
Skyways Air Services की सेवाओं में एयर और ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, ट्रकिंग, कस्टम्स ब्रोकिंग, वेयरहाउसिंग, एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी जैसी सेवाएं शामिल हैं। कंपनी टेक्नोलॉजी आधारित लॉजिस्टिक्स सेवाओं और वैल्यू-एडेड सर्विसेज पर भी फोकस करती है।
IPO से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी के मुताबिक, नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इसमें कंपनी और उसकी सब्सिडियरी Forin Container Line Pvt. Ltd. के कर्ज को कम करने की योजना भी शामिल है। IPO में संस्थागत और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग हिस्सेदारी तय की गई है।
कुल इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए और 35% रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है।
एंकर निवेशकों से जुटाए ₹174.54 करोड़
IPO खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹174.54 करोड़ जुटाए। BSE पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी ने ₹138 प्रति शेयर की कीमत पर 17 एंकर निवेशकों को करीब 1.26 करोड़ शेयर आवंटित किए।
एंकर बुक में नोमुरा सिंगापुर, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, होलानी वेंचर कैपिटल फंड-I, इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस और ASAS ग्लोबल फंड जैसे निवेशकों की भागीदारी रही।
इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड और टॉरस एसेट मैनेजमेंट ने छह अलग-अलग स्कीमों के जरिए निवेश किया। इन निवेशकों को करीब ₹69.69 करोड़ के 50.5 लाख शेयर आवंटित किए गए।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
वित्त वर्ष 2025-26 में Skyways Air Services का कारोबार मजबूत रहा। कंपनी का रेवेन्यू करीब 25% बढ़कर ₹2,839.67 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹2,270.99 करोड़ था।
इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 32% बढ़कर ₹63.52 करोड़ पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह ₹48.14 करोड़ था।
हालांकि, कंपनी पर कर्ज भी है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की उधारी करीब ₹624 करोड़ थी। ऐसे में IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल किया जाना कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
ग्रे मार्केट में क्या संकेत मिल रहे हैं?
IPO की लिस्टिंग से पहले Skyways Air Services के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 26.81% बताया जा रहा है। अगर यह प्रीमियम IPO के अपर प्राइस बैंड ₹138 पर बरकरार रहता है, तो इससे संभावित लिस्टिंग प्राइस को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं।
हालांकि, GMP आधिकारिक या रेगुलेटेड मार्केट का आंकड़ा नहीं है। यह एक अनऑथराइज्ड मार्केट में होने वाली गतिविधि पर आधारित संकेतक है और लिस्टिंग के समय वास्तविक कीमत इससे अलग हो सकती है।
Skyways Air Services IPO में निवेश से पहले ध्यान दें
कंपनी के कारोबार में रेवेन्यू और मुनाफे की अच्छी वृद्धि दिखाई देती है, जबकि IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने और वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए किया जाएगा। दूसरी ओर, कंपनी पर मौजूद कर्ज और लॉजिस्टिक्स कारोबार से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसलिए केवल GMP या संभावित लिस्टिंग गेन देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, कर्ज, कारोबार की संभावनाओं और IPO दस्तावेजों में बताए गए जोखिमों का अध्ययन करने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर या IPO में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


