NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    govt-divestment-target-20000-crore-vinivesh-iran-yudh
    Govt Divestment Target: ईरान युद्ध से बढ़ा सब्सिडी का दबाव, सरकार ने 2 महीने में जुटाए ₹20,000 करोड़, अब NLC India की बारी
    10 जून 2026
    coal-exchange-rules-2026-coal-prices-market-based-trading-india
    Coal Exchange Rules 2026: अब बाजार तय करेगा कोयले के दाम, देश में खुलेंगे कोल एक्सचेंज
    10 जून 2026
    dda-towering-heights-karkardooma-housing-scheme-low-response
    दिल्ली की सबसे ऊंची बिल्डिंग, मेट्रो से कनेक्टिविटी… फिर भी नहीं मिल रहे DDA की योजना को खरीदार, आखिर क्या है वजह?
    10 जून 2026
    success-story-yuvraj-dwivedi-japanese-ramen-restaurant-instagram-business
    Success Story: ‘कहीं नौकरी छोड़कर गलती तो नहीं कर दी?’… फिर Instagram ने बदली किस्मत, आज एक दिन में ₹92,000 की बिक्री करता है यह रेस्टोरेंट
    10 जून 2026
    education-loan-collateral-free-loan-limit-may-increase-to-rs-20-lakh
    Education Loan: बिना गारंटी के मिलेगा ₹20 लाख तक का एजुकेशन लोन! सरकार कर रही बड़ा बदलाव, लाखों छात्रों को होगा फायदा
    10 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
    petrol-diesel-cng-lpg-supply-delhi-fuel-stock-76-days-india
    Petrol Diesel CNG LPG Supply: दिल्ली में ईंधन की कोई कमी नहीं, देश में 76 दिन का फ्यूल स्टॉक मौजूद- सरकार
    8 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-8-june-2026-city-wise-rates
    Petrol Diesel Price Today: फिर उबलने लगा क्रूड ऑयल, लेकिन राहत बरकरार; बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110 और डीजल ₹98 के पार, जानिए आपके शहर का ताजा रेट
    8 जून 2026
    petrol-diesel-rate-today-7-june-2026-crude-oil-price-fall-no-relief
    Petrol Diesel Rate Today: क्रूड 93 डॉलर पर आया, फिर भी नहीं मिली राहत; जानिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जून 2026
    gold-silver-price-today-6-june-2026-city-wise-gold-silver-rate
    Gold-Silver Price: सोना-चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें आपके शहर में क्या है लेटेस्ट रेट
    6 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    adani-energy-solutions-intellismart-acquisition-rs-3050-crore-smart-meter-business
    जिस पर जेफरीज बुलिश, अदाणी की उस कंपनी ने खेला ₹3050 करोड़ का दांव; UP-MP समेत 5 राज्यों में स्मार्ट मीटर का बड़ा विस्तार
    9 जून 2026
    share-market-today-sensex-jumps-395-points-nifty-crosses-23200-banking-rally
    Share Market Today: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 395 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,200 के पार; बैंकिंग शेयरों ने संभाला मोर्चा
    9 जून 2026
    msci-em-top-10-india-out-hdfc-reliance
    2000 के बाद पहली बार MSCI EM Top-10 से बाहर हुईं भारतीय कंपनियां, HDFC Bank और Reliance को बड़ा झटका; AI शेयरों के तूफान ने बदला खेल
    9 जून 2026
    polycab-india-dividend-2026-rs-47-per-share-record-date-agm-details
    Polycab Dividend 2026: वायर-केबल बनाने वाली कंपनी का बड़ा धमाका! हर शेयर पर मिलेगा ₹47 का तगड़ा डिविडेंड; पाकिस्तान से आए शख्स ने रखी थी नींव
    9 जून 2026
    jefferies-adani-energy-solutions-power-grid-target-price-upside-analysis
    जेफरीज के रडार पर अदाणी एनर्जी और पावर ग्रिड! किस शेयर में है छप्परफाड़ रिटर्न देने का दम?
    9 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Uber-Ola Taxi Fare Hike: ऐप टैक्सी छोड़कर दूसरा काम तलाशने की तैयारी में कई ड्राइवर, जान लीजिए क्या है वजह
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Uber-Ola Taxi Fare Hike: ऐप टैक्सी छोड़कर दूसरा काम तलाशने की तैयारी में कई ड्राइवर, जान लीजिए क्या है वजह

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/10 at 10:00 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
app-taxi-drivers-may-leave-job-due-to-extra-gst-impact
SHARE

Uber-Ola Taxi News: अतिरिक्त GST का बोझ बढ़ा तो ड्राइवरों की कमाई पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली। आने वाले समय में Uber, Ola और अन्य ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल यात्रियों के लिए महंगा पड़ सकता है। इसकी वजह 5 फीसदी अतिरिक्त GST को लेकर बढ़ी चर्चा है। एक नए सर्वे में सामने आया है कि यदि कुछ ऐप आधारित टैक्सी प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ बढ़ता है तो इसका सीधा असर ड्राइवरों की कमाई और यात्रियों के खर्च दोनों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में ड्राइवरों ने आशंका जताई है कि अगर उनकी आय में और गिरावट आती है तो उन्हें कोई दूसरा रोजगार तलाशना पड़ सकता है।

Contents
Uber-Ola Taxi News: अतिरिक्त GST का बोझ बढ़ा तो ड्राइवरों की कमाई पर पड़ सकता है असरसर्वे में क्या सामने आया?वर्तमान में कैसे लगता है GST?ड्राइवरों की कमाई पर क्यों बढ़ रहा है दबाव?यात्रियों पर क्या होगा असर?ऐप आधारित टैक्सी उद्योग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?क्या ड्राइवर वास्तव में दूसरा काम तलाश सकते हैं?आगे क्या हो सकता है?FAQsक्या Uber और Ola का किराया बढ़ सकता है?ड्राइवर अतिरिक्त GST का विरोध क्यों कर रहे हैं?Esya Centre के सर्वे में कितने लोग शामिल थे?यात्रियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?क्या ड्राइवर वास्तव में दूसरा रोजगार तलाश सकते हैं?

पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक Esya Centre द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक, देश के 13 शहरों में 1,000 से अधिक ड्राइवरों और यात्रियों की राय ली गई। सर्वे के निष्कर्ष बताते हैं कि टैक्सी एग्रीगेटर सेक्टर में टैक्स व्यवस्था में बदलाव होने पर इसका असर केवल कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लाखों ड्राइवरों और करोड़ों यात्रियों तक पहुंचेगा।

सर्वे में क्या सामने आया?

Esya Centre के अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश ड्राइवर उन प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता देते हैं जहां उन्हें हर राइड पर कमीशन देने के बजाय एक निश्चित शुल्क देकर प्लेटफॉर्म से जुड़ने का विकल्प मिलता है। ऐसे मॉडल में ड्राइवर किराए की पूरी राशि अपने पास रख सकते हैं और उनकी आय पर अपेक्षाकृत कम दबाव पड़ता है।

सर्वे के अनुसार 75 फीसदी से अधिक ड्राइवरों ने कहा कि यदि अतिरिक्त टैक्स का बोझ बढ़ता है तो उनकी वास्तविक कमाई कम हो जाएगी। कई ड्राइवरों ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें वैकल्पिक रोजगार की तलाश करनी पड़ सकती है। दूसरी ओर, लगभग दो-तिहाई यात्रियों का मानना है कि यदि किराया बढ़ता है तो वे ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं का उपयोग कम कर देंगे।

Esya Centre की डायरेक्टर मेघना बाल ने कहा कि टैक्स नीति में किसी भी बदलाव का प्रभाव केवल प्लेटफॉर्म कंपनियों पर नहीं पड़ता, बल्कि यह ड्राइवरों की आय, यात्रियों की सुविधा और पूरे शहरी परिवहन तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

वर्तमान में कैसे लगता है GST?

वर्तमान व्यवस्था में Uber और Ola जैसी अधिकांश ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर यात्रियों से कुल किराए का 5 फीसदी GST लिया जाता है। यह टैक्स यात्रा शुल्क का हिस्सा होता है और ऐप एग्रीगेटर कंपनियां इसे सरकार के पास जमा कराती हैं।

मौजूदा कमीशन आधारित मॉडल में प्लेटफॉर्म कंपनियां इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं ले सकतीं। ऐसे में टैक्स से जुड़ी अतिरिक्त लागत का प्रभाव अंततः पूरे बिजनेस मॉडल पर पड़ सकता है। यदि भविष्य में टैक्स नियमों में बदलाव होता है या अतिरिक्त GST का बोझ बढ़ता है तो कंपनियों और ड्राइवरों दोनों को अपनी लागत संरचना में बदलाव करना पड़ सकता है।

ड्राइवरों की कमाई पर क्यों बढ़ रहा है दबाव?

पिछले कुछ वर्षों में ऐप आधारित टैक्सी ड्राइवरों की आय पर कई तरह के दबाव बढ़े हैं। पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने परिचालन लागत बढ़ाई है। इसके अलावा वाहन की EMI, बीमा, सर्विसिंग और मेंटेनेंस पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।

उदाहरण के तौर पर यदि कोई ड्राइवर प्रतिदिन 2,500 से 3,000 रुपये का कारोबार करता है तो उसमें से ईंधन, वाहन रखरखाव, EMI और अन्य खर्च निकालने के बाद वास्तविक बचत काफी कम रह जाती है। ऐसे में टैक्स या शुल्क से जुड़ी कोई भी अतिरिक्त लागत उसकी मासिक आय को और प्रभावित कर सकती है।

कई ड्राइवरों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राइड की संख्या बढ़ने के बावजूद उनकी वास्तविक कमाई में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। यदि टैक्स का अतिरिक्त दबाव आता है तो यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

यात्रियों पर क्या होगा असर?

यदि टैक्सी सेवाओं की लागत बढ़ती है तो इसका असर यात्रियों के किराए पर भी दिखाई दे सकता है। आमतौर पर कंपनियां बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। इसका मतलब है कि दैनिक यात्रा करने वाले लोगों को अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों और बड़े शहरों में ऑफिस आने-जाने वाले यात्रियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। यदि किराया लगातार बढ़ता है तो लोग मेट्रो, बस या अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

सर्वे में शामिल कई यात्रियों ने भी माना कि किराया बढ़ने की स्थिति में वे ऐप आधारित कैब सेवाओं का उपयोग सीमित कर देंगे और केवल जरूरी यात्राओं के लिए ही इनका इस्तेमाल करेंगे।

ऐप आधारित टैक्सी उद्योग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

भारत में ऐप आधारित टैक्सी उद्योग पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है। Uber और Ola जैसी कंपनियों ने शहरी परिवहन को काफी हद तक बदल दिया है। लाखों ड्राइवर इन प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग रोजाना इन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।

इस क्षेत्र में किसी भी तरह के टैक्स या नियामकीय बदलाव का असर व्यापक हो सकता है। यदि ड्राइवरों की आय घटती है तो प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ड्राइवरों की संख्या कम हो सकती है। वहीं यदि किराया बढ़ता है तो यात्रियों की मांग में कमी आ सकती है। दोनों स्थितियां उद्योग की वृद्धि को प्रभावित कर सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नीति निर्माताओं को ऐसे किसी भी बदलाव पर निर्णय लेते समय ड्राइवरों, यात्रियों और प्लेटफॉर्म कंपनियों तीनों के हितों को ध्यान में रखना होगा।

क्या ड्राइवर वास्तव में दूसरा काम तलाश सकते हैं?

सर्वे के निष्कर्ष बताते हैं कि बड़ी संख्या में ड्राइवर अपनी आय को लेकर चिंतित हैं। कई ड्राइवरों ने कहा कि यदि अतिरिक्त लागत के कारण कमाई में उल्लेखनीय गिरावट आती है तो वे डिलीवरी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स सप्लाई या अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाश सकते हैं।

हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पूरी तरह टैक्स नीति पर निर्भर करेगी। यदि लागत बढ़ने के बावजूद कंपनियां और सरकार ऐसा मॉडल तैयार करती हैं जिससे ड्राइवरों की आय सुरक्षित रहे, तो बड़े पैमाने पर ड्राइवरों के प्लेटफॉर्म छोड़ने की संभावना कम हो सकती है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल अतिरिक्त GST को लेकर चर्चा जारी है और अंतिम नीति संबंधी फैसलों पर सभी की नजर बनी हुई है। टैक्सी उद्योग से जुड़े हितधारकों का मानना है कि किसी भी बदलाव से पहले उसके आर्थिक प्रभाव का व्यापक अध्ययन जरूरी है।

यदि टैक्स का बोझ बढ़ता है तो किराए में वृद्धि, ड्राइवरों की आय में कमी और यात्रियों की मांग में गिरावट जैसे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं संतुलित नीति अपनाए जाने पर उद्योग की वृद्धि और रोजगार दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

ऐसे में आने वाले महीनों में टैक्सी एग्रीगेटर सेक्टर से जुड़ी नीतियां न केवल ड्राइवरों बल्कि रोजाना कैब सेवाओं का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होंगी.

FAQs

क्या Uber और Ola का किराया बढ़ सकता है?

यदि टैक्स या परिचालन लागत बढ़ती है तो कंपनियां किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

ड्राइवर अतिरिक्त GST का विरोध क्यों कर रहे हैं?

ड्राइवरों का कहना है कि इससे उनकी वास्तविक कमाई कम हो सकती है और परिचालन लागत बढ़ सकती है।

Esya Centre के सर्वे में कितने लोग शामिल थे?

सर्वे 13 शहरों में 1,000 से अधिक ड्राइवरों और यात्रियों पर किया गया।

यात्रियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

किराया बढ़ने की स्थिति में यात्रियों का खर्च बढ़ सकता है और कई लोग कैब बुकिंग कम कर सकते हैं।

क्या ड्राइवर वास्तव में दूसरा रोजगार तलाश सकते हैं?

सर्वे में शामिल कई ड्राइवरों ने कहा कि आय घटने पर वे अन्य रोजगार विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

You Might Also Like

Govt Divestment Target: ईरान युद्ध से बढ़ा सब्सिडी का दबाव, सरकार ने 2 महीने में जुटाए ₹20,000 करोड़, अब NLC India की बारी

Coal Exchange Rules 2026: अब बाजार तय करेगा कोयले के दाम, देश में खुलेंगे कोल एक्सचेंज

दिल्ली की सबसे ऊंची बिल्डिंग, मेट्रो से कनेक्टिविटी… फिर भी नहीं मिल रहे DDA की योजना को खरीदार, आखिर क्या है वजह?

Success Story: ‘कहीं नौकरी छोड़कर गलती तो नहीं कर दी?’… फिर Instagram ने बदली किस्मत, आज एक दिन में ₹92,000 की बिक्री करता है यह रेस्टोरेंट

Education Loan: बिना गारंटी के मिलेगा ₹20 लाख तक का एजुकेशन लोन! सरकार कर रही बड़ा बदलाव, लाखों छात्रों को होगा फायदा

TAGGED: App Based Taxi, business news, Cab Services, Driver Income, Esya Centre, GST, Ola, Taxi Fare, Uber
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article petrol-price-today-10-june-2026-petrol-diesel-rate-crude-oil-rise Petrol Price Today: फिर महंगा हुआ क्रूड, दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 पर स्थिर, क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
Next Article sundar-pichai-birthday-net-worth-salary-google-ceo Sundar Pichai Birthday: 54 साल के हुए सुंदर पिचाई, जानिए कितनी है नेटवर्थ, सैलरी और कैसे बने गूगल के सबसे ताकतवर CEO

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

Recent Posts

  • Govt Divestment Target: ईरान युद्ध से बढ़ा सब्सिडी का दबाव, सरकार ने 2 महीने में जुटाए ₹20,000 करोड़, अब NLC India की बारी
  • Coal Exchange Rules 2026: अब बाजार तय करेगा कोयले के दाम, देश में खुलेंगे कोल एक्सचेंज
  • दिल्ली की सबसे ऊंची बिल्डिंग, मेट्रो से कनेक्टिविटी… फिर भी नहीं मिल रहे DDA की योजना को खरीदार, आखिर क्या है वजह?
  • Success Story: ‘कहीं नौकरी छोड़कर गलती तो नहीं कर दी?’… फिर Instagram ने बदली किस्मत, आज एक दिन में ₹92,000 की बिक्री करता है यह रेस्टोरेंट
  • Education Loan: बिना गारंटी के मिलेगा ₹20 लाख तक का एजुकेशन लोन! सरकार कर रही बड़ा बदलाव, लाखों छात्रों को होगा फायदा

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?