Aditya Birla Group Wires and Cables: अल्ट्राटेक ने लॉन्च किया ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भारतीय वायर और केबल इंडस्ट्री में अपनी नई शुरुआत कर दी है। ग्रुप की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने ‘अल्ट्रावोल्ट (Ultravolt)’ ब्रांड के साथ वायर और केबल कारोबार में कदम रखा है। कंपनी ने इस नए बिजनेस के लिए शुरुआती चरण में करीब ₹1,800 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है।
इस कारोबार के लिए गुजरात के भरूच में अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तैयार किया गया है। कंपनी की योजना आने वाले वर्षों में देश के तेजी से बढ़ते वायर और केबल बाजार में मजबूत हिस्सेदारी हासिल करने की है। अल्ट्राटेक का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र के टॉप-2 ब्रांड्स में अपनी जगह बनाना है।
पिछले तीन साल में चौथा नया बिजनेस
आदित्य बिड़ला ग्रुप के लिए वायर और केबल कारोबार में एंट्री सिर्फ एक नया प्रोडक्ट लॉन्च नहीं है, बल्कि यह समूह की नई बिजनेस कैटेगरी तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है।
पिछले करीब तीन वर्षों में ग्रुप ने यह चौथा बड़ा नया बिजनेस दांव लगाया है। सीमेंट और रेडी-मिक्स कंक्रीट जैसे कारोबार के बाद अब वायर और केबल को भी बिल्डिंग सॉल्यूशंस पोर्टफोलियो से जोड़ा जा रहा है।
अल्ट्राटेक का मानना है कि कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बाजार में ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म से ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट उपलब्ध कराने से कंपनी को अतिरिक्त कारोबारी अवसर मिल सकते हैं।
भरूच में तैयार हुआ हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
‘अल्ट्रावोल्ट’ के लिए गुजरात के भरूच में आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित की गई है। कंपनी इस प्लांट के जरिए अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से वायर और केबल का उत्पादन करेगी।
इस नए कारोबार का फोकस केवल घरेलू घरों में इस्तेमाल होने वाले तारों तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी ने रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भी अलग-अलग तरह के केबल अपने शुरुआती पोर्टफोलियो में शामिल किए हैं।
अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटाइजेशन से बढ़ेगी मांग
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने वायर और केबल सेक्टर में भविष्य की बड़ी संभावनाओं पर जोर दिया है।
उनके मुताबिक, भारत में तेजी से हो रहा शहरीकरण, बिजली के बुनियादी ढांचे का विस्तार और डिजिटाइजेशन इस उद्योग की मांग को आने वाले वर्षों में मजबूत कर सकते हैं।
देश में नए घरों का निर्माण, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और डेटा सेंटर इंडस्ट्री का विकास वायर और केबल की खपत बढ़ाने वाले प्रमुख कारक बन सकते हैं।
यही वजह है कि बिड़ला ग्रुप इस कारोबार को लंबे समय के अवसर के तौर पर देख रहा है।
500 से ज्यादा जिलों तक पहुंचेगा अल्ट्रावोल्ट
अल्ट्रावोल्ट ने लॉन्च के साथ ही अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को लेकर बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी की योजना शुरुआती चरण में ही 500 से अधिक जिलों और 6,000 से ज्यादा पिन कोड्स तक अपने उत्पाद पहुंचाने की है।
इसके अलावा कंपनी की नजर 1 लाख से ज्यादा रिटेलर्स तक पहुंच बनाने पर है। अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस के मौजूदा 5,000 से अधिक आउटलेट्स का नेटवर्क भी नए कारोबार के लिए अहम वितरण माध्यम बन सकता है।
इस रणनीति का मकसद छोटे शहरों और कस्बों तक ब्रांड की पहुंच तेजी से बढ़ाना है, जहां घरों और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के निर्माण के साथ इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बनी रहती है।
20 से ज्यादा वेयरहाउस का नेटवर्क तैयार
कंपनी ने सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए देशभर में 20 से ज्यादा वेयरहाउस का नेटवर्क तैयार किया है।
अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ के मुताबिक, इस नेटवर्क से होम बिल्डर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को जरूरत के मुताबिक तेजी से सामान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वायर और केबल जैसे प्रोडक्ट्स में समय पर डिलीवरी महत्वपूर्ण होती है, खासकर बड़े कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में। इसलिए कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी शुरुआती स्तर से ध्यान दिया है।
होम वायर से इंडस्ट्रियल केबल तक बड़ा पोर्टफोलियो
अल्ट्रावोल्ट का शुरुआती प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कई कैटेगरी को कवर करता है। इसमें होम वायर्स और फ्लेक्सिबल वायर्स के साथ रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर इस्तेमाल के लिए केबल्स शामिल हैं।
कंपनी का कहना है कि उसका फोकस ग्राहक की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्पाद उपलब्ध कराने पर रहेगा।
भविष्य में अल्ट्रावोल्ट केवल वायर और केबल तक सीमित रहने के बजाय इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज की अन्य कैटेगरी में भी विस्तार करने की योजना बना रहा है।
बिड़ला ग्रुप की बड़ी रणनीति क्या है?
अल्ट्रावोल्ट की लॉन्चिंग को अगर व्यापक रणनीति के नजरिए से देखें तो आदित्य बिड़ला ग्रुप कंस्ट्रक्शन और बिल्डिंग से जुड़े कई क्षेत्रों को एक बड़े पोर्टफोलियो में जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
सीमेंट से लेकर रेडी-मिक्स कंक्रीट और अब वायर-केबल तक विस्तार का फायदा यह हो सकता है कि ग्रुप निर्माण क्षेत्र में अलग-अलग चरणों पर इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स उपलब्ध करा सके।
दूसरी तरफ, वायर और केबल बाजार में पहले से स्थापित कंपनियों के बीच जगह बनाना अल्ट्रावोल्ट के लिए बड़ी चुनौती भी होगी। ब्रांड को डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ गुणवत्ता, कीमत, भरोसे और सर्विस के स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नया बिजनेस?
भारत में शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के बढ़ने के साथ इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स की जरूरत भी बढ़ रही है। नए घरों, ऑफिस, मॉल, फैक्ट्रियों, डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में वायर और केबल जरूरी कंपोनेंट हैं।
ऐसे में ₹1,800 करोड़ के शुरुआती निवेश के साथ अल्ट्रावोल्ट की एंट्री यह संकेत देती है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप इस बाजार में लंबी अवधि की ग्रोथ क्षमता देख रहा है।
अब कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करते हुए एक मजबूत ब्रांड तैयार करने की होगी। अगर अल्ट्रावोल्ट अपने पांच साल के टॉप-2 लक्ष्य के करीब पहुंचता है, तो यह आदित्य बिड़ला ग्रुप के नए बिजनेस पोर्टफोलियो के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।


