IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन उस समय माहौल गरमा गया, जब यशस्वी जायसवाल आउट होने के बाद श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो से भिड़ गए। दोनों खिलाड़ियों के बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते मामला शारीरिक टकराव तक पहुंचता नजर आया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
17वें ओवर में हुआ पूरा विवाद
Conflict between jaiswal and SL players pic.twitter.com/96B5HPsJtJ
— GOAT¹⁸ 🇬🇧 (@SaviorKohli) August 23, 2026 यह घटना भारतीय पारी के 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुई। यशस्वी जायसवाल उस समय 45 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने असिथा फर्नांडो के इसी ओवर में लगातार तीन चौके लगाए, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर फर्नांडो ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया।
विकेट लेने के बाद फर्नांडो ने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया और जायसवाल को कुछ कहते हुए नजर आए। जायसवाल पहले पवेलियन की तरफ बढ़े, लेकिन फिर वापस लौटे और फर्नांडो से बहस करने लगे। दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
सिर टकराने और धक्का देने का भी दावा
घटना के वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के बीच काफी नजदीक से बहस होती दिखाई दे रही है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों के सिर भी आपस में टकराए और धक्का देने जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वीडियो के अलग-अलग एंगल को लेकर रिपोर्टों में घटना के विवरण में थोड़ा अंतर है। इतना जरूर साफ है कि मामला केवल जुबानी बहस तक सीमित नहीं रहा और दोनों खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क हुआ।
स्थिति बिगड़ने से पहले श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा और दूसरे खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद जायसवाल को पवेलियन की ओर भेजा गया और खेल आगे बढ़ा।
फर्नांडो ने ऐसे लिया जायसवाल का विकेट
जायसवाल ने आउट होने से पहले अच्छी शुरुआत की थी। उन्होंने 53 गेंदों में 45 रन बनाए, जिसमें 9 चौके शामिल थे। वह अपना अर्धशतक पूरा करने से महज 5 रन दूर थे।
इससे पहले उन्होंने फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाकर दबाव बनाया था। हालांकि, आखिरी गेंद पर फर्नांडो ने जायसवाल की डिफेंस को भेदते हुए उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद हुआ आक्रामक सेलिब्रेशन ही विवाद की बड़ी वजह बना।
क्या ICC के नियमों के तहत जायसवाल पर हो सकता है एक्शन?
मैदान पर खिलाड़ियों के बीच शारीरिक टकराव को लेकर ICC के नियम काफी सख्त हैं। ICC Code of Conduct के मौजूदा प्रावधानों में Article 2.18 किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति पर शारीरिक हमला करने से संबंधित है। इसे Level-4 offence माना जाता है। वहीं Article 2.19 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान मैदान पर किसी भी तरह की हिंसा को Level-4 offence के रूप में रखता है।
हालांकि, सिर्फ वीडियो देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि जायसवाल पर कौन-सा आरोप लगाया जाएगा। घटना की पूरी समीक्षा, मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और संबंधित खिलाड़ियों के बयान के आधार पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई तय होगी।
क्या जायसवाल पर लगेगा बैन?
अगर मैच अधिकारियों की जांच में शारीरिक हमला या मैदान पर हिंसा से जुड़ा Level-4 अपराध साबित होता है, तो मामला गंभीर हो सकता है। ICC के Level-4 प्रावधानों में सजा की सीमा 5 टेस्ट या 10 वनडे मैचों के प्रतिबंध से लेकर आजीवन प्रतिबंध तक हो सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जायसवाल पर निश्चित रूप से इतना बड़ा प्रतिबंध लगाया जाएगा। संभावित सजा घटना की प्रकृति, इरादे, शारीरिक संपर्क की गंभीरता और मैच रेफरी द्वारा किए गए आकलन पर निर्भर करेगी।
दिलचस्प बात यह है कि ICC के नियमों में बल्लेबाज को उकसाने वाली भाषा, हरकत या इशारे भी अलग अपराध के तहत आ सकते हैं। जुलाई 2026 में पाकिस्तान के खिलाड़ियों के एक मामले में ICC ने बल्लेबाज के आउट होने पर उसे उकसाने वाली भाषा, हरकत या इशारे से जुड़े Article 2.5 के तहत कार्रवाई की थी।
भारत ने सीरीज में बनाई हुई है बढ़त
भारत और श्रीलंका के बीच यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला है। भारत पहले टेस्ट में जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। ऐसे में टीम इंडिया की नजर दूसरे टेस्ट में जीत के साथ सीरीज 2-0 से अपने नाम करने पर है।
लेकिन दूसरे टेस्ट के पहले ही दिन जायसवाल और फर्नांडो के बीच हुआ यह विवाद मुकाबले का सबसे चर्चित पल बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मैच रेफरी इस घटना पर क्या फैसला लेते हैं और क्या दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई होती है।


