NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    epf-members-free-life-insurance-edli-scheme-7-lakh-benefit
    EPF मेंबर ध्यान दें, बिना प्रीमियम मिलता है ₹7 लाख का लाइफ इंश्योरेंस, जानिए EDLI स्कीम की पूरी डिटेल
    10 जून 2026
    modi-government-cabinet-decisions-amaravati-projects-ahmedabad-metro-approval
    12 साल पूरे होने पर मोदी सरकार के ताबड़तोड़ फैसले, अमरावती को ₹2,534 करोड़ का गिफ्ट, अहमदाबाद मेट्रो विस्तार को भी मंजूरी
    10 जून 2026
    aqua-sattva-water-filter-noida-twin-sisters-hydra-nova
    भिंडी, मेथी और चावल से बनाया ₹100 का वॉटर फिल्टर, नोएडा की दो बहनों ने 19,000 करोड़ की इंडस्ट्री को दी चुनौती
    10 जून 2026
    railway-bedroll-sheet-washing-cost-3-rupees-laundry-system
    जितने में तंबाकू की पुड़िया नहीं मिलती, उतने में चादर धुलवाता है रेलवे, जानिए कैसे संभव हो पाता है यह काम
    10 जून 2026
    zoho-launches-indigenous-nathu-la-server-india
    अब नहीं पड़ेगी विदेशी सर्वर की जरूरत? जोहो ने लॉन्च किया स्वदेशी ‘नाथू ला’, बिजली और लागत दोनों में होगी बचत
    10 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
    petrol-diesel-cng-lpg-supply-delhi-fuel-stock-76-days-india
    Petrol Diesel CNG LPG Supply: दिल्ली में ईंधन की कोई कमी नहीं, देश में 76 दिन का फ्यूल स्टॉक मौजूद- सरकार
    8 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-8-june-2026-city-wise-rates
    Petrol Diesel Price Today: फिर उबलने लगा क्रूड ऑयल, लेकिन राहत बरकरार; बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110 और डीजल ₹98 के पार, जानिए आपके शहर का ताजा रेट
    8 जून 2026
    petrol-diesel-rate-today-7-june-2026-crude-oil-price-fall-no-relief
    Petrol Diesel Rate Today: क्रूड 93 डॉलर पर आया, फिर भी नहीं मिली राहत; जानिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    merritronix-share-gives-over-120-percent-return-after-ipo-listing-hits-upper-circuit
    ₹149 का IPO, ₹283 पर लिस्टिंग… 3 दिन में 120% रिटर्न, लगातार अपर सर्किट छू रहा यह शेयर
    10 जून 2026
    adani-energy-solutions-intellismart-acquisition-rs-3050-crore-smart-meter-business
    जिस पर जेफरीज बुलिश, अदाणी की उस कंपनी ने खेला ₹3050 करोड़ का दांव; UP-MP समेत 5 राज्यों में स्मार्ट मीटर का बड़ा विस्तार
    9 जून 2026
    share-market-today-sensex-jumps-395-points-nifty-crosses-23200-banking-rally
    Share Market Today: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 395 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,200 के पार; बैंकिंग शेयरों ने संभाला मोर्चा
    9 जून 2026
    msci-em-top-10-india-out-hdfc-reliance
    2000 के बाद पहली बार MSCI EM Top-10 से बाहर हुईं भारतीय कंपनियां, HDFC Bank और Reliance को बड़ा झटका; AI शेयरों के तूफान ने बदला खेल
    9 जून 2026
    polycab-india-dividend-2026-rs-47-per-share-record-date-agm-details
    Polycab Dividend 2026: वायर-केबल बनाने वाली कंपनी का बड़ा धमाका! हर शेयर पर मिलेगा ₹47 का तगड़ा डिविडेंड; पाकिस्तान से आए शख्स ने रखी थी नींव
    9 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: PM मोदी की सोने-WFH पर अपील के बाद सरकार के 4 बड़े एक्शन की तैयारी? रुपये और कच्चे तेल के संकट से निपटने का प्लान
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

PM मोदी की सोने-WFH पर अपील के बाद सरकार के 4 बड़े एक्शन की तैयारी? रुपये और कच्चे तेल के संकट से निपटने का प्लान

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/12 at 7:03 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
pm-modi-gold-wfh-appeal-government-action-plan-rupee-crude-oil-crisis-hindi
SHARE

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान संकट और कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तरों के करीब है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील ने बाजार और नीति विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।

Contents
क्यों बढ़ गई है सरकार की चिंता?क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं?क्या फिर लौट सकता है Work From Home मॉडल?टाटा और रिलायंस जैसी कंपनियां भी कर रहीं समीक्षाक्या सरकार अचानक कोई बड़ा आर्थिक फैसला ले सकती है?क्या सोने पर फिर सख्ती हो सकती है?क्या विदेश पैसे भेजने की लिमिट घटेगी?गिरते रुपये को संभालने के लिए RBI के 4 बड़े विकल्प1. NRI Deposit और विशेष बॉन्ड2. विदेशी निवेश नियम आसान करना3. तेल कंपनियों को सीधे डॉलर देना4. ब्याज दरों में बढ़ोतरीसरकार का सबसे बड़ा डर क्या है?क्यों महत्वपूर्ण है पीएम मोदी की अपील?

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने, गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने, कारपूलिंग अपनाने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने जैसी बातें कही थीं। अब विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक सामान्य अपील नहीं बल्कि आने वाले संभावित आर्थिक कदमों का संकेत भी हो सकता है।

दिग्गज वित्तीय संस्था नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आने वाले समय में रुपये को संभालने, डॉलर की मांग कम करने और ईंधन संकट से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठा सकते हैं।


क्यों बढ़ गई है सरकार की चिंता?

भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल और लगभग 50 फीसदी प्राकृतिक गैस आयात करता है। ऐसे में जब वैश्विक बाजार में तेल महंगा होता है तो उसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। महंगे तेल की वजह से आयात बिल बढ़ता है, डॉलर की मांग बढ़ती है, रुपया कमजोर होता है, महंगाई बढ़ती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव आता है।

अगर कच्चे तेल की कीमत में 10 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि पूरे साल बनी रहती है, तो भारत का आयात बिल करीब 13-14 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है। यह देश की GDP का लगभग 0.4 फीसदी माना जा रहा है।


क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं?

सरकार अभी तक पेट्रोल-डीजल कीमतों को पूरी तरह बढ़ाने से बचती रही है। लेकिन तेल विपणन कंपनियों पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चा तेल लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर रहता है, रुपया कमजोर बना रहता है और सप्लाई संकट जारी रहता है तो सरकार को अंततः पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं।

फिलहाल इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां भारी लागत दबाव का सामना कर रही हैं।


क्या फिर लौट सकता है Work From Home मॉडल?

सरकार अब ईंधन खपत कम करने के लिए “वर्क फ्रॉम होम” मॉडल को फिर से बढ़ावा देने पर विचार कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन सेक्टर्स में कर्मचारियों की फिजिकल प्रेजेंस जरूरी नहीं है, वहां कर्मचारियों को हफ्ते में कम दिन ऑफिस बुलाने पर चर्चा हो रही है।

इसका मकसद पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना, ट्रांसपोर्ट लागत घटाना और विदेशी मुद्रा बचाना बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कई बड़ी कंपनियां भी अपनी वर्कप्लेस पॉलिसी की समीक्षा कर रही हैं।


टाटा और रिलायंस जैसी कंपनियां भी कर रहीं समीक्षा

रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियां भी सप्लाई चेन संकट और ईंधन लागत को देखते हुए अपनी कार्य व्यवस्था का मूल्यांकन कर रही हैं। अगर तेल संकट लंबा खिंचता है तो हाइब्रिड वर्क मॉडल, सीमित ऑफिस डे और डिजिटल ऑपरेशन जैसे विकल्प फिर तेजी से बढ़ सकते हैं।


क्या सरकार अचानक कोई बड़ा आर्थिक फैसला ले सकती है?

वित्त मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर आंतरिक चर्चाएं शुरू कर दी हैं। सरकार उद्योग जगत और विभिन्न हितधारकों से लगातार बातचीत कर रही है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी “अचानक” या “झटके वाले” फैसले पर विचार नहीं किया जा रहा है क्योंकि इससे बाजार में घबराहट फैल सकती है। सरकार का फिलहाल मुख्य फोकस ऊर्जा बचत, विदेशी मुद्रा संरक्षण और सप्लाई स्थिरता पर बना हुआ है।


क्या सोने पर फिर सख्ती हो सकती है?

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि सरकार सोने के आयात पर फिर से सख्ती कर सकती है। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्टर्स में शामिल है। ज्यादा सोना आयात होने पर डॉलर की मांग बढ़ती है, चालू खाते का घाटा बढ़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव आता है।

हालांकि सरकारी अधिकारियों ने फिलहाल साफ किया है कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने या नई पाबंदियां लगाने जैसे कदमों पर अभी विचार नहीं हो रहा है।


क्या विदेश पैसे भेजने की लिमिट घटेगी?

वर्तमान में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भारतीय नागरिक सालाना 2.5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकते हैं। 2013 के मुद्रा संकट के दौरान इस सीमा को कम किया गया था। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल ऐसी किसी रोक पर विचार नहीं हो रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार अचानक प्रतिबंध लगाती है तो निवेशकों में गलत संदेश जाएगा, विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है और बाजार में डर बढ़ सकता है। इसी वजह से सरकार फिलहाल संतुलित रणनीति अपनाना चाहती है।


गिरते रुपये को संभालने के लिए RBI के 4 बड़े विकल्प

भारतीय रुपया 2026 में एशिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में शामिल हो चुका है। ऐसे में RBI के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विश्लेषकों के मुताबिक RBI के पास फिलहाल चार बड़े विकल्प मौजूद हैं।


1. NRI Deposit और विशेष बॉन्ड

RBI पहले भी 1998 और 2013 में ऐसे कदम उठा चुका है। विशेष योजनाओं के जरिए प्रवासी भारतीयों से डॉलर जुटाए जा सकते हैं और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत किया जा सकता है। 2013 में इसी तरह की योजना से करीब 26 अरब डॉलर आए थे।


2. विदेशी निवेश नियम आसान करना

सरकार भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी कर्ज लेने के नियम आसान बना सकती है। इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की सीमा बढ़ाई जा सकती है ताकि ज्यादा विदेशी निवेश भारत में आ सके और डॉलर इनफ्लो बढ़े।


3. तेल कंपनियों को सीधे डॉलर देना

बाजार पर दबाव कम करने के लिए RBI सीधे अपने विदेशी मुद्रा भंडार से तेल कंपनियों को डॉलर उपलब्ध करा सकता है। इससे खुले बाजार में डॉलर की मांग कम होगी और रुपये पर दबाव घट सकता है। विशेषज्ञ इसे शॉर्ट-टर्म राहत वाला कदम मानते हैं।


4. ब्याज दरों में बढ़ोतरी

अगर महंगाई और रुपये पर दबाव ज्यादा बढ़ता है तो RBI ब्याज दरें भी बढ़ा सकता है। बाजार को उम्मीद है कि अगले साल तक करीब 70 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसका दूसरा पक्ष भी है क्योंकि इससे लोन महंगे हो जाएंगे, निवेश धीमा पड़ सकता है और आर्थिक विकास दर प्रभावित हो सकती है।


सरकार का सबसे बड़ा डर क्या है?

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार फिलहाल किसी “1991 जैसे संकट” की स्थिति नहीं मान रही, लेकिन लंबे समय तक महंगा तेल, कमजोर रुपया, विदेशी मुद्रा दबाव और बढ़ता आयात बिल गंभीर खतरे के रूप में देखे जा रहे हैं। इसी वजह से सरकार अभी से ऊर्जा बचत, डॉलर प्रबंधन और आर्थिक स्थिरता पर फोकस बढ़ा रही है।


क्यों महत्वपूर्ण है पीएम मोदी की अपील?

प्रधानमंत्री की अपील को सिर्फ “ईंधन बचाओ” संदेश के तौर पर नहीं देखा जा रहा। विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत है कि सरकार हालात को गंभीर मान रही है। ऊर्जा सुरक्षा अब प्राथमिकता बन चुकी है। विदेशी मुद्रा बचाने पर फोकस बढ़ सकता है और आने वाले महीनों में कई नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यानी आने वाला समय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

Also Read:

  • Gold Buying Trend: पीएम मोदी की अपील के बाद बदल सकता है सोना खरीदने का तरीका, कम कैरेट ज्वेलरी की बढ़ सकती है मांग
  • Crude Oil Price: होर्मुज खुलने के बाद भी नहीं मिलेगी राहत! 100 डॉलर की रेंज में रह सकता है कच्चा तेल, JP Morgan की बड़ी चेतावनी

You Might Also Like

EPF मेंबर ध्यान दें, बिना प्रीमियम मिलता है ₹7 लाख का लाइफ इंश्योरेंस, जानिए EDLI स्कीम की पूरी डिटेल

12 साल पूरे होने पर मोदी सरकार के ताबड़तोड़ फैसले, अमरावती को ₹2,534 करोड़ का गिफ्ट, अहमदाबाद मेट्रो विस्तार को भी मंजूरी

भिंडी, मेथी और चावल से बनाया ₹100 का वॉटर फिल्टर, नोएडा की दो बहनों ने 19,000 करोड़ की इंडस्ट्री को दी चुनौती

जितने में तंबाकू की पुड़िया नहीं मिलती, उतने में चादर धुलवाता है रेलवे, जानिए कैसे संभव हो पाता है यह काम

अब नहीं पड़ेगी विदेशी सर्वर की जरूरत? जोहो ने लॉन्च किया स्वदेशी ‘नाथू ला’, बिजली और लागत दोनों में होगी बचत

TAGGED: Crude Oil Price, Economy News Hindi, Forex Reserves, Gold Import, Middle East Crisis, Petrol Diesel Price, PM modi, RBI news, rupee fall, work from home
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article gold-buying-trend-after-pm-modi-appeal-low-karat-jewellery-demand-hindi Gold Buying Trend: पीएम मोदी की अपील के बाद बदल सकता है सोना खरीदने का तरीका, कम कैरेट ज्वेलरी की बढ़ सकती है मांग
Next Article anil-agarwal-vedanta-red-tape-notice-comment-pm-modi-governance-hindi Anil Agarwal Vedanta: ‘दूसरे देशों में 100 नोटिस, भारत में 800’, लाल फीताशाही पर भड़के अनिल अग्रवाल; PM मोदी से की बड़ी मांग

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

Recent Posts

  • ₹149 का IPO, ₹283 पर लिस्टिंग… 3 दिन में 120% रिटर्न, लगातार अपर सर्किट छू रहा यह शेयर
  • EPF मेंबर ध्यान दें, बिना प्रीमियम मिलता है ₹7 लाख का लाइफ इंश्योरेंस, जानिए EDLI स्कीम की पूरी डिटेल
  • 12 साल पूरे होने पर मोदी सरकार के ताबड़तोड़ फैसले, अमरावती को ₹2,534 करोड़ का गिफ्ट, अहमदाबाद मेट्रो विस्तार को भी मंजूरी
  • भिंडी, मेथी और चावल से बनाया ₹100 का वॉटर फिल्टर, नोएडा की दो बहनों ने 19,000 करोड़ की इंडस्ट्री को दी चुनौती
  • जितने में तंबाकू की पुड़िया नहीं मिलती, उतने में चादर धुलवाता है रेलवे, जानिए कैसे संभव हो पाता है यह काम

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?