नई दिल्ली: सरकारी महारत्न कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 112.3% बढ़कर ₹17,034 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹8,024 करोड़ के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान ₹13,787 करोड़ से काफी बेहतर रहा।
कंपनी को इस तिमाही में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, नए गैस कुओं से बढ़ी आय और मजबूत ऑपरेटिंग प्रदर्शन का बड़ा फायदा मिला। हालांकि, उत्पादन (Production) में कुछ तकनीकी और मौसम संबंधी चुनौतियों का असर देखने को मिला।
ONGC Q1 Results Highlights
| पैरामीटर | Q1 FY27 | Q1 FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| शुद्ध मुनाफा | ₹17,034 करोड़ | ₹8,024 करोड़ | +112.3% |
| ग्रॉस रेवेन्यू | ₹46,460 करोड़ | ₹32,003 करोड़ | +45.2% |
| प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) | ₹22,848 करोड़ | – | रिकॉर्ड स्तर |
| EBITDA मार्जिन | 61% | 35.3% | बड़ा सुधार |
| शेयर बंद भाव | ₹241.90 | – | 0.04% गिरावट |
रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार
ONGC का स्टैंडअलोन ग्रॉस रेवेन्यू 45.2% बढ़कर ₹46,460 करोड़ पहुंच गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹32,003 करोड़ था।
कंपनी ने ₹22,848 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) दर्ज किया। इसके अलावा EBITDA मार्जिन 35.3% से बढ़कर 61% हो गया, जो बेहतर लागत नियंत्रण और मजबूत परिचालन प्रदर्शन का संकेत देता है।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बढ़ाया मुनाफा
इस तिमाही में ONGC को सबसे बड़ा फायदा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मिला।
- नॉमिनेटेड क्रूड ऑयल का रियलाइजेशन 50.4% बढ़कर 99.45 डॉलर प्रति बैरल रहा।
- भारतीय मुद्रा में यह 66.5% बढ़कर ₹9,419 प्रति बैरल पहुंच गया।
ऊंचे रियलाइजेशन के कारण कंपनी की आय और मुनाफे दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
नए गैस कुओं से भी बढ़ी कमाई
कंपनी ने बताया कि नए गैस कुओं से उसे ₹3,998 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिला।
- APM गैस की तुलना में ₹1,897 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई।
- ONGC के नॉमिनेशन गैस पोर्टफोलियो में नई गैस की हिस्सेदारी लगभग 38% रही।
यह दर्शाता है कि कंपनी धीरे-धीरे उच्च मूल्य वाले गैस उत्पादन पर भी फोकस बढ़ा रही है।
उत्पादन पर क्यों रहा दबाव?
बेहतर वित्तीय नतीजों के बावजूद उत्पादन में कुछ चुनौतियां बनी रहीं।
इन कारणों से उत्पादन प्रभावित हुआ—
- KG-98/2 ब्लॉक में तकनीकी समस्याएं
- खराब मौसम का असर
- कुछ पाइपलाइन परियोजनाओं में देरी
- कुछ कुओं का अस्थायी रूप से बंद रहना
हालांकि कंपनी का कहना है कि DUDP, TSP और DSF परियोजनाओं में काम तेज होने के बाद उत्पादन में सुधार देखने को मिलेगा।
₹40,000 करोड़ का बड़ा निवेश जारी
ONGC ने अपने वेस्टर्न ऑफशोर बिजनेस में ₹40,000 करोड़ के निवेश की योजना पर काम जारी रखने की पुष्टि की है।
यह परियोजना वैश्विक ऊर्जा कंपनी bp के साथ मिलकर विकसित की जा रही है।
कंपनी का फोकस—
- तेल और गैस उत्पादन बढ़ाना
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
- दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता मजबूत करना
ONGC को उम्मीद है कि इस निवेश का वास्तविक फायदा FY28 से दिखाई देना शुरू होगा।
ONGC शेयर का प्रदर्शन
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद मंगलवार को ONGC का शेयर मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ।
- क्लोजिंग प्राइस: ₹241.90
- दिनभर की गिरावट: 0.04%
- पिछले 6 महीने का रिटर्न: -9.38%
- पिछले 1 साल का रिटर्न: करीब 3%
- मार्केट कैप: ₹3.04 लाख करोड़
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
जून तिमाही के नतीजों से साफ है कि ONGC को ऊंची क्रूड कीमतों और गैस कारोबार से अच्छा फायदा मिला है। हालांकि उत्पादन से जुड़ी चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। आने वाले समय में यदि कंपनी अपनी नई परियोजनाओं को समय पर पूरा करती है और उत्पादन बढ़ता है, तो इसका असर भविष्य की कमाई पर भी सकारात्मक हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


