Petrol Diesel New Rate Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ताजा बमबारी की घटनाओं के बाद बुधवार, 10 जून 2026 को ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
तेल बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में भारतीय तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विमानन ईंधन की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
मई में चार बार बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद मई 2026 में तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। इससे देशभर में ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला।
15 मई 2026 को पहली बढ़ोतरी की गई थी, जब पेट्रोल ₹3 प्रति लीटर और डीजल ₹3.29 प्रति लीटर महंगा हुआ था। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की वृद्धि की गई। 23 मई को एक बार फिर समान बढ़ोतरी हुई और 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 तथा डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया गया।
इसके बाद से अब तक तेल कंपनियों ने खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेट
देश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थानीय टैक्स, वैट और परिवहन लागत के आधार पर अलग-अलग होती हैं।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
भोपाल और पटना जैसे शहरों में अभी भी पेट्रोल की कीमतें देश के प्रमुख महानगरों की तुलना में अधिक बनी हुई हैं।
क्रूड ऑयल में फिर क्यों आई तेजी?
बुधवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा। इसी तरह अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के कारण निवेशकों ने तेल खरीदारी बढ़ा दी है। वैश्विक बाजार को डर है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो प्रमुख शिपिंग रूट तथा तेल उत्पादन प्रभावित हो सकते हैं।
सुबह के कारोबार में:
- ब्रेंट क्रूड लगभग 92.36 डॉलर प्रति बैरल
- WTI क्रूड लगभग 89.05 डॉलर प्रति बैरल
- इंडियन बास्केट क्रूड लगभग 97.19 डॉलर प्रति बैरल
पर कारोबार करता दिखाई दिया।
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है?
यह सवाल फिलहाल आम उपभोक्ताओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है। पिछले कुछ सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। कई रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
यदि यह तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो भारतीय तेल विपणन कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्तर पर तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विमानन ईंधन की बिक्री पर दबाव झेलना पड़ सकता है।
हालांकि खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला केवल अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर नहीं करता। इसमें सरकार की कर नीति, महंगाई दर, राजनीतिक परिस्थितियां और वैश्विक आर्थिक स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
महंगे क्रूड का आम लोगों पर क्या असर पड़ता है?
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर कई क्षेत्रों में लागत बढ़ जाती है।
परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ती है और एलपीजी सिलेंडर के दामों पर भी दबाव बन सकता है। इसके अलावा सरकार के आयात बिल में वृद्धि होती है, जिससे चालू खाते के घाटे पर असर पड़ सकता है।
यही वजह है कि अर्थशास्त्री कच्चे तेल की कीमतों को भारत की महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
ऐसे चेक करें अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट
तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें अपडेट करती हैं। उपभोक्ता SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा रेट जान सकते हैं।
- इंडियन ऑयल (IOC) ग्राहक RSP लिखकर स्पेस के बाद शहर का कोड 9224992249 पर भेजें।
- बीपीसीएल (BPCL) ग्राहक RSP लिखकर स्पेस के बाद शहर का कोड 9223112222 पर भेजें।
- एचपीसीएल (HPCL) ग्राहक HPPRICE लिखकर स्पेस के बाद शहर का कोड 9222201122 पर भेजें।
इसके अलावा संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए भी ताजा कीमतें देखी जा सकती हैं।
निष्कर्ष
10 जून 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी ने भविष्य को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। यदि ब्रेंट क्रूड और इंडियन बास्केट क्रूड ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं तो आने वाले हफ्तों में भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका असर दिखाई दे सकता है। फिलहाल वाहन चालकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बनी हुई है।


