BSE Share Price: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का शेयर 30 सितंबर 2026 से देश के सबसे प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक Nifty 50 का हिस्सा बनने जा रहा है। BSE के शेयर को निफ्टी 50 में Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। NSE की ओर से 10 अगस्त को इस बदलाव का ऐलान किया गया है। इस खबर के बाद BSE और Wipro दोनों के शेयरों में निवेशकों की नजर बनी हुई है।
11 अगस्त को शुरुआती कारोबार में BSE के शेयर में तेजी देखने को मिली, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के कारण शेयर दबाव में आ गया। सुबह करीब 11 बजे BSE का शेयर 0.46 फीसदी गिरकर 3,579 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। हालांकि, 2026 में अब तक यह शेयर 36 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है, जबकि पिछले एक साल में इसमें करीब 50 फीसदी की तेजी आई है।
BSE को निफ्टी 50 में शामिल करने का ऐलान
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने प्रमुख सूचकांक Nifty 50 में शामिल कंपनियों की समीक्षा करता है और समय-समय पर इसमें बदलाव करता है। इसी प्रक्रिया के तहत BSE को 30 सितंबर से निफ्टी 50 में शामिल किया जाएगा।
BSE निफ्टी 50 में Wipro की जगह लेगा। विप्रो देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल है और लंबे समय से निफ्टी 50 का हिस्सा रही है। यह पहली बार है जब विप्रो को निफ्टी 50 की मौजूदा सूची से बाहर किया जा रहा है। इससे पहले अप्रैल-सितंबर 2013 के दौरान भी विप्रो कुछ समय के लिए निफ्टी 50 से बाहर हुई थी। उस समय इसके आईटी सर्विसेज बिजनेस से जुड़े विलय की वजह से इंडेक्स में बदलाव हुआ था।
BSE में आ सकता है करीब 69 करोड़ डॉलर का निवेश
BSE के निफ्टी 50 में शामिल होने का सबसे बड़ा असर इंडेक्स आधारित निवेश पर पड़ सकता है। नोमुरा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, निफ्टी 50 में BSE के शामिल होने से कंपनी के शेयरों में करीब 69.1 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है।
दरअसल, निफ्टी 50 को ट्रैक करने वाले इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को इंडेक्स में बदलाव के बाद अपने पोर्टफोलियो में संबंधित शेयरों का वजन बढ़ाना पड़ता है। ऐसे में BSE के शेयर में अतिरिक्त संस्थागत मांग देखने को मिल सकती है।
दूसरी ओर, निफ्टी 50 से बाहर होने के बाद Wipro के शेयरों से करीब 24 करोड़ डॉलर का निवेश निकलने का अनुमान है। इसका मतलब यह है कि इंडेक्स फंड और अन्य पैसिव निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो से Wipro के शेयरों का एक हिस्सा कम करना पड़ सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि BSE के शेयर में 69.1 करोड़ डॉलर का निवेश एक ही दिन में आ जाएगा या Wipro से 24 करोड़ डॉलर एक साथ निकल जाएंगे। वास्तविक प्रभाव फंडों की री-बैलेंसिंग और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
11 अगस्त को BSE और Wipro के शेयरों का हाल
निफ्टी 50 में शामिल होने की खबर के बावजूद 11 अगस्त को BSE के शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिली। सुबह के कारोबार में शेयर मजबूत हुआ था, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह लाल निशान में आ गया।
सुबह करीब 11 बजे BSE का शेयर 0.46 फीसदी की गिरावट के साथ 3,579 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, Wipro के शेयर में भी दबाव नजर आया। शेयर शुरुआती कारोबार में मजबूत खुले, लेकिन बाद में बिकवाली के कारण गिरावट में चले गए। करीब 11 बजे Wipro का शेयर 0.65 फीसदी गिरकर 184.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
इस समय बाजार के प्रमुख सूचकांक भी दबाव में थे। करीब 11 बजे Nifty 50 0.52 फीसदी यानी 127 अंक गिरकर 24,454 के आसपास था, जबकि Sensex 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ 78,120 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
2017 में हुई थी BSE की लिस्टिंग
BSE के शेयर की शेयर बाजार में लिस्टिंग फरवरी 2017 में हुई थी। कंपनी ने अपने IPO के दौरान निवेशकों को 806 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी किए थे। वहीं, शेयर की बाजार में लिस्टिंग 1,069.20 रुपये के भाव पर हुई थी, यानी IPO प्राइस की तुलना में निवेशकों को शानदार लिस्टिंग प्रीमियम मिला था।
लिस्टिंग के बाद से BSE के शेयर ने लंबी अवधि में निवेशकों को काफी मजबूत रिटर्न दिया है। कंपनी ने 2022 और 2025 में बोनस शेयर भी जारी किए। इसके अलावा लिस्टिंग के बाद से कंपनी ने शेयरधारकों को प्रति शेयर करीब 200 रुपये का डिविडेंड भी दिया है।
हालांकि, किसी शेयर के पिछले प्रदर्शन को उसके भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। BSE के शेयर की आगे की चाल बाजार की धारणा, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ट्रेडिंग वॉल्यूम और भारतीय पूंजी बाजार में होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगी।
BSE के लिए निफ्टी 50 में शामिल होना क्यों अहम?
निफ्टी 50 देश के सबसे ज्यादा ट्रैक किए जाने वाले शेयर बाजार सूचकांकों में से एक है। ऐसे में इसमें शामिल होने से BSE को बाजार में अतिरिक्त विजिबिलिटी और संस्थागत निवेश मिलने की संभावना है।
इंडेक्स में शामिल होने के बाद उन म्यूचुअल फंड्स, ETF और अन्य पैसिव निवेश उत्पादों में BSE का वजन आ सकता है जो Nifty 50 को ट्रैक करते हैं। इससे शेयर में ट्रेडिंग एक्टिविटी और संस्थागत भागीदारी बढ़ सकती है।
इसके अलावा, निफ्टी 50 में शामिल होना कंपनी के लिए बाजार में एक तरह की मजबूती और निवेशकों के बीच बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत भी माना जा सकता है।
Wipro पर क्या होगा असर?
दूसरी तरफ, Wipro का निफ्टी 50 से बाहर होना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण इंडेक्स बदलाव है। निफ्टी 50 को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स को इंडेक्स में बदलाव लागू होने के बाद Wipro में अपनी हिस्सेदारी कम करनी पड़ सकती है।
इस वजह से शॉर्ट टर्म में शेयर पर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, कंपनी के वास्तविक बिजनेस प्रदर्शन, आईटी सेक्टर की स्थिति और निवेशकों की धारणा का असर भी शेयर की कीमत पर पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या समझें?
BSE के निफ्टी 50 में शामिल होने से कंपनी के शेयर में इंडेक्स आधारित निवेश आने की उम्मीद है। नोमुरा के अनुमान के मुताबिक करीब 69.1 करोड़ डॉलर का संभावित निवेश इसका संकेत देता है। लेकिन सिर्फ इंडेक्स में शामिल होने की खबर के आधार पर शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
निवेशकों को कंपनी की वैल्यूएशन, कमाई, कारोबार की वृद्धि, शेयर की मौजूदा कीमत और बाजार जोखिम जैसे पहलुओं को भी देखना चाहिए। वहीं, Wipro के निवेशकों को भी केवल इंडेक्स से बाहर होने के आधार पर कोई फैसला लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स पर ध्यान देना चाहिए।
नोट: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और दी गई जानकारी पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


