केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए फॉस्फेटिक और पोटाश (P&K) उर्वरकों पर सब्सिडी में 12% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) की बैठक में लिया गया यह फैसला खरीफ 2026 सीजन के लिए लागू होगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सब्सिडी बजट को बढ़ाकर ₹41,534 करोड़ कर दिया गया, जो पिछले साल के ₹37,216 करोड़ से काफी अधिक है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच किसानों को राहत देना है।
क्यों बढ़ानी पड़ी सब्सिडी
हाल के समय में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति संकट के कारण उर्वरकों की कीमतों में तेजी आई है। ऐसे में किसानों पर लागत का दबाव बढ़ने लगा था।
सरकार का यह फैसला:
- किसानों को बढ़ती लागत से बचाने के लिए
- खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए
- और कृषि उत्पादन को स्थिर रखने के लिए
काफी अहम माना जा रहा है।
नए सब्सिडी रेट क्या हैं
सरकार ने खरीफ 2026 के लिए विभिन्न पोषक तत्वों पर सब्सिडी दरों में बदलाव किया है:
- नाइट्रोजन: ₹47.32 प्रति किलोग्राम (पहले ₹43.02)
- फॉस्फेट: ₹52.76 प्रति किलोग्राम (पहले ₹47.96)
- सल्फर: ₹3.16 प्रति किलोग्राम (पहले ₹2.87)
- पोटाश: ₹2.38 प्रति किलोग्राम (कोई बदलाव नहीं)
यह दरें 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी।
NBS योजना के तहत मिलता है फायदा
यह सब्सिडी Nutrient Based Subsidy Scheme (NBS) के तहत दी जाती है, जो अप्रैल 2010 से लागू है।
इस योजना के तहत:
- 28 प्रकार के P&K उर्वरकों पर सब्सिडी दी जाती है
- कंपनियों को निश्चित दर पर सब्सिडी मिलती है
- किसानों को नियंत्रित कीमत पर खाद उपलब्ध होती है
DAP की कीमत पर सरकार का नियंत्रण
सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद:
- DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) का रिटेल रेट ₹1,350 प्रति 50 किलोग्राम बैग पर स्थिर रखा गया है
यह कदम सीधे तौर पर किसानों के खर्च को कम करने में मदद करता है।
अतिरिक्त फैसले भी हुए मंजूर
सरकार ने केवल सब्सिडी बढ़ाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कई अन्य कदम भी उठाए:
- वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए विशेष प्रावधान
- आयातित TSP (ट्रिपल सुपर फॉस्फेट) पर भी सुरक्षा उपाय
- SSP (सिंगल सुपर फॉस्फेट) पर फ्रेट सब्सिडी जारी
- अमोनियम सल्फेट (आयातित और घरेलू) को NBS योजना में शामिल किया गया
इन कदमों का उद्देश्य उर्वरकों की सप्लाई को स्थिर बनाए रखना है।
खरीफ सीजन के लिए क्यों अहम है यह फैसला
भारत में खरीफ फसलों की बुवाई मानसून के साथ जून से शुरू होती है। इस समय:
- किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरकों की जरूरत होती है
- लागत बढ़ने पर खेती प्रभावित हो सकती है
इसलिए समय रहते सब्सिडी बढ़ाना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
कुल बजट कितना है
सरकार ने FY 2026-27 के लिए उर्वरक सब्सिडी का बड़ा बजट तय किया है:
- कुल आवंटन: ₹1,70,799 करोड़
- इसमें खरीफ 2026 और रबी 2026-27 दोनों शामिल हैं
यह दिखाता है कि सरकार कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है।
बाजार में कीमतें कैसे तय होती हैं
गैर-यूरिया उर्वरकों जैसे:
- DAP
- MoP
- NPK
की कीमतें कंपनियां खुद तय करती हैं। लेकिन सरकार:
- तय सब्सिडी देती है
- जिससे किसानों के लिए कीमतें नियंत्रित रहती हैं
यह मॉडल बाजार और किसानों दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
किसानों पर क्या होगा असर
इस फैसले से किसानों को कई तरह से फायदा मिलेगा:
- उर्वरकों की लागत कम होगी
- खेती की लागत नियंत्रित रहेगी
- उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी
यह कदम खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
Cabinet Committee on Economic Affairs द्वारा P&K उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किसानों के हित में एक बड़ा कदम है। Narendra Modi सरकार का यह निर्णय वैश्विक कीमतों के दबाव के बावजूद किसानों को राहत देने की नीति को दर्शाता है।
आने वाले खरीफ सीजन में यह फैसला कृषि उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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