घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह कारोबार शुरू होते ही निवेशकों में घबराहट का माहौल दिखाई दिया और बीएसई सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूट गया। निफ्टी50 भी 23,450 अंक के नीचे फिसल गया था। लेकिन दोपहर बाद बाजार ने जोरदार वापसी की और आखिरकार बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा।
दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 117.54 अंक यानी 0.16 फीसदी की तेजी के साथ 75,318.39 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 41 अंक यानी 0.17 फीसदी चढ़कर 23,659 अंक पर बंद हुआ।
बाजार की इस रिकवरी में सबसे बड़ा योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और बजाज ऑटो जैसे दिग्गज शेयरों का रहा। सुबह की बिकवाली के बाद इन शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जिससे बाजार का सेंटीमेंट सुधरा और निवेशकों का भरोसा लौटा।
सुबह क्यों टूटा बाजार?
बाजार में शुरुआती गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे। एशियाई बाजारों में कमजोरी, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण बना।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर बड़ा हमला किया जा सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। यही वजह रही कि सुबह निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई।
रिलायंस और हिंडाल्को ने कैसे बदला माहौल?
दिन के दूसरे हिस्से में बाजार में अचानक खरीदारी लौटी। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries के शेयर करीब 3 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए। कंपनी में मजबूत खरीदारी ने सेंसेक्स को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं Hindalco Industries के शेयरों में 3.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। मेटल सेक्टर में खरीदारी लौटने से बाजार को मजबूती मिली। इसके अलावा Bajaj Finserv, InterGlobe Aviation, Axis Bank, Mahindra & Mahindra, NTPC और UltraTech Cement में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
इन शेयरों में रही कमजोरी
हालांकि बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन कई बड़े शेयरों में दबाव बना रहा। Bharat Electronics, Tech Mahindra, Tata Steel, ITC, Bharti Airtel और Infosys के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
आईटी शेयरों पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने का दबाव दिखाई दिया। वहीं मेटल और डिफेंस सेक्टर में भी मुनाफावसूली देखने को मिली।
ब्रॉडर मार्केट में क्यों रही कमजोरी?
मुख्य सूचकांकों में रिकवरी के बावजूद ब्रॉडर मार्केट में दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.83 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.09 फीसदी गिर गया। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो: निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट रही, निफ्टी पीएसयू बैंक दबाव में रहा, निफ्टी ऑटो और केमिकल इंडेक्स भी टूटे, फार्मा सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल बड़े और सुरक्षित शेयरों में पैसा लगा रहे हैं, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
रुपये में भी आई बड़ी गिरावट
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव दिखाई दिया। कारोबार के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 41 पैसे टूटकर 96.96 के स्तर पर पहुंच गया।
रुपये में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती. अगर रुपया लगातार कमजोर होता है तो इसका असर पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, विदेश यात्रा और आयात से जुड़ी चीजों पर दिखाई दे सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार की आज की चाल यह दिखाती है कि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह टूटा नहीं है। बड़ी गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी इस बात का संकेत है कि घरेलू संस्थागत निवेशक अभी भी बाजार में खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि वैश्विक हालात अभी भी चिंाजनक बने हुए हैं। ईरान-अमेरिका तनाव, महंगे कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस करना चाहिए।
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