डिफेंस सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। मजबूत तिमाही नतीजों, नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की घोषणा और पॉजिटिव टेक्निकल संकेतों की वजह से निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 8% तक उछल गया और 367 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस 295.70 रुपये से तुलना करें तो स्टॉक में लगभग 24.5% की तेजी दर्ज हो चुकी है।
क्यों चर्चा में है Apollo Micro Systems का शेयर?
डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और हथियार प्रणालियों से जुड़ी तकनीक विकसित करने वाली अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) जमीन, पानी और हवा — तीनों डिफेंस प्लेटफॉर्म के लिए इलेक्ट्रॉनिक एवं सुरक्षा सिस्टम बनाती है। कंपनी भारतीय रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी निवेश और ‘मेक इन इंडिया’ नीति का फायदा उठाने वाली कंपनियों में गिनी जाती है।
अब कंपनी के शेयर में आई तेज रैली के पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं।
1. शानदार Q4 रिजल्ट ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने बेहद मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 168.64% बढ़कर ₹37.61 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹14 करोड़ था।
वहीं कंपनी का रेवेन्यू भी जबरदस्त तरीके से बढ़ा। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की आय 81.28% बढ़कर ₹293.25 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹161.76 करोड़ थी।
Q4 प्रदर्शन एक नजर में
| पैरामीटर | Q4 FY26 | Q4 FY25 |
|---|---|---|
| नेट प्रॉफिट | ₹37.61 करोड़ | ₹14 करोड़ |
| रेवेन्यू | ₹293.25 करोड़ | ₹161.76 करोड़ |
| EBITDA | ₹67.64 करोड़ | ₹35.99 करोड़ |
| EBITDA मार्जिन | 23% | 22% |
कंपनी का EBITDA भी करीब 88% बढ़ा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि सिर्फ बिक्री ही नहीं बल्कि ऑपरेटिंग एफिशिएंसी भी मजबूत हुई है।
2. हैदराबाद में नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का एलान
कंपनी ने हैदराबाद में एक नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट को भविष्य के बड़े डिफेंस ऑर्डर्स को पूरा करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। डिफेंस सेक्टर में सरकार लगातार घरेलू निर्माण को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में जिन कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ रही है, उन्हें निवेशक लंबी अवधि के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि: नई यूनिट से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बड़े रक्षा ऑर्डर संभालना आसान होगा, मार्जिन में सुधार हो सकता है, भविष्य में राजस्व ग्रोथ तेज हो सकती है. कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में ऑर्डर बुक और प्रॉफिट दोनों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
3. टेक्निकल संकेत भी दे रहे मजबूती का इशारा
सिर्फ फंडामेंटल ही नहीं, बल्कि टेक्निकल चार्ट्स भी स्टॉक में तेजी का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक: साप्ताहिक और मासिक चार्ट पर MACD इंडिकेटर बुलिश बना हुआ है, Bollinger Bands का फैलाव बढ़ा है, स्टॉक मजबूत अपट्रेंड में दिखाई दे रहा है, वॉल्यूम में भी अच्छी तेजी दर्ज हुई है.
टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि जब किसी स्टॉक में फंडामेंटल और टेक्निकल दोनों सपोर्ट एक साथ मिलते हैं, तो उसमें तेजी लंबी चल सकती है।
डिफेंस सेक्टर में क्यों बढ़ रही है दिलचस्पी?
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। घरेलू कंपनियों को बड़े ऑर्डर दिए जा रहे हैं और रक्षा आयात कम करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
इसी वजह से: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में निवेश बढ़ा है, स्मॉलकैप डिफेंस स्टॉक्स में तेज खरीदारी देखी जा रही है, लंबे समय के निवेशक इस सेक्टर को हाई-ग्रोथ थीम मान रहे हैं. Apollo Micro Systems जैसी कंपनियां इसी थीम का फायदा उठाती नजर आ रही हैं।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत बनी रहती है और अगले कुछ क्वार्टर में भी इसी तरह की ग्रोथ दिखाई देती है, तो स्टॉक में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है, इसलिए निवेशकों को जोखिम को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Apollo Micro Systems का हालिया प्रदर्शन यह दिखाता है कि बाजार अभी उन कंपनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है जिनमें: मजबूत कमाई वृद्धि, भविष्य की विस्तार योजना, और सेक्टर ग्रोथ का सपोर्ट मौजूद है। डिफेंस सेक्टर फिलहाल भारतीय शेयर बाजार की सबसे चर्चित थीम्स में शामिल है और इसी वजह से इस स्टॉक में भी लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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