लगातार नौकरी के इंटरव्यू में असफल होने के बाद एक टेक प्रोफेशनल ने इंटरव्यू के दौरान छिपे नोट्स का सहारा लिया। उसका दावा है कि इस रणनीति के बाद उसे लगातार दो नौकरी के ऑफर मिले। अब सोशल मीडिया पर तैयारी और चीटिंग के बीच की सीमा को लेकर बहस छिड़ गई है।
नौकरी के इंटरव्यू में बार-बार रिजेक्शन मिलने के बाद एक टेक प्रोफेशनल ने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया। कई इंटरव्यू में असफल होने और महीनों तक बेरोजगार रहने के बाद उसने इंटरव्यू के दौरान कैमरे के पास छिपे हुए नोट्स का इस्तेमाल किया। उसका दावा है कि इस तरीके को अपनाने के बाद उसे लगातार दो जॉब ऑफर मिल गए।
इस कहानी ने नौकरी पाने की कोशिशों के साथ-साथ इंटरव्यू की तैयारी और नैतिकता के बीच की सीमा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उम्मीदवार का कहना है कि उसके पास डेवलपर के तौर पर जरूरी अनुभव और क्षमता थी, लेकिन तकनीकी इंटरव्यू के दौरान वह अपनी योग्यता को प्रभावी तरीके से पेश नहीं कर पा रहा था।
मार्च से बेरोजगार था, 8 इंटरव्यू दिए

Reddit के r/csMajors पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, टेक प्रोफेशनल की नौकरी मार्च में चली गई थी। इसके बाद उसने कम से कम 8 इंटरव्यू प्रोसेस पूरे किए, लेकिन हर बार उसे निराशा हाथ लगी।
उसका कहना था कि वह कई वर्षों से डेवलपर के तौर पर काम कर चुका है और जिन पदों के लिए आवेदन कर रहा था, उनसे जुड़े काम करने में खुद को सक्षम मानता था। उसकी सबसे बड़ी समस्या तकनीकी इंटरव्यू में सामने आ रही थी, जहां वह अपनी वास्तविक क्षमता को इंटरव्यू लेने वालों के सामने सही तरीके से साबित नहीं कर पा रहा था।
लगातार असफलताओं के बीच बेरोजगारी की अवधि बढ़ती गई और आर्थिक दबाव भी बढ़ने लगा।
बचत खत्म होने लगी तो बदली रणनीति
टेक प्रोफेशनल के मुताबिक, बेरोजगारी का असर उसकी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा था। उसकी बचत कम होती जा रही थी और जल्द से जल्द नौकरी पाना जरूरी हो गया था।
इसी स्थिति में उसने इंटरव्यू की तैयारी और उसे देने के तरीके में बदलाव किया। उसने संभावित सवालों और उनके जवाबों को पहले से तैयार करना शुरू किया और इंटरव्यू के दौरान इन नोट्स को अपने कैमरे के पास रखने का फैसला किया।
स्क्रीन पर रखे नोट्स, कैमरे के पास बनाई ‘चीट शीट’
टेक प्रोफेशनल ने बताया कि अपने आखिरी दो इंटरव्यू में उसने Notion पर तैयार किए गए नोट्स को स्क्रीन पर कैमरे के पास रखा था। इन नोट्स में संभावित तकनीकी सवालों के जवाब, behavioral questions, अपने अनुभवों से जुड़े उदाहरण और अलग-अलग technical topics की जानकारी शामिल थी।
उसने यह भी दावा किया कि वह किसी दूसरे व्यक्ति से कान में जवाब नहीं दिलवा रहा था और न ही इंटरव्यू के दौरान लाइव AI बॉट से जवाब लेने की कोशिश कर रहा था। उसके अनुसार, उसने पहले से संभावित सवालों की तैयारी की और उन्हें व्यवस्थित तरीके से नोट्स में रखा था।
इस रणनीति का नतीजा उसके लिए काफी अलग रहा। उसके मुताबिक, इन दोनों इंटरव्यू के बाद उसे नौकरी के ऑफर मिल गए।
‘मुझे पता है ये सही नहीं है, लेकिन…’
अपने तरीके को लेकर टेक प्रोफेशनल ने माना कि इसे नैतिक रूप से सही ठहराना आसान नहीं है। हालांकि, उसका तर्क था कि मौजूदा जॉब मार्केट में नौकरी हासिल करना उम्मीदवारों के लिए काफी मुश्किल हो गया है।
उसने बताया कि उसकी पिछली करीब पांच साल पुरानी नौकरी भी अचानक खत्म हो गई थी। कंपनी ने लागत कम करने के लिए उसकी टीम का काम दूसरे देश में शिफ्ट कर दिया था।
ऐसे में लंबे समय तक बेरोजगार रहने और बचत खत्म होने के कारण उस पर आर्थिक दबाव बढ़ता गया। उसका मानना था कि जब नौकरी घर का खर्च चलाने और आर्थिक सुरक्षा बनाए रखने की जरूरत बन जाए, तो बेरोजगार व्यक्ति पर दबाव काफी बढ़ जाता है।
AI की मदद से तैयार किए थे नोट्स
पोस्ट के एडिट में टेक प्रोफेशनल ने बताया कि उसके इंटरव्यू नोट्स तैयार करने में Claude की मदद ली गई थी। इसके बाद उसने उन्हें Notion में व्यवस्थित किया।
हालांकि, उसके अनुसार नोट्स में शामिल सामग्री recruiters की ओर से बताए गए topics और संबंधित इंटरव्यू की जरूरतों के आधार पर तैयार की गई थी। उसने प्रत्येक इंटरव्यू के लिए अलग-अलग नोट्स बनाए थे।
इस लिहाज से उसका दावा था कि ये पूरी तरह अचानक तैयार किए गए जवाब नहीं थे, बल्कि पहले से की गई तैयारी को इंटरव्यू के दौरान संदर्भ के लिए इस्तेमाल करने का तरीका था।
सोशल मीडिया पर बंट गई लोगों की राय
इस घटना के सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई। कुछ यूजर्स ने इसे सीधे तौर पर cheating मानने से इनकार किया। उनका तर्क था कि इंटरव्यू से पहले संभावित सवालों के जवाब तैयार करना और उन्हें याद रखने के लिए नोट्स बनाना सामान्य तैयारी का हिस्सा है।
दूसरी तरफ, आलोचकों ने सवाल उठाया कि अगर उम्मीदवार इंटरव्यू के दौरान लगातार स्क्रीन पर मौजूद नोट्स देख रहा था, तो इंटरव्यू लेने वालों को इसका पता कैसे नहीं चला।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर किसी कंपनी की इंटरव्यू प्रक्रिया में स्क्रीन शेयरिंग या अन्य निगरानी व्यवस्था शामिल हो, तो इस तरह के नोट्स का इस्तेमाल आसानी से पकड़ा जा सकता है।
क्या ‘चीटिंग’ अब इंटरव्यू की तैयारी का हिस्सा बन रही है?
इस पूरे मामले ने AI के दौर में नौकरी के इंटरव्यू से जुड़ा एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर तैयारी और cheating के बीच सीमा कहां तय की जाए?
आज उम्मीदवार इंटरव्यू की तैयारी के लिए AI टूल्स, नोट्स, मॉक इंटरव्यू और ऑनलाइन संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इंटरव्यू के दौरान छिपे नोट्स का इस्तेमाल अलग सवाल पैदा करता है, क्योंकि इससे इंटरव्यू लेने वाले उम्मीदवार की वास्तविक याददाश्त, समस्या सुलझाने की क्षमता और बिना बाहरी सहायता के जवाब देने की योग्यता का आकलन नहीं कर पाते।
दूसरी ओर, इस टेक प्रोफेशनल की कहानी यह भी दिखाती है कि इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करना और वास्तविक नौकरी में अच्छा काम करना हमेशा एक ही बात नहीं होती। किसी उम्मीदवार के पास तकनीकी क्षमता होने के बावजूद वह दबाव में उसे प्रभावी तरीके से पेश न कर पाए, तो इंटरव्यू में रिजेक्शन मिल सकता है।
इसलिए इस घटना पर बहस सिर्फ यह नहीं है कि नोट्स का इस्तेमाल सही था या गलत। असली सवाल यह भी है कि क्या कंपनियों के इंटरव्यू ऐसे तरीके से डिजाइन किए जा रहे हैं, जो उम्मीदवार की वास्तविक काम करने की क्षमता को सही तरीके से माप सकें? AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आने वाले समय में यह सवाल और महत्वपूर्ण हो सकता है।


