Aluminium Stocks Boom: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। सेंसेक्स (Sensex) 600 अंकों से ज्यादा फिसल गया है, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) भी गिरकर 24,300 के नीचे पहुंच गया। बाजार के ज्यादातर सेक्टर्स दबाव में हैं, लेकिन मेटल शेयरों में अलग ही तस्वीर नजर आ रही है। खासकर एल्युमिनियम कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है।
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी यानी NALCO का शेयर कारोबार के दौरान करीब 8% तक उछल गया। वहीं Hindalco Industries में करीब 3.5% और Vedanta Aluminium में भी तेजी देखने को मिली। इस वजह से निफ्टी मेटल इंडेक्स बाजार की व्यापक कमजोरी के बावजूद करीब 1% ऊपर कारोबार करता नजर आया।
एल्युमिनियम शेयरों में यह तेजी वैश्विक स्तर पर एल्युमिना उत्पादन से जुड़ी खबरों के बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नॉर्वे की कंपनी Norsk Hydro ने गैस की कमी के चलते ब्राजील स्थित अपनी Alunorte रिफाइनरी में एल्युमिना उत्पादन को सामान्य क्षमता के करीब 50% तक कम कर दिया है। उत्पादन में इस कटौती से वैश्विक एल्युमिना सप्लाई पर असर पड़ने और कीमतों में मजबूती की संभावना जताई जा रही है।
एल्युमिना उत्पादन घटने से Aluminium Stocks क्यों चढ़े?
एल्युमिनियम बनाने की प्रक्रिया में एल्युमिना एक अहम कच्चा माल है। एल्युमिना से ही आगे एल्युमिनियम तैयार किया जाता है। ऐसे में दुनिया की किसी बड़ी रिफाइनरी में उत्पादन घटने की खबर का असर पूरे एल्युमिनियम सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
मौजूदा समय में एल्युमिना की कीमत का एल्युमिनियम की कीमत में योगदान ऐतिहासिक औसत करीब 14-16% की तुलना में लगभग 10% बताया जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि एल्युमिना की कीमतों में तेज बदलाव होने पर लागत और मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
2026 में वैश्विक एल्युमिना बाजार में करीब 1.6 मिलियन टन सरप्लस रहने का अनुमान लगाया गया था, जबकि अगले साल यह सरप्लस करीब 0.5 मिलियन टन रह सकता है। लेकिन अगर बड़े उत्पादकों की ओर से उत्पादन में कटौती जारी रहती है, तो सप्लाई और डिमांड का यह संतुलन बदल सकता है।
Norsk Hydro की Alunorte रिफाइनरी इस लिहाज से महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रिफाइनरी ने 2025 में करीब 6.3 मिलियन टन एल्युमिना का उत्पादन किया था। अब गैस सप्लाई से जुड़ी समस्या के कारण उत्पादन क्षमता को करीब आधा करने की खबर ने बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अगर एल्युमिना की कीमतों में तेजी आती है और एल्युमिनियम के भाव भी मजबूत बने रहते हैं, तो एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों की कमाई और मार्जिन को फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि घरेलू बाजार में Aluminium Stocks में खरीदारी बढ़ी है।
NALCO Share Price में 8% तक की तेजी
एल्युमिनियम शेयरों में सबसे ज्यादा चर्चा NALCO की रही। कमजोर बाजार के बीच भी NALCO के शेयर में कारोबार के दौरान करीब 8% तक की तेजी आई और यह Nifty 500 के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा।
NALCO के लिए एल्युमिना की कीमतों में मजबूती खास मायने रखती है। कंपनी के वित्त वर्ष 2026 के EBITDA में एल्युमिना कारोबार की हिस्सेदारी करीब 27% बताई गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह हिस्सेदारी करीब 44% थी।
ब्रोकरेज फर्म ने हाल ही में NALCO पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए करीब ₹463 का टारगेट प्राइस दिया था। ब्रोकरेज के मुताबिक एल्युमिनियम की मजबूत कीमतों के साथ एल्युमिना से मिलने वाले अतिरिक्त वॉल्यूम से कंपनी के रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है।
कारोबार के दौरान NALCO का शेयर करीब 8% की तेजी के साथ ₹419.35 के आसपास पहुंच गया। इस साल अब तक शेयर में करीब 33% की तेजी दर्ज की जा चुकी है।
Hindalco Share भी बना Top Gainer
NALCO के अलावा Hindalco Industries के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार में भारी गिरावट के बावजूद Hindalco का शेयर करीब 3.5% उछलकर ₹1,085.55 के आसपास पहुंच गया और Nifty 50 के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा।
Hindalco की मजबूत ग्लोबल मौजूदगी और एल्युमिनियम कारोबार में उसकी बड़ी हिस्सेदारी के कारण कमोडिटी की कीमतों में बदलाव का असर कंपनी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। इस साल अब तक Hindalco के शेयर में करीब 21% की तेजी दर्ज की गई है।
हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एल्युमिनियम और एल्युमिना की कीमतें वैश्विक सप्लाई, ऊर्जा लागत, चीन की मांग, डॉलर और औद्योगिक गतिविधियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इसलिए किसी एक दिन की तेजी को लंबे समय की निश्चित दिशा नहीं माना जा सकता।
Vedanta Aluminium में भी तेजी
Vedanta Aluminium से जुड़े शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। शेयर करीब 1.6% की बढ़त के साथ ₹470.86 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
एल्युमिना की सप्लाई में संभावित कमी और एल्युमिनियम कीमतों में मजबूती की उम्मीद ने मेटल सेक्टर के प्रति निवेशकों की धारणा को सपोर्ट किया। यही कारण है कि जब Sensex और Nifty जैसे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, तब मेटल शेयरों ने बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।
बाजार गिरा, फिर भी Metal Stocks क्यों चमके?
बुधवार के कारोबार में बाजार की कमजोरी और मेटल शेयरों की तेजी पहली नजर में विरोधाभासी लग सकती है। लेकिन दोनों के पीछे अलग-अलग कारण हैं।
एक तरफ घरेलू बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण Sensex और Nifty दबाव में हैं। दूसरी तरफ एल्युमिनियम सेक्टर में वैश्विक सप्लाई से जुड़ी खबर ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
अगर Alunorte जैसी बड़ी रिफाइनरी में उत्पादन लंबे समय तक कम रहता है, तो एल्युमिना की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इससे कीमतों में मजबूती आने की संभावना बनती है। एल्युमिनियम कारोबार से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण ट्रिगर हो सकता है।
हालांकि यह तेजी कितनी टिकाऊ होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उत्पादन में कटौती कितने समय तक रहती है और वैश्विक बाजार में दूसरी कंपनियां सप्लाई की कमी को कितना पूरा कर पाती हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Aluminium Stocks में अचानक आई तेजी के बाद निवेशकों को केवल एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए। NALCO, Hindalco और Vedanta जैसे शेयर कमोडिटी साइकिल से प्रभावित होते हैं और इनके प्रदर्शन में एल्युमिनियम की कीमत, उत्पादन लागत, ऊर्जा कीमतें, वैश्विक मांग और कंपनी के अपने ऑपरेशनल प्रदर्शन की बड़ी भूमिका होती है।
NALCO में 8% तक की तेजी के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। वहीं लंबे समय के निवेशकों को कंपनी की कमाई, EBITDA, कैश फ्लो, एल्युमिना और एल्युमिनियम की कीमतों के साथ वैल्यूएशन पर भी नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष: घरेलू बाजार में Sensex और Nifty की भारी गिरावट के बीच Aluminium Stocks ने निवेशकों को राहत दी है। NALCO में करीब 8%, Hindalco में 3.5% और Vedanta Aluminium से जुड़े शेयर में करीब 1.6% तक की तेजी ने पूरे Metal Sector को सपोर्ट दिया। Alunorte रिफाइनरी में उत्पादन घटने की खबर फिलहाल एल्युमिना और एल्युमिनियम की कीमतों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। हालांकि आगे की दिशा वैश्विक सप्लाई और कमोडिटी कीमतों के रुख पर निर्भर करेगी।
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