Direct Admission To DU Without CUET: अगर आप किसी वजह से CUET 2026 परीक्षा नहीं दे पाए हैं, तो भी दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में पढ़ाई का मौका मिल सकता है। डीयू के दो कॉलेजों ने इस साल विशेष अनुमति के तहत 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर सीधे एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए छात्रों को न तो CUET स्कोर की जरूरत होगी और न ही CSAS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्नातक (UG) कोर्सों में आमतौर पर प्रवेश कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) और कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के माध्यम से होता है। लेकिन इस बार दो ऑफ-कैंपस कॉलेजों को खाली सीटें भरने के लिए विशेष छूट दी गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
किन कॉलेजों में बिना CUET मिलेगा एडमिशन?
इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी के दो कॉलेजों ने 12वीं के अंकों के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन प्रक्रिया शुरू की है।
- अदिति महाविद्यालय (Aditi Mahavidyalaya)
- भगिनी निवेदिता कॉलेज (Bhagini Nivedita College)
इन दोनों कॉलेजों में छात्र सीधे आवेदन कर सकते हैं। यहां दाखिले के लिए CUET स्कोर अनिवार्य नहीं होगा।
कैसे होगी एडमिशन प्रक्रिया?
इन कॉलेजों ने नियमित CSAS प्रक्रिया से अलग अपना एडमिशन शेड्यूल जारी किया है।
प्रवेश प्रक्रिया के तहत छात्रों को:
- संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा।
- आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीधे कॉलेज में जमा करना होगा।
- कॉलेज 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार करेंगे।
- चयनित छात्रों का दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा कराने के बाद प्रवेश दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया में CSAS पोर्टल का इस्तेमाल नहीं होगा और पारंपरिक कट-ऑफ लिस्ट भी जारी नहीं की जाएगी।
महत्वपूर्ण तारीखें
दोनों कॉलेजों ने लगभग समान समय-सीमा तय की है।
- आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 5 अगस्त
- मेरिट लिस्ट जारी: 5 अगस्त
- दस्तावेज सत्यापन एवं फीस जमा: 7 अगस्त तक
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें।
क्यों मिली दोनों कॉलेजों को विशेष अनुमति?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के अनुसार, यह फैसला विशेष परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
हर साल कई छात्र शुरुआत में इन कॉलेजों में सीट स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन बाद में अपनी पसंद के दूसरे कॉलेज में प्रवेश मिलने पर यहां की सीट छोड़ देते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि इन दोनों कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं।
कॉलेज प्रशासन के अनुरोध पर विश्वविद्यालय ने इस बार विशेष अनुमति देकर सीधे प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दी है, ताकि खाली सीटों को समय रहते भरा जा सके।
क्या DU की एडमिशन नीति बदल गई है?
नहीं।
रजिस्ट्रार ने साफ किया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की नियमित प्रवेश नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकांश स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पहले की तरह CUET और CSAS के माध्यम से ही होगा।
12वीं के अंकों के आधार पर यह विशेष प्रवेश व्यवस्था केवल:
- अदिति महाविद्यालय
- भगिनी निवेदिता कॉलेज
पर ही लागू होगी।
पिछले साल भी बड़ी संख्या में खाली रह गई थीं सीटें
पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार इन दोनों कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं।
- भगिनी निवेदिता कॉलेज: 985 स्वीकृत सीटों में से 709 सीटें खाली रहीं।
- अदिति महाविद्यालय: लगभग 1,000 सीटों में से करीब 600 सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाया।
इसी समस्या को देखते हुए इस वर्ष विश्वविद्यालय ने पहले चरण में ही वैकल्पिक प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
किन छात्रों के लिए है यह बड़ा अवसर?
यह व्यवस्था खास तौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है—
- जो CUET 2026 परीक्षा नहीं दे सके।
- जिनका CUET स्कोर अपेक्षा से कम रहा।
- जो अभी भी दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन का अवसर तलाश रहे हैं।
- जो इन दोनों कॉलेजों में उपलब्ध स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहते हैं।
हालांकि, छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह सुविधा पूरे दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए नहीं बल्कि केवल दो विशेष कॉलेजों तक सीमित है।
निष्कर्ष
दिल्ली यूनिवर्सिटी के अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज द्वारा 12वीं के अंकों के आधार पर सीधे प्रवेश की शुरुआत उन छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है जो CUET प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सके। हालांकि यह व्यवस्था केवल विशेष परिस्थितियों में और सीमित कॉलेजों के लिए लागू की गई है। ऐसे में इच्छुक छात्र समय रहते आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।


