Market Insight: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 12 अगस्त को तेज गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूट गया है, जबकि निफ्टी 24,300 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार की इस कमजोरी के बीच दिग्गज IT शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। वहीं, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टाटा समूह के कई शेयरों पर भी दबाव बढ़ा है। TCS में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाइटन और टाटा स्टील भी कमजोर नजर आए।
ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर अब सिर्फ आज की गिरावट पर नहीं, बल्कि बाजार के अगले बड़े मूव पर है। CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के मुताबिक, मौजूदा बाजार में कुछ ऐसे संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। खास तौर पर खराब बाजार के दौरान India VIX का नीचे आना बाजार की वास्तविक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।
खराब बाजार में India VIX का गिरना क्यों चिंता की बात?
आमतौर पर जब शेयर बाजार में तेज गिरावट आती है तो निवेशकों की घबराहट बढ़ती है और इसके साथ India VIX में भी तेजी देखने को मिल सकती है। India VIX को बाजार की अपेक्षित अस्थिरता यानी volatility का प्रमुख संकेतक माना जाता है। लेकिन मौजूदा स्थिति में बाजार कमजोर होने के बावजूद VIX में वह तेजी नहीं दिखाई दे रही है जिसकी उम्मीद एक सामान्य गिरावट के दौरान की जाती है।
अनुज सिंघल का कहना है कि कल का price action बाजार में correction का पहला संकेत हो सकता है। उनके मुताबिक खराब बाजार में भी India VIX का गिरना ठीक संकेत नहीं है और VIX अब एक तरह के Complacency Zone में पहुंच चुका है।
Complacency का मतलब यहां यह है कि बाजार में गिरावट के बावजूद निवेशकों में उस स्तर की चिंता नहीं दिखाई दे रही है, जितनी परिस्थितियों को देखते हुए होनी चाहिए। ऐसे माहौल में अचानक volatility बढ़ने पर बाजार में तेज correction देखने को मिल सकता है।
अनुज सिंघल ने यह भी संकेत दिया कि पिछली बड़ी गिरावटों के दौरान भी VIX के इसी तरह के स्तर देखने को मिले थे। इसलिए मौजूदा स्तरों पर निवेशकों को सिर्फ निफ्टी या सेंसेक्स की चाल देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए, बल्कि volatility और broader market signals पर भी नजर रखनी चाहिए।
निफ्टी में 24,350 का स्तर सबसे अहम
मौजूदा बाजार में निफ्टी के लिए 24,300-24,350 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुज सिंघल के मुताबिक 24,400-24,450 पहला सपोर्ट जोन है, जबकि 24,300-24,350 का स्तर Make or Break Support की भूमिका निभा सकता है।
अगर निफ्टी इस जोन को बचाने में सफल रहता है तो बाजार में कुछ स्थिरता लौट सकती है। लेकिन अगर 24,300-24,350 का मजबूत सपोर्ट टूटता है तो हाल में आया breakout fail होने का जोखिम बढ़ सकता है।
दूसरी तरफ ऊपर की ओर 24,550-24,600 पहला अहम resistance है। इसके बाद 24,600-24,700 का जोन बड़ी चुनौती बन सकता है। यानी फिलहाल निफ्टी एक महत्वपूर्ण trading range में फंसा हुआ है और इसके किसी भी तरफ निर्णायक breakout या breakdown से अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है।
अनुज सिंघल की रणनीति के मुताबिक अगर 24,500-24,550 के आसपास निफ्टी को बार-बार rejection मिलता है तो सावधानी बरतना बेहतर होगा। वहीं खरीदारी की रणनीति तभी अपनाने की बात कही गई है जब 24,300-24,350 का सपोर्ट मजबूती से कायम रहे।
24,350 टूटा तो क्या होगा?
निफ्टी में 24,350 का स्तर टूटना बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी संकेत माना जा सकता है। यह केवल एक सपोर्ट टूटने की बात नहीं होगी, बल्कि हालिया तेजी और breakout की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
अगर यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो short-term traders की बिकवाली बढ़ सकती है। इसके साथ ही पहले से कमजोर IT और दूसरे heavyweight शेयरों में दबाव बढ़ने पर index की गिरावट और तेज हो सकती है।
दूसरी तरफ अगर निफ्टी 24,650 के ऊपर मजबूती से निकलता है तो मौजूदा bearish pressure कमजोर पड़ सकता है और trend दोबारा positive होने की संभावना बन सकती है।
इसलिए अभी बाजार में सबसे जरूरी बात यह है कि निवेशक किसी एक दिशा को लेकर जल्दबाजी न करें। 24,300-24,350 और 24,600-24,700 के बीच price action पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
आज भारत और US के महंगाई आंकड़े भी अहम
बाजार के लिए बुधवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शाम को भारत और अमेरिका से महंगाई से जुड़े आंकड़े आने हैं। महंगाई के आंकड़े बाजार की आगे की ब्याज दरों की उम्मीदों और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर आंकड़े बाजार की उम्मीदों के मुताबिक या उससे बेहतर आते हैं तो यह शेयर बाजार के लिए सकारात्मक trigger बन सकता है। खासकर ऐसे समय में जब बाजार पहले से ही बिकवाली के दबाव में है, बेहतर inflation data sentiment को संभालने में मदद कर सकता है।
इसके उलट अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है तो ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं और बाजार में volatility और बढ़ सकती है।
इसके अलावा आज दो expiries के बीच का trading session भी है। ऐसे समय में derivatives market में position adjustment और volatility के कारण index में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Godrej Consumer में बड़ी हलचल की संभावना
आज नजर रखने वाले शेयरों में Godrej Consumer Products भी शामिल है। कंपनी के MD & CEO के पद छोड़ने के बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली है। ऐसी स्थिति में gap-down के बाद शेयर को तुरंत short करने से बचने की सलाह दी गई है।
बाजार विशेषज्ञ के मुताबिक अगर शेयर में बड़ी गिरावट के बाद selling pressure कम होता है तो यह long-term bottom formation की शुरुआत भी हो सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि निवेशकों को बिना कंपनी के fundamentals और valuation की जांच किए खरीदारी करनी चाहिए।
निवेशकों के लिए ऐसे समय में कंपनी की आगे की management strategy, earnings outlook और valuation को देखना ज्यादा जरूरी होगा। केवल बड़ी गिरावट को खरीदारी का संकेत मानना जोखिम भरा हो सकता है।
Manappuram Finance पर भी नजर
दूसरी तरफ Manappuram Finance के हालिया नतीजों को मजबूत बताया गया है। सोने की कीमतों में तेजी लौटने के बीच gold financing से जुड़ी कंपनियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
अनुज सिंघल ने Manappuram को पिछले कुछ दिनों से पसंदीदा शेयरों में शामिल बताया है। Trading position रखने वाले निवेशकों के लिए gap-up में profit booking पर विचार करने की बात कही गई है, जबकि long-term investors के लिए बने रहने का नजरिया सामने आया है।
हालांकि किसी भी शेयर में trading या investment decision लेने से पहले individual risk profile और company fundamentals को ध्यान में रखना जरूरी है।
बाजार में बढ़ रहा है Over-supply का जोखिम
मौजूदा बाजार में एक और चिंता over-supply को लेकर है। एक ही दिन में Tenneco, Dr Agarwal’s Health Care और Thyrocare जैसी कंपनियों में block deals देखने को मिली हैं। इसके अलावा बाजार में लगातार OFS और QIP जैसी गतिविधियां भी जारी हैं।
इन transactions के जरिए बाजार में बड़ी मात्रा में shares की supply आती है। जब secondary market पहले से दबाव में हो और उसी समय नई supply बढ़ती है तो liquidity पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा IPO market में भी लगातार नई कंपनियां दस्तक दे रही हैं। अनुज सिंघल ने IPO market को लेकर काफी सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी है। उनका मानना है कि सभी IPO खराब नहीं होते, लेकिन कई IPO केवल बाजार की तेजी का फायदा उठाने के लिए आते हैं और listing के बाद उनके प्रदर्शन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
ऐसे IPO secondary market से liquidity भी खींच सकते हैं। इसलिए निवेशकों को केवल IPO की listing gain की उम्मीद में पैसा लगाने के बजाय कंपनी के fundamentals, valuation, profitability, debt और future growth prospects को देखना चाहिए।
IPO में निवेश से पहले क्या देखें?
मौजूदा माहौल में IPO निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ grey market premium या listing expectations को आधार न बनाया जाए।
किसी IPO का बेहतर आकलन करने के लिए कंपनी की कमाई, cash flow, debt, valuation, promoter holding और industry outlook जैसे factors को देखना चाहिए। अगर कंपनी की valuation पहले से बहुत ज्यादा है और business performance उस valuation को justify नहीं करती, तो listing के बाद शेयर में तेज गिरावट भी आ सकती है।
यही वजह है कि बाजार में नई supply बढ़ने के समय निवेशकों को selective approach अपनाने की जरूरत होती है।
Bank Nifty में 57,000-57,200 आखिरी बड़ा सपोर्ट
Bank Nifty भी इस समय महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर पर है। अनुज सिंघल के मुताबिक Bank Nifty कल 200-DMA के आसपास/नीचे बंद हुआ है, जो technical analysis के लिहाज से अहम संकेत है।
Bank Nifty के लिए 57,000-57,200 को आखिरी बड़ा support zone माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो 56,000-56,500 की तरफ गिरावट का रास्ता खुल सकता है।
ऊपर की तरफ 57,600-57,800 पहला resistance है। इसके बाद 58,000-58,200 का जोन बड़ी चुनौती बन सकता है।
इसलिए फिलहाल Bank Nifty में aggressive positioning के बजाय सावधानी बरतने की रणनीति बेहतर मानी जा रही है।
Nifty और Bank Nifty के अहम स्तर
| इंडेक्स | सपोर्ट | बड़ा सपोर्ट | पहला रेजिस्टेंस | बड़ा रेजिस्टेंस |
|---|---|---|---|---|
| Nifty | 24,400-24,450 | 24,300-24,350 | 24,550-24,600 | 24,600-24,700 |
| Bank Nifty | 57,000-57,200 | 56,000-56,500 | 57,600-57,800 | 58,000-58,200 |
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा बाजार में सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि आज सेंसेक्स कितने अंक गिरा, बल्कि यह है कि क्या यह सामान्य profit booking है या बड़े correction की शुरुआत।
India VIX का व्यवहार, निफ्टी का 24,300-24,350 सपोर्ट, Bank Nifty का 200-DMA के आसपास प्रदर्शन, लगातार block deals, OFS-QIP और IPO supply जैसे factors बाजार की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अगर निफ्टी 24,300-24,350 के ऊपर टिकता है और 24,600-24,700 के ऊपर मजबूती हासिल करता है तो correction का खतरा कुछ कम हो सकता है। लेकिन सपोर्ट टूटने की स्थिति में बाजार में तेज गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।
ऐसे माहौल में निवेशकों को घबराकर बिकवाली करने या गिरावट में बिना जांच के खरीदारी करने, दोनों से बचना चाहिए। खासकर leveraged trading में stop-loss का पालन करना जरूरी है।
निष्कर्ष: बुधवार की गिरावट ने बाजार में सावधानी बढ़ा दी है। India VIX का गिरना, जबकि बाजार कमजोर है, एक ऐसा संकेत है जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है। आने वाले समय में 24,300-24,350 का निफ्टी सपोर्ट और 57,000-57,200 का Bank Nifty सपोर्ट निर्णायक साबित हो सकता है। साथ ही भारत और अमेरिका के inflation data से मिलने वाला संकेत भी बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहेगा।
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