Stock Market Trend: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty में कमजोरी और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्लोबल संकेत फिलहाल घरेलू बाजार के लिए अनुकूल नहीं दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी और निफ्टी फ्यूचर्स दोनों ही पिछले सत्र की तुलना में कमजोर स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत
सोमवार सुबह GIFT Nifty करीब 56 अंक (0.23%) की गिरावट के साथ 24,292.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं निफ्टी फ्यूचर्स भी 24,296 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
हालांकि कुछ शुरुआती संकेतों में GIFT Nifty को 24,345 के आसपास भी देखा गया, जो शुक्रवार के निफ्टी 50 के 24,334.30 के क्लोजिंग स्तर से थोड़ा ऊपर था। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ओपनिंग में उतार-चढ़ाव और सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
शुक्रवार को जोरदार तेजी के साथ बंद हुआ था बाजार
पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया था। जून तिमाही के नतीजों से पहले बैंकिंग और अन्य हैवीवेट शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को अच्छा समर्थन मिला।
- BSE सेंसेक्स 964.58 अंक (1.25%) चढ़कर 78,151.45 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 261.55 अंक (1.09%) की तेजी के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ।
हालांकि सोमवार को ग्लोबल संकेतों ने इस सकारात्मक माहौल पर असर डाल दिया है।
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई बाजार की चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। एक और अमेरिकी सैनिक की मौत की खबर के बाद अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया। इसके जवाब में ईरान द्वारा जॉर्डन की दिशा में मिसाइलें दागे जाने की खबरों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बहरीन में एयर रेड सायरन भी सक्रिय किए गए। निवेशकों को आशंका है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों और शेयर बाजारों पर पड़ेगा।
कच्चे तेल में तेज उछाल, महंगाई की चिंता बढ़ी
भूराजनीतिक तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है।
- ब्रेंट क्रूड करीब 2.7% की तेजी के साथ 90.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- WTI क्रूड लगभग 2.3% बढ़कर 84.42 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
पिछले सप्ताह ही ब्रेंट क्रूड में लगभग 16% की तेजी दर्ज की गई थी। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के दबाव को बढ़ा सकती हैं, जिससे बाजार की धारणा कमजोर पड़ सकती है।
एशियाई बाजारों पर भी दिखा दबाव
सोमवार सुबह एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला। वहीं वॉल स्ट्रीट ने पिछले सप्ताह गिरावट के साथ कारोबार समाप्त किया था। खासतौर पर सेमीकंडक्टर कंपनियों में बिकवाली ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।
ऐसे में भारतीय बाजार भी ग्लोबल संकेतों के दबाव में रह सकता है।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, भारतीय इक्विटी बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
उनका कहना है कि GIFT Nifty का स्तर यह संकेत देता है कि बाजार की शुरुआत सीमित दायरे में हो सकती है। हालांकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशक फिलहाल आक्रामक दांव लगाने से बच रहे हैं। बाजार की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके असर पर बनी रहेगी।
आज किन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर?
- GIFT Nifty और निफ्टी फ्यूचर्स की शुरुआती चाल
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी नई खबरें
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- एशियाई और अमेरिकी बाजारों के संकेत
- जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों का असर
निष्कर्ष
सोमवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार पर ग्लोबल संकेतों का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर विदेशी बाजारों के चलते शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि घरेलू स्तर पर मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


