घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कमजोरी देखने को मिली, लेकिन इस गिरते बाजार में फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी Zydus Lifesciences के शेयरों ने निवेशकों को चौंका दिया। कंपनी के शेयर लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत तेजी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। शुरुआती ट्रेडिंग में शेयर करीब 5 फीसदी तक उछल गया और पिछले दो दिनों में निवेशकों को लगभग 10 फीसदी का रिटर्न दे चुका है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के मजबूत चौथी तिमाही (Q4 FY26) नतीजों, मुनाफे में बढ़ोतरी और ₹1,100 करोड़ से ज्यादा के शेयर बायबैक ऐलान ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। यही वजह है कि बाजार में बिकवाली के माहौल के बावजूद इस फार्मा शेयर में खरीदारी देखने को मिल रही है।
शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी
20 मई को जायडस लाइफ साइंसेज का शेयर करीब ₹1,066 के स्तर पर खुला। कारोबार के दौरान इसने ₹1,083 का हाई लगाया। पिछले कारोबारी सत्र में भी शेयर में लगभग 5 फीसदी की तेजी आई थी। इस तरह केवल दो दिनों में शेयर करीब 10 फीसदी तक उछल चुका है।
शेयर बाजार में जब अधिकांश सेक्टर दबाव में थे, उस समय इस स्टॉक में आई तेजी ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। खासकर फार्मा सेक्टर में डिफेंसिव निवेश की रणनीति अपनाने वाले निवेशकों ने इस शेयर में दिलचस्पी दिखाई।
क्यों बढ़ रहा है Zydus Lifesciences का शेयर?
कंपनी के शेयर में तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण इसके मजबूत वित्तीय नतीजे और बायबैक योजना मानी जा रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके अलावा बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए बड़े बायबैक का भी एलान किया है, जिससे बाजार में सकारात्मक संकेत गया।
₹1,100 करोड़ से ज्यादा का बायबैक
कंपनी के बोर्ड ने टेंडर रूट के जरिए शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी ₹1,150 प्रति शेयर के भाव पर करीब 95.65 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी। यह बायबैक निवेशकों के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि मौजूदा बाजार भाव की तुलना में बायबैक प्राइस अधिक है। इससे शेयरधारकों को अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
कंपनी ने 29 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इसी तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वे बायबैक के लिए पात्र माने जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब कोई कंपनी बड़े पैमाने पर बायबैक करती है तो यह संकेत देता है कि प्रबंधन को कंपनी के भविष्य पर भरोसा है। इससे बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है।
कैसे रहे Q4 FY26 के नतीजे?
कंपनी ने मार्च तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है।
मुनाफे में बढ़ोतरी
जायडस लाइफ साइंसेज का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.7 फीसदी बढ़कर ₹1,272.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले वर्ष समान अवधि में कंपनी का मुनाफा इससे कम था।
राजस्व में मजबूत उछाल
कंपनी का कुल रेवेन्यू 16.2 फीसदी बढ़कर ₹7,587 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,528 करोड़ था। विश्लेषकों का कहना है कि इतनी मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ यह दिखाती है कि कंपनी का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है।
भारत कारोबार से मिला बड़ा सपोर्ट
कंपनी ने बताया कि भारत में उसके फॉर्मूलेशन कारोबार में सालाना आधार पर 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। भारत में कंपनी का फॉर्मूलेशन रेवेन्यू ₹1,537.4 करोड़ से बढ़कर ₹1,752.8 करोड़ पहुंच गया। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण रहे: क्रॉनिक बीमारियों के उपचार से जुड़े प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग, कैंसर उपचार से जुड़े सुपर-स्पेशियलिटी पोर्टफोलियो में मजबूती, नेफ्रोलॉजी सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन, घरेलू ब्रांडेड दवाओं की बिक्री में सुधार.
फार्मा सेक्टर के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में क्रॉनिक और स्पेशियलिटी दवाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है, जिसका फायदा इस तरह की कंपनियों को मिल सकता है।
कंपनी प्रबंधन ने क्या कहा?
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शरविल पटेल ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटिबिलिटी दोनों मोर्चों पर अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। साथ ही कंपनी भविष्य में रिसर्च, स्पेशियलिटी बिजनेस और ग्लोबल विस्तार पर फोकस बनाए रखेगी।
फार्मा सेक्टर में क्यों बढ़ रही दिलचस्पी?
हाल के महीनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर डिफेंसिव सेक्टर की ओर रुख करते हैं। फार्मा सेक्टर को भी डिफेंसिव कैटेगरी में माना जाता है क्योंकि दवाओं की मांग आर्थिक सुस्ती के दौरान भी बनी रहती है।
इसके अलावा भारतीय फार्मा कंपनियों को अमेरिकी बाजार, जेनेरिक दवाओं और स्पेशियलिटी मेडिसिन से भी फायदा मिल रहा है। यही वजह है कि कई निवेशक फार्मा शेयरों में फिर से खरीदारी कर रहे हैं।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
हालांकि कंपनी के नतीजे मजबूत रहे हैं, लेकिन निवेशकों को कुछ अहम फैक्टर्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए: अमेरिकी बाजार में रेगुलेटरी स्थिति, डॉलर-रुपया विनिमय दर, API लागत में बदलाव, घरेलू दवा बाजार की ग्रोथ, बायबैक प्रक्रिया की प्रगति.
अगर कंपनी आने वाली तिमाहियों में भी मजबूत ग्रोथ जारी रखती है तो बाजार की नजर इस शेयर पर बनी रह सकती है।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत कमाई, बेहतर मार्जिन और बायबैक जैसे कदमों से शेयर को निकट अवधि में सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यहां दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
Also Read:


