Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का कारोबारी सत्र काफी अहम रहने वाला है। ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत मिल रहे हैं, वहीं घरेलू बाजार में मंथली एक्सपायरी, विदेशी निवेश और कई कॉरपोरेट गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में कोई भी ट्रेड लेने से पहले बाजार से जुड़ी इन प्रमुख खबरों पर नजर डालना जरूरी है।
बाजार के लिए ग्लोबल संकेत कमजोर
ग्लोबल संकेत भारतीय बाजार के लिए फिलहाल कमजोर नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में दबाव देखने को मिल रहा है, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। NVIDIA के नतीजों और महंगाई के आंकड़ों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में भी दबाव है। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2 फीसदी नीचे कारोबार करते नजर आए। ऐसे में भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर ग्लोबल सेंटीमेंट का असर पड़ सकता है।
24 अगस्त को बाजार गिरावट के साथ बंद
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की। 24 अगस्त के कारोबारी सत्र में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मेटल और रियल्टी को छोड़कर ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली रही।
कारोबार के दौरान निफ्टी 24,150 के नीचे भी फिसला, हालांकि बाद में IT, मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी से इंडेक्स ने कुछ रिकवरी की। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ईरान को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रहे।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 171.72 अंक यानी 0.22 फीसदी गिरकर 77,369.11 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 32.95 अंक यानी 0.14 फीसदी की गिरावट के साथ 24,219.05 पर रहा।
गिफ्ट निफ्टी से क्या संकेत?
आज के कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी 50.50 अंक यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 24,160.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। यह भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए शुरुआती तौर पर नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, बाजार की आगे की दिशा ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ मंथली एक्सपायरी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर भी निर्भर करेगी।
ईरान-US तनाव से सोना-चांदी और क्रूड पर नजर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर कमोडिटी बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सोना 4,700 डॉलर और चांदी 70 डॉलर के करीब पहुंच गई है।
वहीं कच्चे तेल की कीमत भी करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े क्रूड आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं और इसका असर महंगाई तथा कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट भी निवेशकों के रडार पर है। 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.7 फीसदी के करीब पहुंच गई है।
ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया है। इन प्रतिबंधों के दायरे में ईरान के ऑयल, डिजिटल एसेट, टेक्नोलॉजी, गोल्ड, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं।
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि ईरान का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर ईरान ने इन प्रतिबंधों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
इस घटनाक्रम का असर आगे चलकर क्रूड ऑयल, गोल्ड और ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट पर देखने को मिल सकता है।
TCS ने MHP को खरीदा
TCS से जुड़ी बड़ी खबर के चलते IT सेक्टर भी फोकस में रहेगा। कंपनी ने Porsche की MHP को करीब 3,573 करोड़ रुपये में खरीदने का सौदा किया है।
यह डील अगले 3-4 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा Porsche के साथ करीब 14,000 करोड़ रुपये की पांच साल की पार्टनरशिप की भी जानकारी सामने आई है। यह TCS की करीब 10 महीनों में तीसरी बड़ी डील बताई जा रही है।
फर्टिलाइजर शेयरों पर नजर
आज फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। फर्टिलाइजर सप्लाई से जुड़ी खबरों का असर संबंधित कंपनियों के शेयरों पर पड़ सकता है।
IT शेयरों में रह सकता है दबाव
अमेरिका में प्रवासियों और वीजा से जुड़ी नीतियों में सख्ती की आशंका के चलते भारतीय IT कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर रहेंगी।
अमेरिकी बाजार भारतीय IT कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए अमेरिकी वीजा नियमों में किसी भी बड़े बदलाव से IT कंपनियों की लागत और मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
Hindustan Copper का OFS खुला
Hindustan Copper का ऑफर फॉर सेल यानी OFS आज निवेशकों के लिए अहम रहेगा। सरकार इस OFS के जरिए कंपनी में अपनी करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है।
OFS के लिए 514 रुपये प्रति शेयर की फ्लोर प्राइस तय की गई है। इसमें 3 फीसदी का ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल है। सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री से करीब 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
Piramal Finance का 2,100 करोड़ रुपये का QIP
Piramal Finance ने करीब 2,100 करोड़ रुपये का QIP लॉन्च किया है। इसकी इश्यू प्राइस 2,000-2,110 रुपये प्रति शेयर के बीच रखी गई है।
इसके अलावा Lenskart में भी अगले कुछ दिनों में करीब 2,800-2,900 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील होने की संभावना जताई जा रही है। संभावित सौदा मौजूदा बाजार भाव से करीब 5 फीसदी डिस्काउंट पर हो सकता है।
HEG के ग्रेफाइट कारोबार का डीमर्जर
HEG के ग्रेफाइट कारोबार के डीमर्जर पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। प्रस्ताव के मुताबिक कंपनी के शेयरधारकों को हर एक शेयर के बदले ग्रेफाइट कारोबार का एक शेयर मिलने की बात कही गई है।
डीमर्जर की रिकॉर्ड डेट 7 सितंबर तय की गई है। इस बीच रवि झुनझुनवाला ने कंपनी के Chairman, MD और CEO पद से इस्तीफा दे दिया है। अब इन जिम्मेदारियों को रिजू झुनझुनवाला संभालेंगे।
आज मंथली एक्सपायरी, बढ़ सकती है Volatility
आज बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक NSE के मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है। निफ्टी, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल्स के मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी भी आज है।
इसके अलावा निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी भी आज ही है। यह CAS लागू होने के बाद पहली मंथली एक्सपायरी है।
एक साथ कई कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होने के कारण बाजार में वोलेटिलिटी बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ट्रेडर्स को खासतौर पर इंट्राडे उतार-चढ़ाव से सावधान रहना होगा।
एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार
डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला रुख देखने को मिला। इंडोनेशियाई रुपिया करीब 0.15 फीसदी कमजोर, जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन करीब 0.15 फीसदी मजबूत रहा।
थाई बाहत और ताइवान डॉलर में क्रमशः 0.10 फीसदी और 0.05 फीसदी की मजबूती रही। सिंगापुर डॉलर और मलेशियाई रिंगित भी मामूली बढ़त में रहे।
दूसरी ओर जापानी येन करीब 0.02 फीसदी कमजोर रहा। फिलीपीन पेसो और चीनी रेनमिनबी में भी मामूली कमजोरी देखने को मिली।
FII-DII फंड फ्लो
24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नेट खरीदार रहे। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब 1,181 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने भी खरीदारी जारी रखी। DIIs ने 24 अगस्त को करीब 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया। खास बात यह है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी लगातार 10वें कारोबारी सत्र में जारी रही।
आज बाजार में किन चीजों पर रखें नजर?
आज ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टरों में मंथली एक्सपायरी, गिफ्ट निफ्टी, ग्लोबल मार्केट, कच्चे तेल की कीमत, ईरान-अमेरिका तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII-DII फंड फ्लो शामिल रहेंगे।
इसके अलावा TCS, Hindustan Copper, Piramal Finance, HEG, फर्टिलाइजर और IT शेयरों में कंपनी से जुड़ी खबरों के कारण खास हलचल देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसी भी ट्रेड से पहले बाजार की शुरुआती चाल और वोलैटिलिटी को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश या ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले अपनी रिसर्च और वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।


