नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार के अनुसार, इस योजना के जरिए गरीबी कम करने, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि पीएम-अजय योजना को टेक्नोलॉजी आधारित और परिणाम केंद्रित मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और समावेशी विकास को गति देना है।
पीएम-अजय योजना के तहत 47 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ
मंत्रालय के अनुसार, योजना के आदर्श ग्राम घटक के तहत देशभर के 47,316 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में अब तक 47 लाख 59 हजार 399 नागरिकों को योजना का लाभ मिल चुका है।
सरकार ने बताया कि पीएम-अजय योजना के अंतर्गत अब तक 46,782 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि गांवों के विकास के लिए 24,133 विलेज डेवलपमेंट प्लान (VDP) तैयार किए गए हैं।
इसके अलावा, 16,759 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है। इन गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के जरिए जीवन स्तर सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्रावास निर्माण के लिए 22.50 करोड़ रुपये आवंटित
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में छात्रावास परियोजनाओं पर भी जोर दिया है।
मंत्रालय ने बताया कि तीन छात्रावास परियोजनाओं के निर्माण के लिए 22.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इनमें से दो छात्रावास विशेष रूप से छात्राओं के लिए बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं से करीब 750 विद्यार्थियों को आवास सुविधा उपलब्ध होगी।
एससी समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पीएम-अजय योजना अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक और आर्थिक अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत लक्षित योजनाओं, विभिन्न संस्थाओं के सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से एससी समुदाय को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे जमीनी स्तर की संस्थाओं को मजबूती मिल रही है और समावेशी विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
योजना के तीन प्रमुख घटक
पीएम-अजय योजना को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में लागू किया जा रहा है।
1. आदर्श ग्राम घटक
इस घटक के तहत अनुसूचित जाति की अधिक आबादी वाले गांवों का समग्र विकास किया जाता है। इसमें बुनियादी ढांचे का निर्माण, आवश्यक सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय लोगों की भागीदारी से विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं।
2. ग्रांट्स-इन-एड घटक
इसमें आजीविका बढ़ाने, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य एससी समुदाय के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
3. हॉस्टल घटक
इस घटक के तहत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत हेतु वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे छात्रों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलती है और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच बेहतर होती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से हो रही निगरानी
मंत्रालय ने योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम तैयार किया है।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार करने, परियोजनाओं की समीक्षा, फंड की निगरानी, लाभार्थियों की जानकारी और जियो-टैग्ड रिपोर्टिंग जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन की जा रही हैं।
सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से योजना में पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है।
पीएम-अजय योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जाति समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और गांवों में बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
–आईएएनएस


