Reliance Retail Food Safety Case: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। बुलढाणा जिले में Reliance Retail के एक आउटलेट पर बिक रही पैक्ड काजू कतली को लेकर शिकायत मिलने के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने जांच शुरू की। शिकायत में दावा किया गया था कि मिठाई के एक पैकेट में जीवित कीड़े मिले हैं। मामला सामने आने के बाद FDA की टीम ने संबंधित आउटलेट पर पहुंचकर जांच की और उपलब्ध स्टॉक से बड़ी संख्या में काजू कतली के डिब्बे जब्त किए।
दूसरी ओर, मुंबई में Blinkit से जुड़ी एक सुविधा पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वहां कथित तौर पर बड़े पैमाने पर कॉकरोच का प्रकोप, खाद्य सामग्री के अनुचित भंडारण और साफ-सफाई से जुड़ी कई कमियां मिलीं। इसके बाद महाराष्ट्र FDA ने संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच हुई है। FDA अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
HighLights
- बुलढाणा में रिलायंस रिटेल आउटलेट पर काजू कतली को लेकर शिकायत
- पैक्ड मिठाई में जीवित कीड़े मिलने का आरोप
- FDA ने 54 डिब्बे यानी 11.34 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया
- जब्त मिठाई की कीमत करीब ₹10,238 बताई गई
- सैंपल अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए
- रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे कार्रवाई होगी
- मुंबई में ब्लिंकिट की एक सुविधा का खाद्य लाइसेंस निलंबित
- निरीक्षण में कॉकरोच का प्रकोप और अनुचित भंडारण मिला
कहां का है रिलायंस रिटेल काजू कतली का मामला?
महाराष्ट्र FDA के मुताबिक, यह मामला बुलढाणा जिले के एआरडी सिनेमाहॉल स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के आउटलेट से जुड़ा है। विभाग को शिकायत मिली थी कि स्टोर में उपलब्ध ‘लक्ष्मी नारायण’ ब्रांड की पैक्ड काजू कतली के एक डिब्बे में जीवित कीड़े पाए गए।
शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। इस तरह की शिकायत खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती है, क्योंकि पैक्ड मिठाई में किसी प्रकार का जीवित कीट मिलना उसके निर्माण, पैकेजिंग, परिवहन या स्टोरेज से जुड़े संभावित सवाल खड़े करता है।
हालांकि, FDA की जांच के दौरान शिकायत में बताए गए बैच का स्टॉक आउटलेट पर उपलब्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत वाला बैच 29 मई को तैयार किया गया था और 29 अगस्त को उसकी एक्सपायरी डेट थी।
इसके बावजूद जांच टीम को उसी ब्रांड का दूसरा बैच स्टोर पर मिला। यह बैच 20 जुलाई को तैयार किया गया था और 20 अक्टूबर तक वैध था। FDA ने इसी उपलब्ध बैच से सैंपल लेकर उसे आगे की जांच के लिए भेजा है।
FDA ने कितनी मिठाई जब्त की?
मामले में FDA ने केवल शिकायत दर्ज कर जांच तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। अधिकारियों ने उपलब्ध स्टॉक की जांच करते हुए 54 डिब्बे जब्त किए।
इन डिब्बों का कुल वजन करीब 11.34 किलोग्राम बताया गया है, जबकि जब्त किए गए स्टॉक की कीमत लगभग ₹10,238 थी।
यह स्टॉक इसलिए जब्त किया गया ताकि इसकी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच की जा सके। इसके लिए सैंपल अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।
अब पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम प्रयोगशाला की रिपोर्ट होगी। यदि जांच में खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
क्या रिलायंस रिटेल का लाइसेंस भी रद्द होगा?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस मामले में FDA ने रिलायंस रिटेल के संबंधित आउटलेट का लाइसेंस निलंबित किए जाने की बात नहीं कही है। यहां कार्रवाई जांच और सैंपलिंग के स्तर पर चल रही है।
इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि संबंधित स्टोर का लाइसेंस रद्द या निलंबित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई मुख्य रूप से प्रयोगशाला की रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
अगर खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया जाता है, तो कानून के तहत संबंधित निर्माता, विक्रेता या अन्य जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अब प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार
FDA ने जिस बैच के नमूने लिए हैं, उन्हें अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा गया है। इस रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संबंधित उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
यह अंतर भी महत्वपूर्ण है कि शिकायत में जिस बैच में कथित तौर पर जीवित कीड़े पाए जाने की बात कही गई थी, वह बैच निरीक्षण के समय स्टोर में मौजूद नहीं था। जांच टीम ने उपलब्ध दूसरे बैच से सैंपल लिया है।
इसलिए अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
मुंबई में ब्लिंकिट पर भी FDA की बड़ी कार्रवाई
इसी अभियान के दौरान मुंबई में ब्लिंकिट से जुड़ी एक सुविधा पर भी खाद्य सुरक्षा से संबंधित गंभीर कमियां सामने आईं। महाराष्ट्र FDA ने मलाड (पश्चिम) के सर्वोदय भवन स्थित Blink Commerce Private Limited के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार, 7 अगस्त को किए गए निरीक्षण में सुविधा की स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के भंडारण से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिलीं।
FDA के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान परिसर में बेहद अस्वास्थ्यकर परिस्थितियां पाई गईं। इसके अलावा खाद्य सामग्री के आसपास कॉकरोच का व्यापक प्रकोप भी सामने आया।
सब्जी और फल स्टोरेज एरिया में भी कॉकरोच
FDA ने बताया कि सब्जियों और फलों के भंडारण वाले क्षेत्रों में कॉकरोच का बड़ा प्रकोप पाया गया। खाद्य सामग्री के स्टोरेज एरिया में इस तरह की स्थिति से खाद्य पदार्थों के दूषित होने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
इसके अलावा निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण और कोल्ड स्टोरेज में साफ-सफाई की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए स्वच्छता और सही तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण बेहद महत्वपूर्ण होता है। खासतौर पर जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को निर्धारित परिस्थितियों में रखना जरूरी होता है।
ब्लिंकिट का फूड लाइसेंस क्यों हुआ निलंबित?
महाराष्ट्र FDA ने निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना। इसके बाद मुंबई के संबंधित ब्लिंक कॉमर्स प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया।
FDA के अनुसार, यह कार्रवाई Food Safety and Standards Act के तहत की गई है। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32(3) और संबंधित नियमों के तहत लाइसेंस निलंबित किया।
इसका मतलब है कि संबंधित प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। आगे की कार्रवाई निरीक्षण, अनुपालन और संबंधित अधिकारियों के आदेश पर निर्भर करेगी।
नए FDA आयुक्त के नेतृत्व में तेज हुआ अभियान
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विभाग की निगरानी ऐसे समय में बढ़ी है जब नए FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर राज्यव्यापी अभियान तेज किया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, सुरक्षित स्टोरेज और खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमों के पालन की जांच करना है।
रिलायंस रिटेल और ब्लिंकिट से जुड़े ये दोनों मामले इस बात को भी सामने लाते हैं कि बड़े रिटेल और क्विक-कॉमर्स नेटवर्क में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्टोरेज की निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है।
ग्राहकों के लिए क्या है इसका मतलब?
किसी पैक्ड खाद्य उत्पाद को खरीदते समय ग्राहक के लिए भी कुछ बुनियादी बातों की जांच करना जरूरी है। खासकर मिठाई, डेयरी उत्पाद, फ्रोजन फूड और अन्य जल्दी खराब होने वाली चीजों में पैकेजिंग, निर्माण और एक्सपायरी डेट देखना महत्वपूर्ण है।
अगर किसी ग्राहक को पैक्ड खाद्य पदार्थ में कीड़ा, फंगस, खराब गंध, पैकेजिंग में छेड़छाड़ या किसी अन्य तरह की असामान्यता दिखाई देती है, तो उस उत्पाद को खाने से बचना चाहिए और संबंधित विक्रेता या खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत की जा सकती है।
अब क्या होगा?
रिलायंस रिटेल से जुड़े मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम लैब टेस्ट की रिपोर्ट है। FDA द्वारा लिए गए सैंपल की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित काजू कतली खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।
अगर उत्पाद में कोई गंभीर गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, मुंबई में ब्लिंकिट की सुविधा का लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब संबंधित प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों से जुड़ी कमियों को दूर करना होगा और आगे FDA की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया कार्रवाई ने रिटेल और क्विक-कॉमर्स सेक्टर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बुलढाणा में रिलायंस रिटेल आउटलेट पर लक्ष्मी नारायण ब्रांड की काजू कतली में जीवित कीड़े मिलने की शिकायत के बाद 54 डिब्बे जब्त किए गए हैं और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि, जिस बैच को लेकर शिकायत हुई थी, वह निरीक्षण के समय स्टोर में उपलब्ध नहीं था।
दूसरी तरफ, मुंबई के मलाड में ब्लिंकिट की सुविधा में कॉकरोच के प्रकोप और अस्वच्छ परिस्थितियों के चलते FDA ने खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।


