भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर अब घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। 20 मई 2026 को देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर से ऊपर बनी हुई है, जबकि कुछ शहरों में यह ₹110 के करीब पहुंच चुकी है।
मुंबई में आज पेट्रोल की कीमत ₹107.59 प्रति लीटर दर्ज की गई है। वहीं हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में पेट्रोल ₹111 प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है। हालांकि दिल्ली और नोएडा जैसे शहरों में कीमतें अपेाकृत कम बनी हुई हैं।
तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। इन कीमतों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, फ्रेट चार्ज और डीलर कमीशन जैसे कई फैक्टर शामिल होते हैं।
क्यों महंगा हो रहा है पेट्रोल?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85-90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव, सप्लाई चेन बाधाओं और वैश्विक मांग में तेजी के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में मजबूती देखने को मिली है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से भारत के लिए तेल आयात और महंगा हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।
भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा रेट
Indian Major Cities Petrol Rates Today
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹98.64 | 0.00 |
| मुंबई | ₹107.59 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹109.70 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹104.92 | +0.41 |
| गुरुग्राम | ₹99.38 | -0.13 |
| नोएडा | ₹98.46 | -0.03 |
| बेंगलुरु | ₹107.16 | 0.00 |
| भुवनेश्वर | ₹105.12 | -0.13 |
| चंडीगढ़ | ₹98.12 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹111.88 | +0.04 |
| जयपुर | ₹109.00 | +0.45 |
| लखनऊ | ₹98.42 | +0.03 |
| पटना | ₹109.82 | -0.27 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹111.53 | -0.17 |
अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग क्यों होती हैं?
भारत में पेट्रोल पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें वैट (VAT) वसूलती हैं। हर राज्य का टैक्स स्ट्रक्चर अलग होता है, इसलिए शहरों और राज्यों के बीच कीमतों में अंतर दिखाई देता है।
उदाहरण के तौर पर:
- महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों में टैक्स ज्यादा होने से पेट्रोल महंगा है।
- दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों में टैक्स अपेाकृत कम होने के कारण कीमतें कम रहती हैं।
इसके अलावा स्थानीय परिवहन लागत और डीलर मार्जिन भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
पेट्रोल महंगा होने से आम आदमी पर क्या असर पड़ता है?
पेट्रोल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
1. ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है
कैब, ऑटो, बस और निजी परिवहन महंगे हो सकते हैं।
2. खाने-पीने की चीजें महंगी होती हैं
फल, सब्जियां और रोजमर्रा का सामान ट्रकों के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचता है। ईंधन महंगा होने से सप्लाई लागत बढ़ जाती है।
3. ऑनलाइन डिलीवरी महंगी पड़ सकती है
ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ता है।
4. महंगाई पर दबाव बढ़ता है
पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर थोक और खुदरा महंगाई दोनों पर पड़ता है।
पिछले 10 दिनों में कैसा रहा ट्रेंड?
Goodreturns के ताजा डेटा के मुताबिक पिछले 10 दिनों में पेट्रोल कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इस दौरान कीमतें ₹103.54 से ₹107.59 प्रति लीटर के बीच रहीं। हालांकि आज कई प्रमुख शहरों में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है, तो भारतीय तेल कंपनियां आने वाले दिनों में कीमतों में संशोधन कर सकती हैं।
क्या आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?
ऊर्जा बाजार के जानकारों के अनुसार अगले कुछ हफ्तों तक वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव, ओपेक देशों की उत्पादन नीति और डॉलर इंडेक्स की चाल भारत में पेट्रोल कीमतों की दिशा तय करेगी।
अगर:
- कच्चा तेल $110 प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है,
- रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर होता है,
- या सप्लाई संकट बढ़ता है,
तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
भारत में पेट्रोल की कीमतें फिलहाल ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। कई शहरों में पेट्रोल ₹110 प्रति लीटर के करीब पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, टैक्स स्ट्रक्चर और रुपये की स्थिति आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों की दिशा तय करेंगे। ऐसे में आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट और बिजनेस सेक्टर तक सभी की नजर अब तेल बाजार पर बनी हुई है।
Source: Goodreturns fuel price data, international crude oil market trends


