Tata Technologies Share Price: टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) के शेयर सोमवार को 2% से अधिक टूट गए। दिलचस्प बात यह रही कि कंपनी ने जून तिमाही (Q1 FY27) में मजबूत नतीजे पेश किए, इसके बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। इसकी सबसे बड़ी वजह प्रमुख ब्रोकरेज हाउस जेपी मॉर्गन (JP Morgan) और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) की सतर्क राय रही। दोनों ने शेयर पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखते हुए मौजूदा वैल्यूएशन को महंगा बताया है।
शेयर में क्यों आई गिरावट?
सोमवार के कारोबार में टाटा टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब 2% से अधिक गिरकर 739 रुपये के आसपास पहुंच गया। आमतौर पर मजबूत तिमाही नतीजों के बाद शेयरों में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में शेयर में आई तेज तेजी के कारण इसका वैल्यूएशन काफी ऊंचा हो चुका है। ऐसे में बेहतर नतीजों का बड़ा हिस्सा पहले ही कीमत में शामिल हो चुका था।
Q1 रिजल्ट में कंपनी ने किया दमदार प्रदर्शन
टाटा टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कई मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया।
- कॉनस्टेंट करेंसी आधार पर 4.3% तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) ग्रोथ दर्ज की।
- सालाना आधार पर कंपनी की ग्रोथ 25% रही।
- EBITDA मार्जिन 16.1% रहा, जो पिछली तिमाही के 16% से थोड़ा बेहतर है।
- डॉलर टर्म्स में रेवेन्यू 170.8 मिलियन डॉलर से बढ़कर 175.4 मिलियन डॉलर हो गया।
- भारतीय मुद्रा में कंपनी का रेवेन्यू 1,572.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,664.5 करोड़ रुपये पहुंच गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए जताया भरोसा
कंपनी के मैनेजमेंट ने भरोसा जताया है कि वित्त वर्ष 2027 में डबल डिजिट ऑर्गेनिक कॉनस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की जा सकती है।
मैनेजमेंट के अनुसार मजबूत ऑर्डर बुक, बड़े कॉन्ट्रैक्ट और लगातार मिल रहे नए प्रोजेक्ट आने वाले समय में कंपनी की आय बढ़ाने में मदद करेंगे। ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से अच्छी मांग देखने को मिल रही है।
100 मिलियन डॉलर की बड़ी डील बनी पॉजिटिव संकेत
हाल ही में टाटा टेक्नोलॉजीज ने ऑटोमोबाइल सेक्टर की वैश्विक कंपनी Tenneco के साथ 100 मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी की है।
इस समझौते के तहत कंपनी फुल-व्हीकल इंजीनियरिंग प्रोग्राम पर काम करेगी। कंपनी का कहना है कि यह डील भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगी और भविष्य में बड़े प्रोजेक्ट हासिल करने का रास्ता भी खोलेगी।
फिर भी JP Morgan क्यों है सतर्क?
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज JP Morgan ने शेयर पर ‘Underweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 540 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
यह मौजूदा बाजार भाव से करीब 29% की संभावित गिरावट का संकेत देता है।
ब्रोकरेज के अनुसार—
- मई की शुरुआत से शेयर करीब 28% चढ़ चुका है।
- इसी दौरान निफ्टी 50 लगभग सपाट रहा।
- तेजी के बाद शेयर का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है।
- शेयर FY27 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 38 गुना P/E और FY28 की कमाई के मुकाबले 33 गुना P/E पर कारोबार कर रहा है।
जेपी मॉर्गन का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर जोखिम और रिटर्न का संतुलन निवेशकों के पक्ष में नहीं है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी बनाए रखी Sell रेटिंग
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी शेयर पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
यह लक्ष्य मौजूदा कीमत से करीब 32% डाउनसाइड का संकेत देता है।
ब्रोकरेज के मुताबिक—
- पुराने ऑटो इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स से कंपनी को फायदा मिला है।
- कंपनी के बिजनेस आउटलुक में सुधार जरूर दिख रहा है।
- लेकिन मौजूदा कीमत पर शेयर काफी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
कोटक ने FY28 और FY29 के EPS अनुमान में लगभग 1% की बढ़ोतरी की है, लेकिन इसके बावजूद उनका मानना है कि टाटा टेक्नोलॉजीज का शेयर KPIT Technologies और Tata Elxsi जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 20% से 60% प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है।
एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई
टाटा टेक्नोलॉजीज को कवर करने वाले कुल 18 एनालिस्ट्स की राय एक जैसी नहीं है।
- 4 एनालिस्ट्स ने Buy की सलाह दी है।
- 5 एनालिस्ट्स ने Hold रेटिंग दी है।
- 9 एनालिस्ट्स अब भी Sell की सलाह दे रहे हैं।
इससे स्पष्ट है कि कंपनी के मजबूत बिजनेस आउटलुक के बावजूद मौजूदा वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
टाटा टेक्नोलॉजीज का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत है और कंपनी के पास बड़े ऑर्डर तथा ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। हालांकि, कई बड़े ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया तेजी के बाद शेयर की कीमत उसके मौलिक मूल्य से काफी ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में अल्पकाल में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
जो निवेशक नए निवेश की योजना बना रहे हैं, उनके लिए कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों, ऑर्डर बुक की प्रगति और वैल्यूएशन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए ब्रोकरेज हाउस के विचार उनके निजी अनुमान हैं। NewsJagran किसी भी निवेश सलाह की पुष्टि नहीं करता। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


