नई दिल्ली: उत्तराखंड के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई ट्रेन के शुरू होने के साथ ही पहली बार रामनगर और देहरादून के बीच सीधी एक्सप्रेस रेल सेवा उपलब्ध हो गई है। लंबे समय से इस ट्रेन की मांग की जा रही थी और अब इसके संचालन से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।
यात्रियों को मिलेगा एक ही दिन में आने-जाने का विकल्प
सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, नई एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रियों को देहरादून और हरिद्वार तक एक ही दिन में यात्रा कर वापस लौटने की सुविधा मिलेगी। इससे सरकारी कार्य, शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा और अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
यह ट्रेन विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो पहले कई ट्रेनों या बसों के सहारे सफर करने को मजबूर थे।
चारधाम यात्रा के यात्रियों को भी होगा फायदा
रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस सिर्फ स्थानीय यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। देहरादून और हरिद्वार पहुंचने के बाद यात्री आगे बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए आसानी से कनेक्टिविटी प्राप्त कर सकेंगे।
इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस का टाइम टेबल
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ट्रेन का संचालन सप्ताह में दो दिन किया जाएगा।
- ट्रेन संख्या 15310 (रामनगर-देहरादून)
- संचालन: प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार
- प्रस्थान: सुबह 5:50 बजे रामनगर से
- आगमन: दोपहर 12:40 बजे देहरादून
- ट्रेन संख्या 15309 (देहरादून-रामनगर)
- प्रस्थान: दोपहर 3:55 बजे देहरादून से
- आगमन: रात 11:30 बजे रामनगर
किन स्टेशनों पर होगा ठहराव?
यात्रा के दौरान ट्रेन निम्न प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी:
- काशीपुर
- रोशनपुर
- पिपलसाना
- मुरादाबाद
- नजीबाबाद
- हरिद्वार
इन स्टेशनों के यात्रियों को भी इस नई सेवा का सीधा लाभ मिलेगा।
सभी वर्गों के यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगे कोच
रेलवे ने इस ट्रेन में अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार के कोच लगाए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- एसी सेकेंड क्लास
- एसी थर्ड क्लास
- एसी चेयर कार
- स्लीपर क्लास
- सेकेंड सिटिंग
- जनरल सेकेंड क्लास
इससे यात्रियों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।
किन जिलों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ?
नई ट्रेन सेवा से उत्तराखंड के कई जिलों के लोगों को सीधा फायदा होगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- नैनीताल
- ऊधम सिंह नगर
- हरिद्वार
- देहरादून
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के:
- मुरादाबाद
- बिजनौर
जिलों के छात्र, किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह ट्रेन काफी उपयोगी साबित होगी।
पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
रेलवे का कहना है कि इस ट्रेन के संचालन से उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान होगी। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
यात्री आसानी से इन स्थानों तक पहुंच सकेंगे:
- जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क
- गिरिजा देवी मंदिर
- सीतावनी (सीतामढ़ी)
इससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की संभावना है।
हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए बनेगा मास्टर प्लान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को फीडर स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश रेलवे स्टेशनों के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास
रेल मंत्री ने बताया कि राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 11 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास तेजी से किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं:
- देहरादून
- हरिद्वार जंक्शन
- हर्रावाला
- काशीपुर जंक्शन
- किच्छा
- कोटद्वार
- रुड़की
- काठगोदाम
- लालकुआं जंक्शन
- रामनगर
- टनकपुर
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर भी तेजी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद यह परियोजना उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
निष्कर्ष
रामनगर-देहरादून के बीच शुरू हुई पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन उत्तराखंड के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। इससे न केवल कुमाऊं और गढ़वाल के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि चारधाम यात्रा, पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। साथ ही रेलवे द्वारा स्टेशन पुनर्विकास और नई परियोजनाओं पर जारी काम भविष्य में राज्य की रेल व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाएगा।


